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बिहार की लोकसभा सीटों का हालः पश्चिम चंपारण में BJP का दुर्ग भेदना महागठबंधन की चुनौती, कभी था मिनी चंबल

पश्चिम चंपारण कभी कांग्रेस का गढ़ हुआ करता था। 1962 के चुनाव में यहां से भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के कमलनाथ तिवारी ने जीत दर्ज की। इसके बाद उन्होंने 1967 और 1971 में जीत दर्ज की।

बिहार की लोकसभा सीटों का हालः पश्चिम चंपारण में BJP का दुर्ग भेदना महागठबंधन की चुनौती, कभी था मिनी चंबल
Sudhir Kumarसुधीर कुमार,बेतियाSat, 17 Feb 2024 04:18 PM
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राजनीति की उर्वर भूमि पश्चिम चंपारण लोकसभा क्षेत्र में दो जिलों के तीन-तीन विधानसभा क्षेत्र शामिल हैं। राष्ट्र और राज्य की सियासत में अहम इस सीट पर समय के साथ कई रंग चढ़े हैं। जिले के नौतन व बैरिया का दियारा क्षेत्र कभी मिनी चंबल के नाम से जाना जाता था। बेंत के जंगल के कारण ही जिला मुख्यालय का नाम बेतिया पड़ा। पूर्वी चंपारण में रक्सौल विधानसभा क्षेत्र की सीमा नेपाल से सटी है। गन्ने और चीनी की मिठास लिये छह विधानसभा वाला लोस क्षेत्र जटिलताओं से भरा है। इसके एक ओर सिकरहना और दूसरी ओर गंडक जैसी दो बड़ी नदी अधिकांश भू-भाग और लोगों को प्रभावित करती है। नौतन विधानसभा क्षेत्र के नौतन व बैरिया की बड़ी आबादी प्रत्येक साल गंडक में आनेवाली बाढ़ की त्रासदी झेलती है। पश्चिमी चंपारण का चनपटिया, पूर्वी चंपारण का सुगौली और नरकटिया सिकरहना नदी का दंश झेलने को विवश हैं।

रघुनाथ ने रोका था मदन का चौका 

इस सीट पर अब तक हुए 15 चुनावों में यहां की जनता ने नौ लोगों को संसद भेजा है। इनमें छह बार जायसवाल पिता-पुत्र ने मिलकर कमल खिलाया है। बारी-बारी से लगभग सभी दलों को मौका देने के बाद बीते सात में से छह चुनावों में भाजपा के स्व. मदन जायसवाल और उनके पुत्र डॉ. संजय जायसवाल ने जीत दर्ज की है। बीच में 2004 में राजद के रघुनाथ झा ने मदन जायसवाल को जीत का चौका लगाने से रोका था। फिर 2009 से लगातार तीन बार डॉ. संजय ने जीत दर्ज की है।

तीन सांसदों ने लगाई जीत की हैट्रिक 

पश्चिम चंपारण कभी कांग्रेस का गढ़ हुआ करता था। 1962 के चुनाव में यहां से भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के कमलनाथ तिवारी ने जीत दर्ज की। इसके बाद उन्होंने 1967 व 1971 में जीत दर्ज की। 1977 की लहर में जनता पार्टी से फजर्लुर रहमान ने कांग्रेस का किला दरका दिया। 1980 के चुनाव में भाकपा के पीतांबर सिन्हा ने जीत दर्ज की। 1984 के चुनाव में मनोज पांडे ने एक बार फिर से कांग्रेस की पताका लहरायी। यह अंतिम बार लोस क्षेत्र से कांग्रेस की जीत रही। 1989 में जनता दल के धर्मेश प्रसाद वर्मा और 1991 में फैयाजुल आजम ने जीत दर्ज की। 1996 से पश्चिम चंपारण क्षेत्र से मदन जायसवाल ने पहली बार कमल खिलाया। उसके बाद 1998 व 1999 में लगातार जीत दर्ज कर उन्होंने हैट्रिक लगाई। उनके चौका लगाने के सपने को राजद के रघुनाथ झा ने तोड़ा। 2009 में मदन जायसवाल के पुत्र ने भाजपा के टिकट पर जीत दर्ज की। इसके बाद लगातार तीन बार कमल खिलाने में वे सफल रहे।

अबतक के सांसद

वर्ष विजेता पार्टी

1962 कमलनाथ तिवारी आईएनसी

1967 कमलनाथ तिवारी आईएनसी

1971 कमलनाथ तिवारी आईएनसी

1977 फजर्लुर रहमान जनता पार्टी

1980 पीतांबर सिन्हा सीपीआई

1884 मनोज पांडेय आईएनसी

1989 धर्मेश प्रसाद वर्मा जनता दल

1991 फैयाजुल आजम जनता दल

1996 मदन प्रसाद जायसवाल भाजपा

1998 मदन प्रसाद जायसवाल भाजपा

1999 मदन प्रसाद जायसवाल भाजपा

2004 रघुनाथ झा राजद

2009 संजय जायसवाल भाजपा

2014 संजय जायसवाल भाजपा

2019 संजय जायसवाल भाजपा

मिनी चंबल में अब होने लगी खेती

मिनी चंबल के रूप में मशहूर बैरिया और नौतन के दियारा में गन्ना, धान, दलहन व सब्जी की फसलें मुख्य हैं। यहां के 80लोग खेती पर निर्भर हैं। दस्यु गिरोहों का सफाया हो चुका है। लोकसभा क्षेत्र में स्थित सुगौली और मझौलिया चीनी मिल चालू हैं। लेकिन, चनपटिया चीनी मिल वर्षों से बंद हैं। प्रत्येक चुनाव में यह मुद्दा बनता है, लेकिन चुनाव के साथ ही इसे भुला दिया जाता है। बैरिया प्रखंड स्थित ऐतिहासिक सरेया मन क्षेत्र की पहचान है, लेकिन इसका बड़ा हिस्सा सूख चुका है।

ये परियोजनाएं हुईं पूरी

● एनएच-727, पिपराकोठी-रक्सौल सड़क, ओवरब्रिज, रक्सौल बाइपास बना

● चनपटिया में इंडस्ट्रीयल भवन का निर्माण

● चैलाहा-जनता चौक टू लेन सड़क सुगौली होते हुए लौरिया तक

● जीएमसीएच, इंजीनियरिंग और पॉलिटेक्निक कॉलेज में निर्माण

● छपवा-बेतिया-नरकटियागंज एनएच चौड़ीकरण

● मुजफ्फरपुर-वाल्मीकिनगर रेलखंड के लोस क्षेत्र में दोहरीकरण

● कांग्रेस को 4, जनता दल को 2, जनता पार्टी व सीपीआई को 1-1 बार मौका

● दो जिलों के छह विधानसभा क्षेत्र आते हैं पश्चिम चंपारण लोकसभा क्षेत्र में

इन योजनाओं के पूरी होने की उम्मीद

● बेतिया-पटना एक्सप्रेस वे, बेतिया बाइपास सहित

● पखनाहा पुल सेवरही एनएच

● लौरिया-सुगौली मक्का इथेनॉल प्लांट

● बेतिया, सुगौली व रक्सौल मॉडल स्टेशन

● मंगलपुर तक गंडक में जलमार्ग


सांसद का दावा

एनएच-727, पिपराकोठी-रक्सौल एनएच, जीएमसीएच, बेतिया इंजीनियरिंग व मझौलिया पॉलिटेक्निक कॉलेज तैयार हो चुका है। अगले कार्यकाल में बेतिया-पटना एक्सप्रेस-वे, लैरिया व सुगौली मक्का इथेनॉल प्लांट सहित काम पूरा हो जाएगा। -डॉ. संजय जायसवाल, सांसद

विपक्ष का वार

एक भी नया उद्योग नहीं लगा। ट्रेन की समुचित सुविधा नहीं है। 40-50 लाख की आबादी के लिए एक इंटरसिटी पटना के लिए चलती है। वह भी 10 घंटे से अधिक समय लगाती है। पखनाहा-पिपरा और मधुबनी के पास गंडक नदी पर पुल निर्माण नहीं हो पाया। -साहेब हुसैन, जिलाध्यक्ष, राजद

जनता जनार्दन की राय

क्षेत्र में काम नहीं दिखता है। सिसवा सरेया पंचायत व मंझरिया को सांसद ने गोद लिया था। वहां कुछ खास नहीं हुआ। प्रखंड का आधा क्षेत्र कटाव की समस्या झेल रहा है। -रविकांत द्विवेदी, भितहां, बैरिया

चनपटिया-कुमारबाग समेत कई स्टेशनों का आधुनिकीकरण हुआ। कुमारबाग में इंडस्ट्रीयल भवन तैयार है। जिले में उद्योग की संभावना बढ़ी है। चनपटिया चीनी मिल अब भी बंद है। -विजय प्रसाद, चनपटिया

जिले के इंट्री प्वाइंट अमवा मन का पर्यटन स्थल के रूप में विकास हुआ। वाटर स्पोर्ट्स एडवेंचर के लिए यह हॉट स्पॉट बना है। इससे रोजगार बढ़ा है। -नीरज कुमार, अमवामन, मझौलिया

बीते पांच साल में हमारे प्रखंड क्षेत्र में सांसद की ओर से कराया गया कोई काम नहीं दिख रहा है। विकास के कई जरूरी कार्य लंबे समय से अटके पड़े हैं। -राधेश्याम चौधरी, डबरिया, नौतन

कुल मतदाता-   14,13,352
पुरुष मतदाता-   7,69,352
महिला मतदाता- 6,43,721
 

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