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सृजन घोटाला : कल्याण व डीआरडीए कार्यालय को 300 करोड़ नहीं लौटा रहे बैंक

वरीय संवाददाता, भागलपुरPublished By: Shivendra Singh
Sun, 25 Jul 2021 09:34 AM
सृजन घोटाला : कल्याण व डीआरडीए कार्यालय को 300 करोड़ नहीं लौटा रहे बैंक

सृजन घोटाले में कल्याण कार्यालय, स्वास्थ्य विभाग और डीआरडीए की राशि लौटाने के आदेश के बावजूद बैंकों ने 310 करोड़ रुपये नहीं लौटाए हैं। सर्टिफिकेट केस में कल्याण कार्यालय के पक्ष में डेढ़ साल पहले आदेश हुआ था। एक बार फिर नीलाम पत्र पदाधिकारी ने बैंकों को नोटिस भेजकर तीन अगस्त तक राशि वापस करते हुए प्रतिवेदन देने को कहा है। 

जिला कल्याण कार्यालय की 221 करोड़ 60 लाख 89 हजार 69 रुपये की अवैध निकासी हुई थी। तत्कालीन जिला कल्याण पदाधिकारी सुनील कुमार शर्मा ने राशि की वसूली के लिए इंडियन बैंक, बैंक ऑफ इंडिया सबौर शाखा, बैंक ऑफ इंडिया भागलपुर शाखा और बैंक ऑफ बड़ौदा के विरुद्ध नीलाम पत्र दायर किया था। नीलाम पत्र पदाधिकारी सह डीडीसी सुनील कुमार ने 24 फरवरी 2020 को कल्याण कार्यालय के पक्ष में आदेश देते हुए संबंधित बैंकों को एक माह के अंदर राशि लौटाने का आदेश दिया था। लेकिन 17 महीने बाद भी कल्याण कार्यालय को राशि वापस नहीं की गई है। इसी मामले में नीलाम पत्र पदाधिकारी ने बैंकों को निर्देश दिया है कि राशि वापस करते हुए तीन अगस्त को उपस्थित होकर प्रतिवेदन दें।

जिला कल्याण पदाधिकारी श्याम प्रसाद यादव ने बताया कि राशि वापस नहीं करने की जानकारी पूर्व में नीलाम पत्र पदाधिकारी को दी गयी थी। अभी तक बैंकों से राशि नहीं मिली है। बैंक ऑफ बड़ौदा के अधिवक्ता केशव झा ने बताया कि आदेश के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील की गयी है। अभी सुनवाई नहीं हुई है। 24 फरवरी को नीलाम पत्र पदाधिकारी ने स्वास्थ्य विभाग के पक्ष में आदेश देते हुए बैंक को 40 लाख रुपये वापस करने को कहा था लेकिन स्वास्थ्य विभाग को भी राशि नहीं मिली है। 

डीआरडीए को भी राशि वापस नहीं
डीआरडीए से 89 करोड़ रुपये की अवैध निकासी हुई थी। मामले में डीआरडीए निदेशक प्रमोद कुमार पांडेय ने राशि वसूली के लिए नीलाम पत्र दायर किया था। नीलाम पत्र पदाधिकारी ने 26 मार्च 2021 को डीआरडीए के पक्ष में आदेश देते हुए बैंकों को एक माह के अंदर राशि वापस करने का आदेश दिया था लेकिन चार माह बाद भी बैंकों से राशि वापस नहीं की है।

विभागीय कार्यवाही की सुनवाई पूरी नहीं
सात अगस्त 2017 को सृजन घोटाले की पहली प्राथमिकी नजारत शाखा ने दर्ज करायी थी। उसके बाद प्रशासन और बैंकों के कई पदाधिकारी और कर्मचारियों को गिरफ्तार किया गया। सृजन के आरोपी पदाधिकारी और कर्मियों के विरुद्ध विभागीय कार्यवाही चल रही है लेकिन अभी तक सुनवाई पूरी नहीं हो सकी है। भागलपुर में जिला परिषद के पूर्व नाजिर राकेश कुमार यादव, जिला भू-अर्जन कार्यालय के पूर्व नाजिर राकेश झा, नजारत शाखा के पूर्व सहायक नाजिर अमरेन्द्र कुमार सहित कई के विरुद्ध सुनवाई चल रही है।

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