DA Image
19 जनवरी, 2021|7:57|IST

अगली स्टोरी

RLSP का होगा JDU में विलय! नीतीश-उपेंद्र की मुलाकात के बाद अटकलें तेज

upendra kushwaha and nitish kumar

जतना दल यूनाइटेड के राष्ट्रीय अध्यक्ष और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से राष्ट्रीय लोक समता पार्टी के अध्यक्ष उपेन्द्र कुशवाहा की मुलाकात के बाद बिहार की राजनीति में नए सियासी संकेत उभरने लगे हैं। राजनीतिक हलके में चल रहीं अटकलों की मानें तो जल्द रालोसपा का जदयू में विलय हो सकता है। इस चर्चा को जदयू के प्रदेश अध्यक्ष सांसद बशिष्ठ नारायण सिंह के बयान से और बल मिला। दोनों नेताओं की मुलाकात के सवाल पर प्रदेश जदयू अध्यक्ष ने कहा कि दोनों नेता एक ही धारा से हैं। अगर दोनों एक साथ आ जाते हैं तो क्या हर्ज है। रालोसपा का विलय के सवाल पर प्रदेश अध्यक्ष यह कहते हुए बचने की कोशिश करते नजर आए कि कुछ कल पर भी छोड़िए। इंतजार कीजिए।

दरअसल, लोकसभा के बाद विधानसभा चुनाव में भी एक भी सीट नहीं जीत पाई रालोसपा अपनी राजनीतिक जमीन बचाने में जुटी है। इसी क्रम में पिछले दिनों रालोसपा प्रमुख ने एक अणे मार्ग में मुख्यमंत्री से मुलाकात की थी। रालोसपा प्रवक्ता राजेश यादव के अनुसार दोनों नेताओं की मुलाकात दो दिसम्बर की रात में ही हुई है। रालोसपा का जदयू के प्रति उपजा यह प्रेम सहसा नहीं है। हाल में संपन्न हुई 17वीं बिहार विधानसभा के पहले सत्र के अंतिम दिन 27 नवंबर को नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की टिप्पणी से सत्ताधारी दल के साथ ही रालोसपा प्रमुख उपेन्द्र कुशवाहा ने भी नाराजगी जताई थी। कुशवाहा ने तेजस्वी यादव के आचरण को अशोभनीय बताते हुए उनकी टिप्पणी को अमर्यादित बताया था। यह भी कहा था कि ऐसी घटनाओं में वे  सीएम नीतीश कुमार के साथ हमेशा खड़े रहेंगे। 

कुशवाहा के इसी बयान के बाद दोनों नेताओं के बीच मुलाकात हुई है। बहरहाल, दोनों नेताओं की मुलाकात के बाद अब यह कयास लगाए जा रहे हैं कि एक बार फिर रालोसपा प्रमुख जदयू का दामन थाम सकते हैं। ऐसा होने पर उपेन्द्र कुशवाहा को संगठन या सरकार में भी महत्वपूर्ण जिम्मेवारी की भी चर्चा है।

रालोसपा का इतिहास
रालोसपा का गठन साल 2013 में हुआ। 2014 के लोकसभा चुनाव में पार्टी एनडीए खेमे में शामिल होकर तीन में से तीनों सीट पर जीत हासिल की। 2015 के चुनाव में एनडीए में रहते हुए 23 सीटों में से दो पर जीत हासिल की। 2019 के लोकसभा चुनाव में पार्टी महागठबंधन में आ गई और पांच में से एक सीट पर भी जीत हासिल नहीं कर सकी। हाल के विधानसभा चुनाव में पार्टी ने महागठबंधन से नाता तोड़कर एक अलग फ्रंट बनाया और 104 सीटों पर चुनाव लड़ी, लेकिन एक सीट पर भी जीत हासिल नहीं हुई।

  • Hindi News से जुड़े ताजा अपडेट के लिए हमें पर लाइक और पर फॉलो करें।
  • Web Title:speculation of merger of rlsp in jdu intensifies after upendra kushwaha meeting with nitish kumar in patna