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बिहारअस्पताल में बुजुर्ग पिता को भर्ती कर फरार हुआ बेटा, पता और मोबाइल नंबर भी गलत लिखाया

बोकारो प्रतिनिधिPublished By: Yogesh Yadav
Mon, 24 May 2021 10:19 PM
अस्पताल में बुजुर्ग पिता को भर्ती कर फरार हुआ बेटा, पता और मोबाइल नंबर भी गलत लिखाया

आरबीएन अस्पताल को-ऑपरेटिव कॉलनी में 70 वर्षीय बीमार पिता को भर्ती कर कलयुगी पुत्र फरार हो गया। बुजुर्ग के इलाज के बाद अस्पताल प्रबंधन ने जब बेटे के दिये मोबाईल नंबर पर फोन किया तो गलत पाया। फिर दिए गए पते पर ऑटो से बुजुर्ग को ले जाया गया तो पता चला कि बेटे ने गलत ठिकाना लिखवाया था। वापस बीमार बुजुर्ग को अस्पताल लाया गया। उनके रहने खाने की व्यवस्था के उपरांत इस अमानवीय घटना की जानकारी सिटी डीएसपी कुलदीप कुमार को दी गई। सिटी डीएसपी के पहल पर हरला थाना के इंस्पेक्टर जयगोविंद प्रसाद गुप्ता ने सामाजिक सरोकार व मानवीय पहलू को ध्यान में रखते हुए पिता की तस्वीर के सहारे बुजुर्ग के कलयुगी बेटे को ढूंढ निकाला। 

बुजुर्ग के सक्षम बेटे
पुलिस को पता चला कि बुजुर्ग ने रातदिन पसीना वहा कर दो बेटों को अच्छी शिक्षा के साथ उनका परवरिश किया। दोनों बेटे बोकारो इस्पात संयंत्र (बीएसएल) के कर्मचारी है। अब दोनों मानसिक व शारीरिक रूप से कमजोर हो चुके बुजुर्ग पिता को जीवन के अंतिम पड़ाब में खुश रखने व सेवा करने के बजाय उन्हे रखने में असमर्थता जता रहे हैं। जब हरला पुलिस बुजुर्ग को लेकर बेटे के पास पंहुची, तो बेटे ने उन्हें पहचानने से इनकार कर दिया। फिर पुलिस ने इंसानी रिश्ते के फर्ज व मानवता के पाठ के साथ कानूनी पहलू समझाया। तब जाकर बेटे ने दबाव के बीच बेमन से बुजुर्ग पिता को घर मे दाखिल होने दिया। 

क्या है कानूनी प्रावधान
हाईकोर्ट के वकील रंजीत गिरी ने कहा कि द0प्र0स0 की धारा 125 के अंतर्गत मेंटेनेंस का प्रावधान किया गया है। फैमली कोर्ट आश्रित लाचार बुजुर्ग माता पिता को नजरअंदाज करने वाले संतान (बेटा/बेटी) से भरण पोषण दिलवाती है। बेटे का अपने माता पिता को न देखना कानून अपराध है। ऐसे में कोर्ट कलयुगी बेटे को जेल भेज सकती है, उसकी संपत्ति जप्त कर माता पिता को मेंटेनेंस दे सकती है। इसके अलावे जिन बुजुर्ग दम्पत्ति के संतान नही है, उनके भरण पोषण के लिए सरकार की कई योजनाएं क्रियाशील है, एनजीओ के माध्यम से भी राहत पंहुचाई जाती है।

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