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Hindi News बिहारताकि नहीं कटे आपके घर की बिजली, नीतीश सरकार कर रही 88 सौ करोड़ खर्च; कंपनी की स्टैटजी जानें

ताकि नहीं कटे आपके घर की बिजली, नीतीश सरकार कर रही 88 सौ करोड़ खर्च; कंपनी की स्टैटजी जानें

राज्य में अभी 164 ग्रिड सब-स्टेशन हैं। कंपनी ने 20 ग्रिड बनाने का निर्णय लिया है। ग्रिड सब-स्टेशन बनने पर संचरण लाइन की भी आवश्यकता होगी। कंपनी ने 28 सौ सर्किट किलोमीटर संचरण तार बिछाने का निर्णय लिया

ताकि नहीं कटे आपके घर की बिजली, नीतीश  सरकार कर रही 88 सौ करोड़ खर्च; कंपनी की स्टैटजी जानें
Sudhir Kumarहिंदुस्तान,पटनाThu, 15 Feb 2024 09:20 AM
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बिहार के लोगों को निर्बाध बिजली आपूर्ति के लिए बिहार की संचरण व्यवस्था को और दुरुस्त किया जाएगा। इसके लिए बिजली कंपनी ने डेढ़ दर्जन और ग्रिड बनाने का निर्णय लिया है। संचरण तार बिछाए जाएंगे और पुराने पावर ट्रांसफॉर्मर को बदला जाएगा। इस मद में बिजली कंपनी ने 8800 करोड़ खर्च करने का निर्णय लिया है।

राज्य में अभी 164 ग्रिड सब-स्टेशन हैं। कंपनी ने 20 ग्रिड बनाने का निर्णय लिया है। ग्रिड सब-स्टेशन बनने पर संचरण लाइन की भी आवश्यकता होगी। इसके लिए कंपनी ने 28 सौ सर्किट किलोमीटर संचरण तार बिछाने का निर्णय लिया है। इस मद में 56 सौ करोड़ खर्च होंगे। 50 ग्रिडों के पावर ट्रांसफॉर्मर की क्षमता बढ़ाई जाएगी। इसके तहत 35 ग्रिडों की क्षमता 160 एमवीए की जाएगी, जबकि 15 ग्रिड की क्षमता 200 एमवीए की जाएगी। इस मद में 750 करोड़ खर्च होंगे। वहीं 180 पावर ट्रांसफॉर्मर की क्षमता वृद्धि की जाएगी। इसके तहत 130 पावर ट्रांसफॉर्मर को 50 एमवीए तो 30 ट्रांसफॉर्मर को 80 एमवीए किया जाएगा। इस मद में 1250 करोड़ खर्च होंगे।

क्षमता 18 हजार मेगावाट से अधिक की हो जाएगी

तार टूटने की घटनाएं रोकने के लिए कंपनी ने 500 सर्किट किलोमीटर पुराने तार बदलने का निर्णय लिया है। इस मद में 600 करोड़ खर्च होंगे। इसके साथ ही मौजूदा सभी ग्रिडों की मरम्मत की जाएगी। इसके लिए आवश्यक उपकरणों की खरीदारी की जाएगी। इस मद में 600 करोड़ खर्च किए जाएंगे। राज्य में अभी बिजली निकासी क्षमता 14 हजार मेगावाट की है। इन कार्यों के होने से बिहार में बिजली निकासी क्षमता 18 हजार मेगावाट से अधिक की हो जाएगी। इसके बाद बिहार में भविष्य की जरूरतों के अनुसार बिजली की आपूर्ति और बेहतर तरह से की जा सकेगी।

क्षमता बढ़ाने के लिए कई कार्य किए जा रहे

पांच साल के भीतर राज्य में 6482 सर्किट किलोमीटर तार बिछाए गए। इस अवधि में अधिकतम मांग में 3041 मेगावाट की वृद्धि हुई तो 6200 एमवीए संचरण क्षमता बढ़ाई गई। इसी अवधि में 802 सर्किट किमी संचरण तार बदले गए। 30 ग्रिड सब-स्टेशन का निर्माण हुआ। इन्हीं कार्यों के कारण बिजली कंपनी को पावर फाइनेंस कॉरपोरेशन की ओर से ए प्लस की रेटिंग दी गई। बिहार के स्टेट लोड डिस्पैच सेंटर को मध्यम श्रेणी में एक्सेलेंस अवार्ड मिला।

 

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