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बिहार में आम नागरिक की सुरक्षा का हाल; एक लाख की आबादी पर एक पुलिस थाना, इतने और थानों की जरूरत

बिहार में एक लाख की आबादी पर एक पुलिस थाना है। जबकि राष्ट्रीय स्तर पर औसतन कुल 75 हजार की आबादी पर एक थाना है। ऐसे में बिहार को अभी 400 और थानों की जरूरत है

बिहार में आम नागरिक की सुरक्षा का हाल; एक लाख की आबादी पर एक पुलिस थाना, इतने और थानों की जरूरत
Sandeepहिन्दुस्तान ब्यूरो,पटनाSun, 25 Feb 2024 10:22 PM
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बिहार में औसतन प्रति लाख की आबादी पर वर्तमान में एक थाना हो गया है। यह पूर्व में 1.17 लाख की आबादी पर हुआ करता था। राज्य में 176 नये थानों के गठन से औसत आबादी पर एक थाना की संख्या में बढोतरी हुई है। वहीं, यूपी में वर्तमान में 1526 थाना, झारखंड में 606 थाना, पश्चिम बंगाल में 444 थाना है। वहीं, राष्ट्रीय स्तर पर वर्तमान में औसतन कुल 75 हजार की आबादी पर एक थाना है। भारत में कुल 16,671 पुलिस थाने हैं। राज्य में राष्ट्रीय औसत के बराबर होने के लिए 400 अतिरिक्त थानों की जरूरत है। राज्य की 12 करोड़ की आबादी के लिए प्रति 75 हजार की आबादी पर कुल 1600 थानों की जरूरत होगी। 

बिहार में पुलिस चौकी के थाना बनने से बालू एवं शराब माफियों पर शिकंजा कसेगा। दियारा से लेकर घनी आबादी वाले इलाकों पर पुलिस प्रशासन की पकड़ बढ़ेगी। राज्य में पुलिस प्रशासन के साथ होने वाली झड़प पर भी तत्काल कार्रवाई की जा सकेगी। राज्य सरकार में पूर्व में 1036 थाना अधिसूचित थे, जबकि 176 पुलिस चौकी के थाना बनने के बाद राज्य में 1212 थाने हो गए है। दूसरी ओर राज्य सरकार द्वारा 1275 दारोगा एवं 21 हजार नये सिपाहियों की बहाली प्रक्रिया संचालित है। इनकी तैनाती से राज्य पुलिस बल की क्षमता में भी बढ़ोतरी होगी। 

पुलिस सूत्रों के अनुसार बालू के अवैध खनन से जुड़े छह प्रमुख जिले हैं। इनमें पटना, भोजपुर, रोहतास, वैशाली, सारण एवं कैमूर शामिल हैं। यहां पुलिस प्रशासन द्वारा लगातार अवैध खनन रोकने के लिए समकालीन अभियान संचालित किया जाता है। इन जिलों के अलावा औरंगाबाद एवं नवादा में भी बालू माफियाओं पर कार्रवाई की जाती है। इन सभी जिलों में पुलिस बल की एक-एक कंपनी पहले से तैनात की गयी है। 

पुलिस सूत्रों के अनुसार पिछले साल 22 अप्रैल से 27 मई तक संचालित किए गए विशेष अभियान के तहत राज्य में बालू माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई में प्रमुख उपलब्धियों वाले टॉप तीन जिलों को चिह्नित किया गया है। वाहनों की जब्ती में सारण, भोजपुर व पटना, गिरफ्तारी में सारण, पटना व नवादा, जब्त बालू में कैमूर, सारण व भोजपुर तथा जुर्माना वसूले जाने में सारण, भोजपुर व कैमूर अव्वल रहे। इनमें जिलों में 1770 वाहन 53 लाख सीएफटी बालू जब्ती एवं 98 करोड़ रुपये जुर्माना की वसूली की गयी थी। अब नए थानों के गठन से इसमें और तेजी आएगी। 

बालू वाले छह जिलों में बने 27 नये थाने

पटना-  आईआईटी अमहारा, पंचमहला, समयागढ़, चित्रगुप्त नगर, लहसुना 
भोजपुर- सिन्हा, गीधा, कृष्णागढ़, धोबहां, बबुरा 
सारण- पहलेजा, हरिहर नाथ व गौरा 
रोहतास- धौडाढ़, बडडी, यदुनाथपुर 
नवादा- बुंदेलखंड, कादिरगंज, शाहपुर, धमौल, रूपौ, सीतामढ़ी
वैशाली- रुस्तमपुर, बरॉटी, चांदपुरा, कटहरा, सहदेई

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