Shradh 2019 Gaya shraddh started with Pindadan in Godavari pond - Shradh 2019: गोदावरी तालाब में पिंडदान के साथ गया श्राद्ध शुरू DA Image

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Shradh 2019: गोदावरी तालाब में पिंडदान के साथ गया श्राद्ध शुरू

श्राद्ध

पितरों को मोक्ष दिलाने की कामना के साथ गुरुवार से पिंडदान शुरू हुआ। त्रिपाक्षिक गयाश्राद्ध करने वालों ने मुख्य रूप से पुनपुन घाट पर तर्पण कर पूर्वजों को मोक्ष दिलाने की कामना की। पुनपुन नहीं जाने वाले तीर्थयात्री गया शहर के गोदावरी तालाब में कर्मकांड शुरू किया। गोदावरी में खुले में बैठकर पिंडदानियों ने 21 कुलों के उद्धार के लिए श्राद्धकर्म किया। गोदावरी के बगल में स्थित चित्रगुप्त मंदिर परिसर की छांव में भी बैठकर पिंडदान किया। हालांकि संख्या काफी कम रही। फल्गु, देवघाट, गजाधर घाट पर भारी संख्या में पिंडदानी नजर आए। भाद्रपद्र पूर्णिमा यानी शुक्रवार को तीर्थयात्री फल्गु नदी में स्नान और तर्पण करेंगे। देवघाट पर पिंडदान के बाद गजाधर विष्णु और विष्णुपद मंदिर के गर्भगृह में स्थित विष्णुचरण का दर्शन-पूजन करेंगे।

पूर्वजों की आत्मा को स्वर्गलोक दिलाने की कामना लिए गयाधाम में पिंडदानियों का आना जारी है। बुधवार की रात से लेकर गुरुवार की सुबह तक तीर्थयात्रियों
का आना जारी रहा। गयापाल पंडों ने कहा कि देर रात तक मोक्षनगरी में करीब 25 हजार से अधिक पिंडदानियों के आने की सूचना है। इनमें अधिकतर
हरियाणा, राजस्थान, यूपी दिल्ली और मध्यप्रदेश के लोग शामिल हैं। तीर्थयात्री ट्रेन, बस के अलावा निजी गाड़ियों से आ रहे हैं। गुरुवार को आने वाले पिंडदानी गुरुवार से फल्गु से कर्मकांड शुरू करेंगे। इस दौरान कर्मकांडी गया पंचकोस में स्थित विभिन्न वेदियों पर जाकर पुरखों के लिए गयाश्राद्ध करेंगे। 

मेला क्षेत्र विष्णुपद इलाके में बढ़ी चहल-पहल

विष्णुपद इलाके का मेला क्षेत्र अंदर गया सहित विष्णुपद इलाकों की चहल-पहल काफी बढ़ गयी है। हजारों पिंडदानियों की आवाजाही से पूरे इलाके में गहमागहमी बनी हुई है। विष्णुपद मंदिर को विशेष रूप से सजाया-संवारा गया है। रंग-बिरंगी रोशनी से मंदिर की विशेष साज-सज्जा की गयी है। पितृपक्ष मेले का उद्घाटन होने के कारण विष्णुपद इलाके में खास रौनक रही। प्रशासनिक अधिकारी, गयावाल, तीर्थयात्रियों के अलावा स्थानीय लोग भी राजकीय मेले के उद्घाटन समारोह में शामिल हुए। विष्णुपद से लेकर चांदचौरा तक कई अस्थायी दुकानें खुल गईं हैं। अस्थायी शिविरों में पुलिस बल तैनात हुए। 

फल्गु और देघवाट पर उमड़ेगी तीर्थयात्रियों की भीड़ 

पितरों को मोक्ष दिलाने की कामना के साथ गुरुवार से पिंडदान शुरू हुआ। त्रिपाक्षिक गयाश्राद्ध करने वालों ने मुख्य रूप से पुनपुन घाट पर तर्पण कर पूर्वजों को मोक्ष दिलाने की कामना की। पुनपुन नहीं जाने वाले तीर्थयात्री गया शहर के गोदावरी तालाब में कर्मकांड शुरू कि या। गोदावरी में खुले में बैठकर पिंडदानियों ने 21 कुलों के उद्धार के लिए श्राद्धकर्म किया। गोदावरी के बगल में स्थित चित्रगुप्त मंदिर परिसर की छांव में भी बैठकर पिंडदान किया। हालांकि संख्या काफी कम रही। 

विष्णुपद परिसर में पहली बार खुला अस्थायी अग्निशमन केंद्र

गयाघाम में पितृपक्ष मेला 2019 के लिए बिहार अग्निशमन सेवाएं की ओर से पहली बार अस्थायी अग्निशमन केंद्र खोला गया। मेला क्षेत्र में कोई भी व्यक्ति किसी भी समय फायर स्टेशन के अलावा सब स्टेशन पर तत्काल सूचना दे सकते हैं। अग्निशमन पदाधिकारी एवं सहायक पदाधिकारियों के मोबाइल नंबर भी जारी किए गए हैं। किसी भी परिस्थिति में कोई भी सम्पर्क कर सकते हैं। सब ऑफिसर हनुमान राम ने बताया कि विष्णुपद मंदिर परिसर स्थित मुख्य पंडाल के पास 24 घंटे अस्थायी अग्निशमन केंद्र खुला रहेगा। तीन शिफ्टों में वर्दीधारण कर पदाधिकारी एवं कर्मचारी तैनात रहेंगे। उन्होंने बताया कि यह केंद्र गुरुवार से लेकर 28 सितंबर तक चलेगा। फायर बिग्रेड की टीम दिनरात मेला क्षेत्र की निगरानी करेगी। 

गयाश्राद्ध: फल्गु तट पर करें पिंडदान

भाद्रपद पूर्णिमा यानी शुक्र वार को विष्णुनगरी के फल्गु नदी के तट पर पिंडदान का विधान है। गयाधाम में गदाधर घाट से लेकर उत्तर मानस पितामहेश्वर घाट तक फल्गु तीर्थ माना गया है। वायुपुराण के अनुसार गयाधाम के ब्रह्म सरोवर के सामने से उत्तर मानस वेदी तक फल्गु का महत्व है। इस बीच कहीं भी फल्गु श्राद्ध करने का विधान है। जौ चूर्ण, चावल चूर्ण या दूध मिलाकर बने खीर से पिंड बनाने का विधान है। पिंड का आकार वेल, आंवले के समान हो। कर्मकांड के बाद पिंड को गौ माता को खिला दिया जाता है या बहते हुए जल में प्रवाहित कर देना है। पिंड के निर्माण में फल्गु के जल को पवित्र माना गया है। फल्गु तीर्थ का पूजन गंध पुष्प से
करने के बाद नदी के बालू से ही पांच बालू का पिंड बनाकर मंत्रोच्चार द्वारा पूजन करने का विधान है। पिंडदान के बाद गदाधर भगवान विष्ण और विष्णुपद
मंदिर के गर्भगृह में विष्णुचरण करना आवश्यक है।

इन नंबर पर कर सकते हैं डायल 

फायर ऑफिसर -अरविंद प्रसाद- 7485805959.
सब ऑफिसर -हनुमान राम- 9608695880.
सब ऑफिसर -मुखिया राम- 9969364811.
सब ऑफिसर प्रमोद कुमार सिंह - 9931958989.
सब ऑफिसर विनोद राम- 9939350949.
सब ऑफिसर संजय उपाध्याय- 8082546914.

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