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21 जनवरी, 2020|4:54|IST

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Shradh 2019: पितृ पक्ष में पीपल के पेड़ के पास जलाएं दीपक और चढ़ाएं जल

श्राद्ध के दिनों में पितर पृथ्वी लोक आते हैं और घर का बड़ा या छोटा अपने पुरखों का तर्पण करता है। ऐसा कहा जाता है कि तर्पण से उनकी प्यास बुझती है। इन दिनों पितरों को खुश करने के लिए कई नियमों का पालन भी किया जाता है। कहा जाता है कि पितरों के खुश रहने पर उनकी कृपा जीवनभर बनी रहती है। इस दौरान कुछ पितरों को खुश करने के लिए कुछ उपाय भी किए जा सकते हैं।

Shradh 2019: पूर्णिमा से शुरू हो गए श्राद्ध
श्राद्ध कर्म में स्थान का विशेष महत्व है। शास्त्रों में ऐसी जगहों के बारे में बताया गया कि जहां श्राद्ध एवं पिंडदान करने से पितरों को मुक्ति मिलती है। इन स्थानों में गया, प्रयाग, बद्रीनाथ आदि प्रमुख हैं। लेकिन जो लोग इन स्थानों पर किसी कारणवश नहीं जा पाते हैं वे लोग अपने घर के आंगन अथवा अपनी जमीन पर कहीं भी तर्पण कर सकते हैं। दूसरे की जमीन पर तर्पण करने से पितर तर्पण स्वीकार नहीं करते हैं। ऐसा न करने से पितर नाराज भी हो सकते हैं।

पितृ पक्ष के समय में संयमित भोजन का विशेष ध्यान रखना चाहिए।पितृ पक्ष के दौरान चना, मसूर, सरसों का साग, सत्तू, जीरा, काला नमक, लौकी, खीरा एवं बासी भोजन का त्याग करना चाहिए। जो व्यक्ति पितरों का श्राद्ध करता है, उन्हें पितृ पक्ष में ब्रह्मचर्य का पालन करना चाहिए। इसके साथ ही खान पान में भी पूर्णत: सात्विकता बरतनी चाहिए। कहा जाता है कि पीपल के पेड़ में पूर्वजों का वास होता है इसलिए पितृ पक्ष के दौरान पीपल के पेड़ की जड़ में जल चढ़ाना चाहिए और घी के दीपक जलाएं। मान्यता है ऐसा करने से पितर खुश हो जाते हैं।

पितृ पक्ष में पितरों का तर्पण करने के साथ ही पीपल के वृक्ष की जड़ को जल अवश्य अर्पित करना चाहिए। साथ ही शाम के वक्त दीपक जलाना चाहिए क्योंकि मान्यता है कि पीपल के पेड़ पर पूर्वजों का वास होता है।

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  • Web Title:Shradh 2019: Burn lamps and offer water near peepal tree in Pitru Paksha