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मुजफ्फरपुर कांड: स्वास्थ्य विभाग को बिना जानकारी दिए चल रहे थे अल्पावास गृह

मुजफ्फरपुर कांड

मुजफ्फरपुर में बालिका गृह व दत्तक गृह समेत अन्य किसी भी अल्पावास की जानकारी स्वास्थ्य विभाग के पास नहीं है। बाल संरक्षण इकाई व कल्याण विभाग से संचालित इन अल्पावास गृहों में इलाज व मेडिकल सुविधा को लेकर स्वास्थ्य विभाग से संपर्क नहीं किया गया। इसका खुलासा बिहार बाल अधिकार संरक्षण आयोग को दिए गए स्वास्थ्य विभाग के जवाब से हुआ है। सीएस डॉ. शिवचंद्र भगत ने आयोग की सचिव श्वेता मिश्रा को लिखित रूप से इसकी जानकारी दी है।

आयोग की सचिव ने छह जून को बालिका गृह, विशिष्ट गृह, दत्तक गृह समेत अन्य गृहों में बच्चों के बीमार होने की जानकारी दी। राज्य के तमाम सीएस को रोस्टर बनाकर डॉक्टरों से इलाज करने को कहा। इसपर मुजफ्फरपुर में जांच की गई तो इस तरह की चल रही संस्थाओं की जानकरी नहीं मिली। सीएस ने आयोग से इस तरह की संस्थाओं की पूरी जानकारी देने कहा है।

गौरतलब है कि 30 मई को बालिका गृह कांड का खुलासा हुआ। तीन जून को मुख्य आरोपित ब्रजेश ठाकुर को गिरफ्तार जेल भेज दिया गया। इसके बाद छह जून को अचानक आयोग की सचिव ने यह आदेश जारी कर दिया। खास बात यह रही कि आयोग ने बालिका गृह की लड़कियों को दूसरी जगह शिफ्ट करने के बाद उनके इलाज के लिए पहल करने को कहा। बताया जाता है कि मुजफ्फरपुर के साथ अन्य कई जिलों के स्वास्थ्य विभाग ने इस तरह की संस्थाओं के संचालन की जानकारी नहीं होने की सूचना दी है।

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  • Web Title:shelter home is running with informing to health department muzaffarpur girl shelter home sexual abuse case