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29 मई, 2020|1:43|IST

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पटना: केंद्र सरकार के सहयोग से आईजीआईएमएस में चमकी बुखार के लिए रिसर्च सेंटर बनेगा

aes muzaffarpur chamki bukhar

मुजफ्फरपुर और उसके आसपास के जिलों में कहर बरपाने वाली अबूझ बीमारी चमकी बुखार अब अबूझ नहीं नहीं रहेगी। इसके असली कारणों की पहचान कर हमेशा के लिए इस बीमारी को दूर करने का प्रयास शुरू हो गया है। इसके लिए आईजीआईएमएस में चमकी बुखार के लिए रिसर्च सेंटर बनेगा। 

राज्य सरकार और केंद्र सरकार की मदद से यहां पर जेनोमिक लैब बनने जा रही है। लगभग 10 करोड़ की लागत से डीएनए सिक्वेंसिंग मशीन की स्थापना होगी। आईजीआईएमएस के निदेशक प्रो. डॉ. एनआर विश्वास ने बताया कि जेनोमिक लैब में एईएस के असली कारणों की खोज हो सकेगी। डीएनए सिक्वेंसिंग लैब से चमकी बुखार से पीड़ित बच्चों व उनके परिवार के डीएनए का अध्ययन किया जाएगा। इसके लिए डॉक्टरों की टीम उन इलाके का दौरा कर सैंपल एकत्रित करेगी। 
ऐसे में जो बच्चे इस बीमारी के कारण मौत के मुंह में चले गए हैं, उनके परिजनों के सैंपल लिए जाएंगे। 

दूसरी कैटेगरी में उन बच्चों के सैंपल लिए जाएंगे, जो इससे ठीक होकर वापस घर लौट चुके हैं। इस अध्ययन के बाद एईएस के कारक जीन की खोज हो सकेगी। इसके बाद उसी के अनुसार इलाज करने में मदद मिलेगी और हमेशा के लिए इस बीमारी के प्रकोप से मुक्ति मिलेगी।  

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  • Web Title:Research center will be formed for Chamki bukhar AES acute encephalitis syndrome in IGIMS patna collaboration with central government Muzaffarpur Bihar