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बिहार में खाद की किल्लत बरकरार, किसान परेशान, सड़कों पर उतरी महिलाएं

पटना, हिन्दुस्तान टीमPublished By: Malay Ojha
Fri, 17 Sep 2021 09:47 PM
बिहार में खाद की किल्लत बरकरार, किसान परेशान, सड़कों पर उतरी महिलाएं

यूरिया का आयात कम होने से राज्य के किसानों की परेशानी बढ़ती जा रही है। जुलाई में आंवटन से एक लाख टन कम खाद बिहार को मिला। उसके बाद स्थिति सुधरी लेकिन कमी की भरपाई नहीं जा सकी। लिहाजा इसका लाभ व्यापारी उठा रहे हैं और किसान परेशान हैं। बाढ़ वाले कुछ जिलों को छोड़ दें तो रोज मारामारी की नौबत हो रही है। कई जगह प्रदर्शन हो रहे हैं। गया के फतेहपुर में महिलाएं भी सड़क पर उतर गईं। वहां पुलिस बुलानी पड़ी। खाद की आपूर्ति कम होने के कारण कालाबजारी रोकने के विभाग के प्रयास भी बहुत कामयाब नहीं हो पा रहे हैं। 

नालंदा में खाद के लिए हाहाकार मचा हुआ है। दो दिन पहले इस्लामपुर में खाद नहीं मिलने पर भड़के किसानों ने एक दारोगा की पिटाई कर दी थी। जिले के 20 में से 10 प्रखंडों में खाद का स्टॉक खत्म हो चुका है। गया में खाद की कमी से किसान परेशान हैं। दो दिन में अच्छी बारिश होने के बाद धान की फसल में खाद की जरूरत है। लेकिन, बाजार में खाद नहीं मिल रही। फतेहपुर में तो महिलाएं भी सड़क पर उतर आयीं। कई स्थानों पर प्रदर्शनकारियों के आक्रोशित होने की स्थिति में पुलिस को बुलाना पड़ा। 

जिलों से मिली जानकारी के अनुसार, कैमूर में आवंटन के बावजूद 10563 एमटी यूरिया अभी तक नहीं मिल सकी है। 27684 एमटी यूरिया की जरूरत है। लेकिन, गुरुवार तक 17121 एमटी ही यूरिया मिल सकी थी। किसान यूपी से खाद खरीदकर लाने पर मजबूर हो रहे हैं। भोजपुर में दो हजार से अधिक एमटी यूरिया उपलब्ध है, फिर भी किसानों के बीच यूरिया के लिए मारामारी है। औरंगाबाद जिले में भी जितनी खाद की जरूरत है, उतनी आपूर्ति नहीं हो रही है। 

सीवान में खाद की अब कमी दिखने लगी है तो सासाराम में डीएम के अश्वासन के बाद भी यूरिया की रैक नहीं पहुंच सकी है। जिले में 45 हजार मिट्रिक टन यूरिया की जरूरत है। सारण जिले में बाढ़ से अधिक प्रखंडों में खेती नहीं हो पाई। इससे पर्याप्त मात्रा में उर्वरक का स्टॉक बन गया है। बक्सर में यूरिया की कालाबाजारी शुरू हो गई है। किसानों को 266.50 रुपये की जगह 350 रुपये प्रति बोरी यूरिया मिल रही है। वैशाली जिले में खरीफ फसल की बुआई इस वर्ष अतिवृष्टि और बाढ़ के कारण काफी कम हुई है। इसके कारण उर्वरक की खपत भी कम हो गई है। जिले में 57 मिट्रिक टन यूरिया का भंडारण है।  

कृषि मंत्री ने अधिकारियों की पांच टीम बनाई, स्थिति की समीक्षा का निर्देश दिया

कृषि मंत्री अमरेन्द्र प्रताप सिंह ने गुरुवार को अधिकारियों की पांच टीम बनाकर स्थिति की समीक्षा करने का निर्देश दिया है। यह टीम कैमूर, रोहतास, भोजपुर, औरंगाबाद और गया जिले में खाद की आपूर्ति और वितरण की स्थिति की समीक्षा कर रिपोर्ट करेगी। खाद की कम आपूर्ति को लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी केन्द्र से बात की थी। कृषि मंत्री ने भी दिल्ली में केन्द्रीय मंत्री से मिलकर आपूर्ति तेज करने की मांग की थी। विभाग के स्तर से भी कई पत्र केन्द्र को भेजे गये हैं। इसके बाद स्थिति में कुछ सुधार हुआ, लेकिन पिछला बकाया नहीं मिलने से परेशानी जस की तस बनी है। मांग भी बढ़ गई है। उधर, केन्द्र ने सितंबर में अब तक 94 हजार टन खाद बिहार को दिया है। यह इस महीने के आवंटन का लगभग आधा है। हालांकि कृषि विभाग के अनुसार इस हफ्ते 13 से 15 रैक यूरिया और आने की उम्मीद है। यह खाद आ भी जाएगी तो पिछली कमी की भरपाई कठिन है। 

 

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