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149 वर्षों पर बना चंद्रग्रहण का दुर्लभ संयोग, इन राशियों पर पड़ेगा विशेष प्रभाव

आषाढ़  शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा मंगलवार को राजधानी में गुरु पूर्णिमा की धूमधाम होगी। आदि गुरु वेदव्यास के जन्म पर गुरु पूर्णिमा मनायी जाती है। सनातन धर्मावलंबियों में पूर्णिमा तिथि पर गंगा स्नान व दान की परंपरा है। गुरु वेदव्यास, नारद मुनि व भगवान शिव की पूजा-अर्चना की जाएगी। गुरुओं के स्वास्थ्य के लिए व अपने सौभाग्य के लिए श्रद्धालु पूजन व व्रत रखेंगे।  

गुरु पूर्णिमा पर 149 वर्षों बाद चंद्रग्रहण का दुर्लभ संयोग: ज्योतिषाचार्य पीके युग के मुताबिक गुरु पूर्णिमा पर 16-17 जुलाई की रात खंडग्रास चंद्रग्रहण लगेगा। यह शनि की राशि मकर पर लगेगा। यह दुर्लभ संयोग 149 वर्षों के बाद बना है। इसके पूर्व ऐसा संयोग 12 जुलाई 1870 को बना था। इसे भारत सहित ऑस्ट्रेलिया, अफ्रीका, एशिया, यूरोप और दक्षिण अमेरिका में देखा जा सकेगा। 

चंद्रग्रहण: 16-17 जुलाई
स्पर्श: रात 1.31 बजे से
मध्य: समय  3-01 बजे
मोक्ष: सुबह 4.30बजे 

नौ घंटे पहले लग जाएगा सूतक
ज्योतिषी प्रियेंदू प्रियदर्शी के मुताबिक सूतक ग्रहण लगने से नौ घंटे पहले से शुरू हो जाएगा। चंद्रग्रहण में गंगास्नान से एक हजार वाजस्नेय यज्ञ के समान फल की प्राप्ति होती है। चंद्रग्रहण से वृष, मिथुन, कन्या, तुला, मकर व कुंभ राशि के लोग प्रभावित होंगे। 

राशि के हिसाब से प्रभाव
मेष: धन लाभ, मान-सम्मान में वृद्धि
वृष: धन हानि, स्वास्थ्य प्रभावित
मिथुन: धैर्य की कमी, कार्य में देरी
कर्क: माता को कष्ट, संक्रमण
सिंह: मानसिक तनाव, कार्य में बाधा
कन्या: चिड़चिड़ापन, अधिकारी  से परेशानी
तुला: अप्रत्याशित लाभ, प्रेम संबंध बनेंगे
वृश्चिक: आलस्य, भाग्य में अवरोध
धनु: शारीरिक कष्ट, साझीदारी में परेशानी
मकर: संघर्ष,चोट-चपेट
कुंभ: कार्य सिद्धि, सम्मान
मीन: लंबी यात्रा, योजना प्रभावी होगी 

तीन ग्रहों के वक्री रहने से प्रतिकूल प्रभाव की आशंका 
ज्योतिषी युग के मुतबाकि इस समय ज्योतिष दुनिया में तीन महत्वपूर्ण बुध, गुरु व शनि वक्री चल रहे हैं, जबकि मंगल अपनी नीच की राशि में हैं। इससे प्राकृतिक आपदा जैसे बाढ़, तूफान, आदि से जनमानस के प्रभावित होने की आशंका है।

गणपति वंदना से लाभ मिलेगा
ज्योतिषी इंजीनियर प्रशांत कुमार के मुताबिक बुध गुरु और शनि के वक्री रहने से कन्या, मिथुन, मीन, धनु, कुंभ और मकर राशि वाले लोगों को ज्यादा सावधानी बरतनी चाहिए।  मिथुन एवं कन्या राशि वाले  उस दिन प्रात: ओम गण गणपतए नम: मंत्र का 108 बार जाप करें। धनु एवं मीन राशि वाले उस दिन पीले केले का दान करें।

पूर्णिमा पर गंगा स्नान से स्वास्थ्य लाभ
आचार्य राजनाथ झा ने चरक संहिता के हवाले से बताया कि पूर्णिमा पर गंगा स्नान स्वास्थ्य और आयुवर्द्धक है। ज्योतिषी विपेन्द्र झा माधव ने बताया कि गुरु पूर्णिमा पर पान के पत्ते,  नारियल, मोदक, कर्पूर, लौंग, इलायची के साथ पूजन करें।

गुरु की स्थिति ठीक नहीं होने से होती है परेशानी 
यदि कोई महादशा परेशान कर रही हो तो गुरु पूर्णिमा पर आसान उपाय द्वारा उसे दूर किया जा सकता है। व्यक्ति की कुंडली में गुरु की स्थिति शुभ नहीं है तो उसके जीवन में गुरु से संबंधित चीजों का अभाव रहता है।

चंदन, सफेद फूल से करें आराधना 
चंद्रग्रहण की स्थिति में सफेद फूल और चंदन से चंद्रमा और भगवान शिव की आराधना करें। दुर्गा सप्तशती का पाठ करें। गुरु को स्मरण करें। ग्रहण समाप्त होने के बाद स्नान कर लेना चाहिए। गंगाजल में ईत्र मिलाकर पूरे घर में छिड़काव करें, जिससे धनलक्ष्मी और सौभाग्य की प्राप्ति होगी। 

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  • Web Title:Rare coincidence of lunar eclipse formed in 149 years