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Hindi News बिहाररामकृपाल यादव पाटलिपुत्र में भाजपा का दुर्ग बचाने को मैदान में, लालू की बेटी मीसा भारती से तीसरी बार जंग

रामकृपाल यादव पाटलिपुत्र में भाजपा का दुर्ग बचाने को मैदान में, लालू की बेटी मीसा भारती से तीसरी बार जंग

पाटलिपुत्र लोकसभा सीट पर भाजपा प्रत्याशी रामकृपाल यादव अपना गढ़ बचाने के लिए फिर से मैदान में हैं। लालू प्रसाद यादव की बेटी मीसा भारती से उनका तीसरी बार मुकाबला होने जा रहा है।

रामकृपाल यादव पाटलिपुत्र में भाजपा का दुर्ग बचाने को मैदान में, लालू की बेटी मीसा भारती से तीसरी बार जंग
Jayesh Jetawatहिन्दुस्तान,पटनाTue, 28 May 2024 10:16 AM
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भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता रामकृपाल यादव बिहार के जाने-पहचाने चेहरे हैं। इस बार उन्हें भाजपा ने पाटलिपुत्र से लगातार तीसरी बार प्रत्याशी बनाया है। पटना नगर निगम के उपमहापौर से राजनीति में प्रवेश करने वाले रामकृपाल तीन बार राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) और और दो बार भाजपा के टिकट पर सांसद बन चुके हैं। चुनाव में वह दो बार आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की बड़ी बेटी मीसा भारती को हरा चुके हैं। तीसरी बार फिर उनका मुकाबला मीसा से ही है। उनके सामने  अपना दुर्ग बचाने की चुनौती है।

रामकृपाल यादव की पहचान सर्वसुलभ एवं सहज उपलब्ध नेता की रही है। क्षेत्र का कोई सामान्य नागरिक भी अपने घर के किसी समारोह में आने का आमंत्रण दे तो वह जरूर शामिल होते हैं। उन्होंने 10वीं की परीक्षा 1974 में और 1978 में स्नातक की परीक्षा पास की। रामकृपाल यादव की शुरू से ही राजनीति में रुचि थी। युवा अवस्था से ही छात्र आंदोलनों में सक्रिय रहे। वर्ष 1977 में अपनी राजनीतिक जीवन की शुरुआत की। 1977 में छात्र संघ के अध्यक्ष एवं विश्वविद्यालय के सिनेटर चुने गए। 1985 में नगर निगम के चुनाव में वार्ड संख्या-10 से पार्षद बने और पटना के उपमहापौर बने।

वर्ष 1993 में पहली बार सांसद बने रामकृपाल यादव पहली बार 1992 में बिहार विधान परिषद के सदस्य बने। 1993 में वह पहली बार राजद के टिकट पर लोकसभा सदस्य बने। फिर 1996 में दूसरी बार सांसद बने। 1998 से 2005 तक वह बिहार धार्मिक न्यास परिषद के अध्यक्ष रहे। 2004 में वह राजद के टिकट पर ही पटना से तीसरी बार सांसद बने। वर्ष 2010 में राष्ट्रीय जनता दल की ओर से राज्यसभा के सदस्य बने। 

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रामकृपाल यादव एक जमाने में बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और आरजेडी अध्यक्ष लालू प्रसाद के काफी करीबी रह चुके हैं। वह राजद के बड़े नेताओं में शुमार थे। पार्टी के तमाम अहम फैसलों में इनकी सक्रिय भागीदारी रहती थी।

2014 में भाजपा में शामिल 
साल 2014 में रामकृपाल यादव आरजेडी से पाटलिपुत्र लोकसभा क्षेत्र से टिकट चाह रहे थे। राजद से टिकट नहीं मिलने पर वह भाजपा में शामिल हो गए। भाजपा प्रत्याशी के रूप में वह पाटलिपुत्र लोकसभा क्षेत्र से 2014 में 16वीं लोकसभा के सदस्य चुने गए और केंद्र सरकार में पेयजल एवं स्वच्छता राज्यमंत्री बने। बाद में वह ग्रामीण विकास राज्यमंत्री भी बने। 2019 में वह भाजपा के टिकट पर दोबारा पाटलिपुत्र से सांसद चुने गए।

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सामाजिक समीकरण साध रहे 
पाटलिपुत्र लोकसभा क्षेत्र में 20 लाख से अधिक मतदाता हैं। इसमें पांच लाख से अधिक यादव वेाटर हैं। इसके बाद चार लाख कुर्मी तो तीन लाख भूमिहार वोटर हैं। दलित और मुस्लिम की भी ठीक-ठाक आबादी है। रामकृपाल के सामने सामाजिक समीकरणों को अपने पक्ष में करने की चुनौती है।

तीसरी बार मीसा से मुकाबला
इस बार भी पाटलिपुत्र सीट पर उनका मुकाबला आरजेडी अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव की पुत्री मीसा भारती से है। पिछले लोकसभा चुनाव में उन्होंने मीसा को 39,321 मतों से पराजित किया था। इस बार इंडिया गठबंधन ने इस सीट पर पूरा जोर लगा रखा है। इस लिहाज से मुकाबला कांटे का है।