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विश्वविद्यालयों के मामलों में शिक्षा विभाग की घुसपैठ पर एक्टिव हुआ राजभवन; CS को लिखा पत्र, एक्शन की मांग

शिक्षा विभाग और विश्वविद्यालयों को बीच जारी तनातनी थमी नहीं है। यूनिवर्सिटीज के मामलों में एजूकेशन डिपार्टमेंट की दखलअंदाजी पर राजभवन ने मुख्य सचिव को पत्र कर संबंधित अधिकारियों पर एक्शन की मांग की है

विश्वविद्यालयों के मामलों में शिक्षा विभाग की घुसपैठ पर एक्टिव हुआ राजभवन; CS को लिखा पत्र, एक्शन की मांग
Sandeepअरुण कुमार,पटनाSat, 02 Mar 2024 05:47 AM
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राजभवन ने शिक्षा विभाग द्वारा विश्वविद्यालयों को लिखे गये पत्र में उपयोग किये गये शब्दों पर कड़ी आपत्ति जताते हुए संबंधित पदाधिकारियों पर कार्रवाई करने को कहा है। इसको लेकर राज्यपाल के प्रधान सचिव रॉबर्ड एल चोंग्थू ने मुख्य सचिव आमिर सुबाहानी को पत्र लिखा है। राजभवन ने कहा कि विश्वविद्यालयों के वरिष्ठ पदाधिकारियों के बारे में अपशब्द का उपयोग करने वाले तथा जिनके निर्देश पर पत्र लिखा गया है, उनपर कार्रवाई करें। राजभवन ने अपने पत्र में कहा है कि पाटलिपुत्र, मगध और पूर्णिया विश्वविद्यालय के कुलपतियों ने कुलाधिपति से शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित 28 फरवरी की बैठक और दो-तीन मार्च को उन्मुखीकरण कार्यक्रम में जाने को लेकर मार्गदर्शन मांगा था। 

कुलाधिपति ने पदाधिकारियों के उक्त बैठक-कार्यक्रम में जाने की अनुमति नहीं दी। इसके बाद विभाग की उच्च शिक्षा निदेशक के द्वारा पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय के कुलपति को 21 फरवरी को पत्र लिखा गया कि बैठक में शामिल होने के लिए किसी अन्य प्राधिकार से मार्गदर्शन मांगना मूर्खतापूर्ण और अनुचित कदम है। इस पत्र में कुलपति को विभाग द्वारा चेतावनी दी गयी कि अगर वे उक्त बैठक में शामिल नहीं होंगे तो उनपर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। 

इस तरह के पत्र 24 फरवरी को पूर्णिया विश्वविद्यालय के कुलपति को भी विभाग ने भेजा, जिसमें उक्त अशोभनीय शब्दों का उपयोग किया गया था। राजभवन ने कहा है कि यह ध्यान देने की बात है कि कुलपति के द्वारा किसी अन्य प्राधिकार से मार्गदर्शन नहीं मांगा गया था, बल्कि कुलाधिपति से मांगा गया है। बिहार राज्य विश्वविद्यालय अधिनियम 1976 में कुलाधिपति को यह अधिकार दिया गया है कि वह कुलपति को मार्गदर्शन जारी करेगा। कुलाधिपति को विश्वविद्यालयों के हित में शैक्षणिक और प्रशासनिक आदेश जारी करने का अधिकार है। राजभवन ने विभाग के सचिव द्वारा 17 अगस्त, 2023 के पत्र पर भी आपत्ति जतायी है, जिसमें कुलपति-प्रतिकुलपति का वेतर रोक दिया गया था।

राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने राज्य के छह विश्वविद्यालयों की सीनेट की बैठक की तिथि अनुमोदित की है। बैठक की अध्यक्षता करने की भी स्वीकृति दी है। राज्यपाल सचिवालय की ओर से शुक्रवार को जारी आदेश के अनुसार केएसडीएस दरभंगा विवि की 12 मार्च, एलएनएम मिथिला विवि की 13, बीआरए मुजफ्फरपुर विवि की 14, अरबी-फारसी विवि की 17, जयप्रकाश विवि की 18 व बीएन मंडल मधेपुरा विवि की सीनेट की बैठक 19 मार्च को होगी।

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