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बिहार में इस साल बारिश तोड़ेगी दो दशक का रिकॉर्ड? मानसून कब देगा दस्तक, IMD ने बताया

पिछले दो दशक के दौरान प्रदेश में समय से पहले वर्ष 2006 में मानसून ने प्रवेश किया था। वहीं 2018 में सबसे देर से मानसून ने प्रवेश किया। इस साल भी मानसून तय समय से एक दिन पहले आने की संभावना है।

बिहार में इस साल बारिश तोड़ेगी दो दशक का रिकॉर्ड?  मानसून कब देगा दस्तक, IMD ने बताया
Sudhir Kumarआनंद सिंह कौशिक,पटनाSat, 18 May 2024 10:54 AM
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Bihar Weather Update: बिहार में दो दशक बाद इस बार मानसून की बारिश रिकॉर्ड तोड़ सकती है। प्रदेश में 2004 से 2023 के दौरान वर्ष 2007 में मानसून की बारिश सामान्य से लगभग 30 प्रतिशत अधिक हुई थी। मौसम विभाग के अनुसार, इस वर्ष ला-नीना का प्रभाव होने और अंडमान-निकोबार में समय से पूर्व मानसून के दस्तक देने के कारण सूबे में सामान्य से अधिक बारिश होने की संभावना है।

प्रदेश में पिछले दो वर्ष से मानसून की बारिश सामान्य से लगभग 23 प्रतिशत कम हुई। इस कारण सूबे का ज्यादातर हिस्सा सूखे की चपेट में रहा। लोगों को भीषण गर्मी का सामना करना पड़ा था। पिछले वर्ष प्रदेश के 29 जिलों में मानसून की कम और 8 जिलों में अच्छी बारिश हुई थी, जबकि बांका में सामान्य से 60 प्रतिशत अधिक बारिश हुई थी।

ला-नीना और अल-नीनो का यह होता है असर 

प्रशांत महासागर के तापमान को तीन भागों में बांटा गया है। पहला, समुद्र का सामान्य तापमान से 0.5 से -0.5 के बीच में रहता है। इसे नेचुरल फेज कहते हैं। दूसरा, समुद्र के सामान्य तापमान से 0.5 से अधिक गर्म होने पर अल-नीनो और तीसरा- समुद्र के सामान्य तापमान से 0.5 से अधिक ठंडा होने पर ला-नीना कंडीशन बनता है। अल-नीनो का प्रभाव पड़ने पर मानसून की बारिश दक्षिण अमेरिका महाद्वीप के रास्ते पेरू और ब्राजील की तरफ शिफ्ट हो जाती है। इस कारण भारत में कम बारिश होती है। वहीं ला-नीना में ठंडा होने पर बारिश की ट्रैड विंड मजबूत होता है। इस कारण भारत में अच्छी बारिश होती है। जब भी ला-नीना कंडीशन बना है, तो भारत में मानसून की अच्छी बारिश हुई है।

2006 में पहले और 2018 में देरी से आया था मानसून

मौसम विभाग से उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार पिछले दो दशक के दौरान प्रदेश में समय से पहले वर्ष 2006 में मानसून ने प्रवेश किया था। वहीं 2018 में सबसे देर से मानसून ने प्रवेश किया। 2006 में मानसून प्रवेश करने की निर्धारित तिथि 10 जून थी, लेकिन निर्धारित समय से तीन दिन पहले ही यह 6 जून को प्रवेश कर गया। 2018 में मानसून प्रवेश करने की निर्धारित तिथि 10 जून थी, लेकिन 14 दिन की देरी से 25 जून को मानसून का प्रवेश हुआ था।

वर्ष              सामान्य          बारिश हुई

2004            1024.3         0934

2005            1024.3         0853

2006            1024.3         0913

2007            1024.3       1343

2008            1024.3       1043

2009            1024.3        0752

2010            1024.3         0796

2011            1027.6         1059

2012            1027.6         0813

2013            1027.6          0722

2014            1027.6         0849

2015            1027.6         0745

2016            1027.6          0975

2017            1027.6          0937

2018            1027.6          0771

2019            1017.2          1050

2020            1017.2          1272

2021           1017.2           1044

2022            0992.2           0683

2023            0992.2           0760

2023 में इन जिलों में हुई थी अच्छी बारिश

2023 में मानसून की बारिश आठ जिलों में सामान्य से अधिक हुई। जिसमें भागलपुर, जमुई, कटिहार, खगड़िया, लखीसराय, मुंगेर, समस्तीपुर और शेखपुरा जिला था। अन्य जिलों में सामान्य से कम बारिश हुई।