ट्रेंडिंग न्यूज़

Hindi News बिहारBPSC शिक्षक बहाली रिजल्ट के बाद बढ़ी परेशानी, पुराने हाई स्कूलों में कम पड़ जाएंगे टीचर; जानें कैसे

BPSC शिक्षक बहाली रिजल्ट के बाद बढ़ी परेशानी, पुराने हाई स्कूलों में कम पड़ जाएंगे टीचर; जानें कैसे

बीपीएससी शिक्षक बहाली परीक्षा का रिजल्ट जारी होने के बाद एक नई परेशानी खड़ी हो गई है। नियोजित शिक्षकों के राज्यकर्मी बनने से बिहार के पुराने हाईस्कूलों में टीचर कम पड़ जाएंगे।

BPSC शिक्षक बहाली रिजल्ट के बाद बढ़ी परेशानी, पुराने हाई स्कूलों में कम पड़ जाएंगे टीचर; जानें कैसे
Jayesh Jetawatहिन्दुस्तान,पटनाFri, 20 Oct 2023 10:39 AM
ऐप पर पढ़ें

BPSC Teacher Recruitment Bihar: बीपीएससी शिक्षक बहाली परीक्षा का रिजल्ट आने के बाद पूरे बिहार के स्कूलों में 1.22 लाख से ज्यादा नए टीचरों की तैनाती संभव हो सकेगी। हालांकि, इस बहाली के बाद एक नई परेशानी पैदा हो गई है। स्कूलों में पहले से सेवा दे रहे कई नियोजित शिक्षकों ने भी बीपीएससी की परीक्षा दी और वे पास हो गए। अब उनकी तैनाती नए प्रमोटेड हाई और प्लस टू स्कूलों में की जाएगी। इससे पुराने स्कूलों में शिक्षक कम पड़ जाएंगे।

सुपौल जिले के तेजेंद्र उच्च माध्यमिक विद्यालय बरुआरी में 11वीं और 12वीं के कुल सात नियोजित शिक्षक हैं। इन 7 में से 6 नियोजित शिक्षक बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) द्वारा ली गई शिक्षक नियुक्ति परीक्षा में शामिल हुए और सभी सफल हो गए हैं। अब, ये नए स्कूल में नियुक्त होंगे। इसके बाद यहां 11वीं और 12वीं में सिर्फ एक पुराने शिक्षक बच जाएंगे। इस तरह के मामले राज्य के सभी जिलों के कई पुराने हाई एवं प्लस टू स्कूलों में हैं। वहीं, दूसरी ओर नई नियुक्ति में अधिकतर पद नव उत्क्रमित हाई स्कूलों में दिए गए हैं, क्योंकि यहां पूर्व से शिक्षक बहुत कम थे। ऐसे में पुराने हाई स्कूलों में शिक्षकों की संख्या कम हो जाएगी।

मालूम हो कि राज्य के माध्यमिक और उच्च माध्यमिक स्कूलों में नियोजित शिक्षकों की संख्या करीब 43 हजार है। इनमें बड़ी संख्या में आयोग द्वारा ली गई परीक्षा में शामिल हुए हैं। विभाग इस बात की वास्तविक जानकारी प्राप्त कर रहा है कि कितने नियोजित शिक्षक परीक्षा में सफल हुए हैं। चूकि आयोग द्वारा ली जा रही बहाली में शिक्षकों को राज्यकर्मी का दर्जा है। साथ ही इनका वेतनमाम भी नियोजित से अधिक है। यही कारण है कि नियोजित शिक्षक भी नई नियुक्ति परीक्षा में शामिल हुए।

सबसे बड़ी शिक्षक भर्ती के बाद भी नहीं मिले काबिल टीचर, 48 हजार पद खाली

शिक्षा विभाग ने अपनी नियमावली में इसकी छूट भी दी थी। राज्य में माध्यमिक-उच्च माध्यमिक स्कूलों की संख्या करीब 9000 है। इनमें करीब आधे नव उत्क्रमित स्कूल हैं। इधर आयोग द्वारा ली गई परीक्षा में माध्यमिक और उच्च माध्यमिक में नई नियुक्ति में राज्यभर में 49,905 अभ्यर्थी सफल हुए हैं। इनकी काउंसिलिंग भी शुरू कर दी गई है। काउंसलिंग के साथ ही इन शिक्षकों को प्रारंभिक प्रशिक्षण के लिए भी भेजा जा रहा है।
 

हिन्दुस्तान का वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें