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बिहार के प्रियांश का तीरंदाजी में जलवा, शंघाई वर्ल्ड कप में भारत को दिलाया गोल्ड और सिल्वर

चीन के शंघाई में आयोजित तीरंदाजी वर्ल्ड कप स्टेज 1 में बिहार के प्रियांश ने भारत को गोल्ड और सिल्वर मेडल जिताया है। प्रियांश मूलरूप से बेगूसराय जिले के रहने वाले हैं।

बिहार के प्रियांश का तीरंदाजी में जलवा, शंघाई वर्ल्ड कप में भारत को दिलाया गोल्ड और सिल्वर
Jayesh Jetawatलाइव हिन्दुस्तान,बेगूसरायSat, 27 Apr 2024 07:24 PM
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बिहार के तीरंदाज प्रियांश ने एक बार फिर तीरंदाजी में अपना कमाल दियाया है। चीन के शंघाई में हो रहे तीरंदाजी वर्ल्ड कप स्टेज-1 में प्रियांश ने दो मेडल अपने नाम किए हैं। टीम इवेंट में उन्होंने अभिषेक वर्मा और प्रथमेश के साथ मिलकर खेलते हुए भारत के लिए स्वर्ण पदक जीता। इस मुकाबले में भारत ने नीदरलैंड को मात दी। इसके अलावा प्रियांश ने व्यक्तिगत स्पर्द्धा में भी रजत पदक यानी सिल्वर मेडल हासिल किया। व्यक्तिगत स्पर्द्धा में प्रियांश का मुकाबला ऑस्ट्रिया के नीको वाइनर के साथ हुआ।

तीरंदाजी वर्ल्ड कप चार स्टेज में होता है। इसका पहला स्टेज चीन के शंघाई में खेला गया। दूसरा स्टेज दक्षिण कोरिया में खेला जाएगा। तीसरा स्टेज तुर्की तो चौथा अमेरिका में होगा। शंघाई में मेडल जीतने के साथ ही प्रियांश ने तीरंदाजी वर्ल्ड कप के तीसरे और चौथे स्टेज के लिए भी क्वालिफाई कर लिया है। अब इस चैंपियनशिप के अलग-अलग दौर में उन्हें और मेहनत करनी होगी ताकि व्यक्तिगत स्पर्द्धा में भी भारत के लिए स्वर्ण पदक यानी गोल्ड मेडल जीत सकें।

प्रियांश ने साल 2023 के यूथ वर्ल्ड चैंपियन भी हैं, जबकि 2022 में उन्होंने राष्ट्रीय चैंपियनशिप का खिताब अपने नाम किया था। प्रियांश वैसे तो दिल्ली में रहते हैं और दिल्ली स्टेट के लिए खेलते हैं। मगर बिहार के बेगूसराय से उनका गहरा नाता है। उनके पिता राकेश कुमार बेगूसराय जिले के रहने वाले और वरिष्ठ पत्रकार हैं। 

शंघाई में आयोजित तीरंदाजी वर्ल्ड कप स्टेज 1 में प्रियांश की सफलता को देखकर बेगूसराय के सर्वोदय नगर में रहने वाले उनके चाचा एडवोकेट संजय कुमार बेहद खुश नजर आए। उन्होंने कहा कि प्रियांश ने 10वीं से तीरंदाजी सीखना शुरू किया था और बेहद कम समय में वो एक अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ी बन गया। उन्हें गर्व है कि उनका भतीजा देश के लिए खेलता है।