नालंदा की है अंतरराष्ट्रीय पहचान : राष्ट्रपति
राजगीर के आरआईसीसी में नालंदा विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित तीन दिवसीय धर्म धम्म सम्मेलन का उद्घाटन महामहिम राष्ट्रपति ने किया। उन्होंने कहा कि नालंदा की अंतरराष्ट्रीय पहचान है। यहां का इतिहास काफी...

राजगीर के आरआईसीसी में नालंदा विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित तीन दिवसीय धर्म धम्म सम्मेलन का उद्घाटन महामहिम राष्ट्रपति ने किया। उन्होंने कहा कि नालंदा की अंतरराष्ट्रीय पहचान है। यहां का इतिहास काफी प्राचीन है। भगवान बुद्ध के समय में यह क्षेत्र मगध के नाम से जाना जाता था। उस समय पाली भाषा का प्रचलन था। महामहिम ने कहा कि राजगीर आकर वे काफी खुश हैं। इस सम्मेलन में 11 देशों के डेलीगेट्स आये हैं। यह बहुत ही सराहनीय है। खासकर सम्मेलन के लिए जो समय निर्धारित किया है वह काफी अच्छा है।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि इतिहास के पन्नों पर धूल की परसत जमी हुई थी, जिसे सामने लाने की कोशिश की गयी है। उन्होंने कहा कि नालंदा अंतरराष्ट्रीय विद्यालय के पास स्टेट हाउस बनाया जाएगा। इसके लिए जमीन की तलाश कर ली गयी है। इससे पहले स्वागत भाषण यूनिवर्सिटी ऑफ नालंदा की कुलपति प्रो. सुनैना सिंह ने की। सम्मेलन में शामिल होने के बाद राष्ट्रपति 4.10 में गया के लिए हेलीकॉप्टर से रवाना हो गये।


