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नक्सलवाद पर लगाम कसने की तैयारी, अमित साह संग हुई राज्यों की बैठक, सीएम नीतीश बोले- पुलिस सुधार योजना में केंद्र व राज्य का अनुपात 90:10 हो

पटना, हिन्दुस्तान टीमPublished By: Malay Ojha
Sun, 26 Sep 2021 10:54 PM
नक्सलवाद पर लगाम कसने की तैयारी, अमित साह संग हुई राज्यों की बैठक, सीएम नीतीश बोले- पुलिस सुधार योजना में केंद्र व राज्य का अनुपात 90:10 हो

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा है कि नक्सली हिंसा के विरुद्ध अभियान में यह अत्यन्त आवश्यक है कि पुलिस को आधुनिकतम यंत्र एवं प्रशिक्षण उपलब्ध कराए जाएं। केन्द्र सरकार द्वारा पुलिस आधुनिकीकरण योजना के तहत राज्यों को सहयोग किया जाता रहा है। समय के साथ अब इस योजना के स्वरूप एवं आयाम को और विस्तार देने की आवश्यकता महसूस की जा रही है। इस योजना में केन्द्रांश और राज्यांश का अनुपात 60:40 रखा गया है। बिहार जैसे सीमित संसाधन वाले राज्य के लिए यह अनुपात 90:10 किया जाना चाहिए।

रविवार को दिल्ली के विज्ञान भवन में वामपंथी उग्रवाद के परिदृश्य के संबंध में आयोजित समीक्षात्मक बैठक में मुख्यमंत्री ने बिहार सरकार की ओर से किए जा रहे कार्यों का विस्तार से उल्लेख किया और कुछ महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए। सीएम नीतीश ने कहा कि बिहार में विगत वर्षों में उग्रवादी हिंसा में गिरावट देखी गई है। नक्सली हिंसा का समाप्त होना प्रजातंत्र के सुदृढीकरण तथा समेकित विकास हेतु आवश्यक है। केन्द्र एवं प्रभावित राज्यों की सरकारों को इस लक्ष्य के संदर्भ में आगे की रणनीति तैयार करने हेतु इस प्रकार की बैठक नियमित रूप से हर वर्ष करनी चाहिए। बीते वर्षों में घटित नक्सली हिंसा की हर घटना ने यही प्रमाणित किया है कि इस संगठन का उद्देश्य गरीबों का हित करना नहीं है, बल्कि अलोकतांत्रिक और हिंसात्मक तरीकों का प्रयोग कर गरीबों को विकास की मुख्यधारा से वंचित रखना है। लेकिन इस तथ्य को भी नकारा नहीं जा सकता कि ऐसे तत्व एवं इनके प्रभाव से इन संगठनों में शामिल लोग देश के ही अंश हैं।  

औरंगाबाद को फिर से अतिउग्रवाद जिले में शामिल किया जाए

सीएम ने कहा कि औरंगाबाद झारखंड के अति नक्सल प्रभावित पलामू का सीमावर्ती है और पहाड़ व जंगलों से आच्छादित है। अतः औरंगाबाद जिला को अतिउग्रवाद प्रभावित जिलों की सूची में पुनः शामिल करने की जरूरत है। अभी केवल तीन जिले गया, जमुई, लखीसराय ही इस श्रेणी में हैं।  

बिहार में हुए इन कार्यों को सीएम ने बताया

- सभी थानों में विधि-व्यवस्था और अनुसंधान का पृथ्ककीकरण 
- आपकी सरकार आपके द्वार’ योजना विकास में बना सहायक
- बिहार देश का पहला राज्य है जहां संपत्ति जब्त की जा रही है 
- वर्ष 2012 से 2018 तक 32 मामलों में 6.75 करोड़ रुपए की संपत्ति जब्त
- विशेष शाखा को अत्याधुनिक संसाधनों से सुसज्जित किया गया है
- विशेष कार्य बल को मूल वेतन की 40 प्रतिशत अतिरिक्त राशि विशेष प्रोत्साहन राशि मिले
- नक्सली हिंसा में शहीद होने वाले पुलिस कर्मियों के परिजनों को अनुग्रह अनुदान एवं अनुकंपा पर नौकरी 

नक्सली हिंसा से निबटने को सीएम ने दिए महत्वपूर्ण सुझाव

- पांच करोड़ तक की सीमा में कानून के अनुसार कार्रवाई का अधिकार राज्यों को मिले
- विशेष आधारभूत संरचना योजना को आगे भी चलाया जाए
- प्रभावित जिलों की विशेष स्थिति के कारण अतिरिक्त निधि मिले
- बिहार सहित प्रत्येक राज्य में हेलीकॉप्टर की तैनाती अवश्यंभावी रूप से की जाए
- केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल की दो बटालियन की फिर से बिहार वापसी हो
- केंद्रीय पुलिस संगठनों के प्रशिक्षण कार्यक्रम में बिहार के लिए कोटा बढ़े
- केंद्रीय सुरक्षा बलों पर होने वाले खर्च की प्रतिपूर्ति केंद्र-राज्य मिलकर करे
- नक्सली उग्रवाद के विरुद्ध अभियान का आर्थिक भार केन्द्र और राज्य मिलकर करे

 

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