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बिहार में सीएम नीतीश की महत्वाकांक्षी नल-जल योजना में लगाए जाएंगे प्रीपेड बिजली मीटर

बिहार में हर घर नल का जल निश्चय योजना में बिजली बिल का भुगतान और कनेक्शन कटने आदि की समस्या न आये, इसको लेकर कई अहम निर्णय लिये गए है। इसी के तहत नल-जल योजना में प्रीपेड मीटर लगाने और जिलास्तर पर...

बिहार में सीएम नीतीश की महत्वाकांक्षी नल-जल योजना में लगाए जाएंगे प्रीपेड बिजली मीटर
पटना। हिन्दुस्तान ब्यूरोTue, 05 Jan 2021 07:25 AM
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बिहार में हर घर नल का जल निश्चय योजना में बिजली बिल का भुगतान और कनेक्शन कटने आदि की समस्या न आये, इसको लेकर कई अहम निर्णय लिये गए है। इसी के तहत नल-जल योजना में प्रीपेड मीटर लगाने और जिलास्तर पर एकमुश्त बिजली बिल का भुगतान करने पर पंचायती राज विभाग और बिहार विद्युत वितरण कंपनी के बीच सहमति बनी है। जल्द ही इस पर अंतिम निर्णय लेकर जिलों को दिशा-निर्देश जारी किया जाएगा।

विभाग से मिली जानकारी के अनुसार नल-जल योजना में इस्तामल की जा रही बिजली के बिल भुगतान में कई तरह की व्यवहारिक कठिनाइयां आ रही हैं। बिजली बिल का भुगतान समय पर नहीं होने से कनेक्शन काटने की भी नौबत आ रही है। इस समस्या के निदान के लिए भी विभाग के अपर मुख्य सचिव अमृत लाल मीणा की अध्यक्षता में विद्युत कंपनी के साथ एक बैठक हुई थी। बैठक में विस्तर से मंथन हुआ और सहमित बनी कि नल-जल योजना में प्रीपेड मीटर लगाना एक अच्छा विकल्प होगा। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि प्रीपेड मीटर के बिजली बिल भुगतान की जिम्मेदारी जिला पंचायती राज पदाधिकारी द्वारा पूरे जिले के लिए एकमुश्त कंपनी के कार्यपालक अभियंता को दी जाएगी। 

अभी यह है बिल भुगतान की व्यवस्था 
गौरतलब हो कि वर्तमान में वार्ड प्रबंधन एवं क्रियान्वयन समिति द्वारा बिजली बिल भुगतान का प्रावधान है। समिति को अनुरक्षण अनुदान के रूप में हर माह दिये जाने वाले दो हजार और नल-जल के उपभोक्ता से लिये गये शुल्क से बिजली बिल भुगतान किया जाना है। पर, समस्या यह आ रही है कि समितियों को अनुरक्षण अनुदान मिलने में देरी हो रही है। ग्राम पंचायतों के माध्यम से अनुरक्षण अनुदान वार्ड प्रबंधन एवं क्रियान्वयन समितियों के खाते में हस्तांतरित किये जाते हैं। वहीं उपभोक्ताओं द्वारा भी समय पर पेयजल आपूर्ति के एवज में 30 रुपये महीने का शुल्क नहीं दिये जाते हैं। कई उपभोक्ता बिल्कुल ही शुल्क नहीं देते हैं। ऐसे में बिजली बिल का भुगतान तय समय में करने में दिक्कत हो रही है। गौरतलब हो कि पंचायती राज विभाग द्वारा राज्य के ग्रामीण क्षेत्र के 58 हजार वार्डों में नल-जल योजना का क्रियान्वनयन किया जा रहा है। 
 

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