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एडीजे पर पुलिस का हमलाः हाईकोर्ट ने तय की जांच की डेडलाइन, सीआईडी से चार सप्ताह में मांगी रिपोर्ट

पटना। विधि संवाददाताYogesh Yadav
Wed, 08 Dec 2021 10:35 PM
एडीजे पर पुलिस का हमलाः हाईकोर्ट ने तय की जांच की डेडलाइन, सीआईडी से चार सप्ताह में मांगी रिपोर्ट

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मधुबनी के झंझारपुर कोर्ट के जज पर पुलिस कर्मियों के कथित हमले के मामले की जांच रिपोर्ट पेश करने के लिए हाईकोर्ट ने सीआईडी की डेडलाइन तय कर दी है। चार हफ्ते की मोहलत देते हुए मामले की सुनवाई 15 जनवरी 2022 के लिए मुल्तवी कर दी है। न्यायमूर्ति राजन गुप्ता तथा न्यायमूर्ति मोहित कुमार शाह ने सुनवाई की। 

बुधवार को हुई सुनवाई के दौरान इस मामले में नियुक्त कोर्ट मित्र एवं सीनियर एडवोकेट मृग्यांक मौली ने खण्डपीठ के सामने, 1991 में पारित सुप्रीम कोर्ट के चर्चित फैसले का जिक्र किया जिसमें पुलिस अधिकारियों को न्यायिक अफसरों से कैसे पेश आना चाहिए, उस संबंध में विस्तृत गाइडलाइन सुप्रीम कोर्ट ने जारी की थी। मामला गुजरात के नांदेड़ जिले का था।

25 सितम्बर 1989 को नांदेड़ के तत्कालीन मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी को वहां एक थानेदार ने पुलिस दस्तावेज निरीक्षण की आड़ में थाना बुलवाकर, हथकड़ी पहनाकर खूब मारा था और उन्हें जबरन शराब पिलाई थी। यही नहीं प्रेस फोटोग्राफर बुलवाकर न्यायिक पदाधिकारी को नशे की हालत में बोलकर फोटो तक अखबारों में प्रकाशित करवा दी।

उक्त केस में गुजरात पुलिस व गुजरात सरकार को न्यायपालिका की अवमानना करने का दोषी करार देने के लिए दिल्ली न्यायिक अफसरों के संघ के साथ कई राज्य के न्यायिक अफसरों के संघ ने टेलीग्राम पर ही संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत जनहित याचिका और कंटेम्प्ट पेटिशन दायर किया था। सुप्रीम कोर्ट ने 11 सितम्बर 1991 को अवमानना का मामला मानते हुए आरोपित पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई करने व न्यायिक अफसरों की सुरक्षा और आरोपित पुलिस वालों को हिरासत में लेने के लिए विस्तृत दिशा निर्देश जारी किया था। 

अगली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट से पारित गाइडलाइन का बिहार में कितना अनुपालन हुआ है, इस पर भी विस्तृत सुनवाई हाइकोर्ट करेगा। विदित हो कि मधुबनी के प्रभारी डिस्ट्रिक्ट एंड सेशंस जज द्वारा घटना के संबंध में भेजी गई रिपोर्ट पर स्वतः दायर याचिका की सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने राज्य के मुख्य सचिव, डीजीपी, गृह विभाग के प्रधान सचिव समेत मधुबनी के पुलिस अधीक्षक को नोटिस जारी करते हुए जवाब तलब किया था।

झंझारपुर कोर्ट में क्या हुआ था

मधुबनी की झंझारपुर कोर्ट के एडीजे प्रथम अविनाश कुमार ने घोघरडीहा थानाध्यक्ष गोपाल कृष्ण को उसी थाना क्षेत्र की एक महिला आशा देवी द्वारा दिए गए एक आवेदन के बारे में पूछताछ के लिए बुलाया था। थानेदार एएसआई अभिमन्यु कुमार शर्मा के साथ पहुंचे। पूछताछ के दौरान ही कहासुनी हो गयी। इस पर थानेदार ने जज के साथ हाथापाई शुरू कर दी। थानेदार ने पिस्टल भी तान दी। 

एडीजे के साथ हाथापाई से अचानक अफरातफरी मच गई। एडीजे के चैंबर से हल्ला मचने पर कोर्ट परिसर में मौजूद अधिवक्ता और कर्मचारी दौड़कर चैंबर में पहुंचे और थानाध्यक्ष के हाथ से उसका पिस्टल छीनकर स्थिति को काबू में किया। थानेदार को काबू में करने के साथ ही भीड़ ने दोनों पुलिस अधिकारियों की पिटाई की। घटना की सूचना मिलते ही सारे अधिवक्ता न्यायालय कक्ष के समक्ष जमा हो गए और दोनों पुलिस अधिकारियों को अपने कब्जे में लेकर चैंबर में ही धकेल कर बंद कर दिया।

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