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पीएम मोदी ने अपने 'हनुमान' की तारीफ में पढ़े कसीदे, बोले- चिराग पासवान में गुरूर नहीं

हाजीपुर में चुनावी रैली को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोजपा रामविसास के मुखिया चिराग पासवान की जमकर तारीफ की।

पीएम मोदी ने अपने 'हनुमान' की तारीफ में पढ़े कसीदे, बोले- चिराग पासवान में गुरूर नहीं
Jayesh Jetawatलाइव हिन्दुस्तान,हाजीपुरMon, 13 May 2024 12:51 PM
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिहार के हाजीपुर में चुनावी रैली के दौरान अपने 'हनुमान' चिराग पासवान की तारीफ में कसीदे पढ़े। पीएम मोदी ने कहा कि चिराग जब 2014 में पहली बार सांसद बनकर आए थे, तब उन्हें वे रामविलास पासवान के बेटे के तौर पर ही जानते थे। मगर चिराग में रामविलास के बेटे होने का बिल्कुल भी गुरूर नहीं था। पीएम मोदी ने उन्हें सफल सांसद बताया और कहा कि उनमें सीखने और जानने की हमेशा ललक रहती है। प्रधानमंत्री ने लोगों से यह भी अपील की कि वे चिराग पासवान को रामविलास पासवान से भी ज्यादा वोट देकर जिताएं।

पीएम मोदी ने दो दिवसीय बिहार दौरे के दूसरे दिन सोमवार सुबह हाजीपुर के कुतुबपुर एकरा में जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने लोजपा रामविलास के मुखिया एवं हाजीपुर से एनडीए प्रत्याशी चिराग पासवान के समर्थन में वोट मांगे। पीएम मोदी ने मंच से चिराग पासवान की जमकर तारीफ की। साथ ही कहा कि रामविलास पासवान को हाजीपुर में जितने वोट मिलते थे, उससे ज्यादा चिराग को वोट मिलने चाहिए। तब जाकर रामविलास की आत्मा को शांति मिलेगी। 

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प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि वह चिराग पासवान को जिताने के लिए हाजीपुर नहीं आए, बल्कि रामविसास का कर्ज चुकाने आए हैं। रामविलास उनके अच्चे साथी रहे। चिराग पासवान की तारीफ करते हुए पीएम ने कहा कि उनमें रामविलास के बेटे होने के गुरूर का नामोनिशान नहीं था। यह बहुत बड़ी बात है। इसके लिए उन्होंने चिराग की मां का भी आभार जताया और कहा कि उन्होंने बेटे को अच्छे संस्कार दिए। 

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पीएम मोदी ने बताया कि एक बार कैबिनेट की बैठक के दौरान भी उन्होंने चिराग पासवान की तारीफ की थी। उस समय कहा था कि जब संसद की कार्यवाही चलती है तब चिराग पूरे दिन सदन में बैठते हैं। उनमें एक सांसद के तौर पर सीखने और जानने की बहुत लगन है। वह सांसद के रूप में सफल हैं।

बता दें कि चिराग पासवान खुद को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का हनुमान बताते हैं। रामविलास पासवान के निधन के बाद जब लोजपा में टूट हुई और चिराग के चाचा पशुपति पारस ने पार्टी के सभी सांसदों को अपने खेमे में कर लिया। तब चिराग पासवान एनडीए से अलग हो गए थे, फिर भी वे खुद को पीएम मोदी का सिपाही बताते रहे। उन्होंने बीजेपी से कभी अपने संबंध खराब नहीं किए। अब 2024 के चुनाव से पहले वे फिर से एनडीए में शामिल हो गए और चाचा पशुपति पारस को साइडलाइन कर बिहार की पांच सीटों पर लोजपा रामविलास के प्रत्याशियों को चुनाव लड़ा रहे हैं।