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Hindi News बिहारहाजीपुर में दर्शन नहीं, पीएम मोदी के नामांकन में वाराणसी पहुंचे पारस; चिराग, मांझी और कुशवाहा भी दिखे

हाजीपुर में दर्शन नहीं, पीएम मोदी के नामांकन में वाराणसी पहुंचे पारस; चिराग, मांझी और कुशवाहा भी दिखे

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हाजीपुर रैली में नहीं नजर आए रालोजपा अध्यक्ष पशुपति पारस वाराणसी में मोदी के नामांकन में एक तरफ नजर आए। हाजीपुर से लड़ रहे लोजपा-आर अध्यक्ष चिराग पासवान दूसरी तरफ दिखे।

हाजीपुर में दर्शन नहीं, पीएम मोदी के नामांकन में वाराणसी पहुंचे पारस; चिराग, मांझी और कुशवाहा भी दिखे
Ritesh Vermaलाइव हिन्दुस्तान,पटनाTue, 14 May 2024 02:28 PM
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सोमवार को बिहार के हाजीपुर में चुनावी रैली से दूर रहे हाजीपुर के सांसद और राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी (रालोजपा) के अध्यक्ष पशुपति पारस मंगलवार को पीएम मोदी के नामांकन में वाराणसी में नजर आए। पीएम मोदी के नामांकन में शामिल होने के लिए एनडीए के नेता देश भर से आए थे। बिहार से लोजपा-रामविलास के अध्यक्ष चिराग पासवान, राष्ट्रीय लोक मोर्चा के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा और हिन्दुस्तान आवामी मोर्चा के संरक्षक जीतन राम मांझी भी पहुंचे थे। मोदी जब नामांकन के बाद बाहर निकले तो चिराग पीएम की दाहिनी तरफ भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा और यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ के साथ नजर आए जबकि पारस, कुशवाहा और मांझी मोदी की बाईं ओर गृहमंत्री अमित शाह के साथ दिखे।

पीएम मोदी ने सोमवार को बिहार में तीन चुनावी रैलियां की थी जिसमें पहली रैली हाजीपुर में थी। हाजीपुर से लोजपा-रामविलास के अध्यक्ष, जमुई के सांसद और पारस के भतीजे चिराग पासवान लड़ रहे हैं। पशुपति पारस हाजीपुर के सांसद हैं लेकिन एनडीए के सीट बंटवारे में भाजपा ने हाजीपुर समेत पांच सीट चिराग की पार्टी लोजपा-आर को दे दी। पारस की पार्टी के हाथ से हाजीपुर के साथ-साथ बाकी सीटें भी छिन गईं जहां से लोजपा में टूट के दौरान उनके साथ गए पांच सांसद 2019 में जीते थे।

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चिराग पासवान ने 2 मई को जब हाजीपुर सीट से पहली बार चुनाव लड़ने के लिए नामांकन दाखिल किया था तब भी उनके चाचा पशुपति पारस नहीं गए थे। चिराग ने मंच से कहा था कि उनके चाचा आज अगर आते तो वो पार्टी तोड़ने की सारी बातें भूल जाते लेकिन उनके चाचा उनसे नफरत करते हैं। चिराग ने अपने भाषण में बताया था कि उन्होंने नामांकन में आने के लिए चाचा पशुपति पारस को फोन किया था लेकिन उन्होंने फोन काट दिया। 13 मई को पीएम मोदी ने हाजीपुर, मुजफ्फरपुर और छपरा में रैलियां की। हाजीपुर में चिराग के समर्थन में पीएम मोदी की रैली में भी पशुपति पारस नहीं पहुंचे। हाजीपुर चिराग के पिता रामविलास पासवान की पारंपरिक सीट रही है जहां से वो कई बार जीते। रामविलास ने 2019 में जब लोकसभा चुनाव नहीं लड़ने का मन बनाया तो अपने भाई पशुपति पारस को इस सीट से लड़ाया था।

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पीएम मोदी ने सोमवार को हाजीपुर में चिराग की काफी तारीफ की थी और लोगों से कहा था कि रामविलास पासवान की आत्मा को तब शांति मिलेगी जब आप चिराग को उनसे भी ज्यादा मतों से जिताएंगे। पीएम मोदी ने कहा था कि चिराग में जरा भी अहंकार नहीं है। प्रधानमंत्री ने कहा था कि जब आप चिराग को वोट देंगे तो वो मोदी के खाते में आएगा मोदी के नामांकन में देश भर से कई नेता पहुंचे थे। लोकसभा चुनाव के पांचवें चरण में हाजीपुर में 20 मई को मतदान है। चिराग के मुकाबले में मुख्य रूप से आरजेडी के शिवचंद्र राम मैदान में हैं।