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Hindi News बिहारथक कर नाउम्मीद हो चुके PM मोदी, तेजस्वी के इस बयान पर BJP के विजय सिन्हा किया पलटवार

थक कर नाउम्मीद हो चुके PM मोदी, तेजस्वी के इस बयान पर BJP के विजय सिन्हा किया पलटवार

ये लोग डर चुके हैं कि बिहार से नतीजा इनके खिलाफ आने वाला है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब बोलते हैं तो लगता है वो थक चुके हैं, नाउम्मीद हो चुके हैं। विजय सिन्हा ने इस पर पूरे विपक्ष को लपेट लिया है।

थक कर नाउम्मीद हो चुके PM मोदी, तेजस्वी  के इस बयान पर BJP के विजय सिन्हा किया पलटवार
Sudhir Kumarहिन्दुस्तान,पटनाThu, 23 May 2024 10:56 AM
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Bihar Lok Sabha Election 2024: नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब बोलते हैं तो लगता है वो थक चुके हैं, नाउम्मीद हो चुके हैं। उनके पटना आने पर कुछ खास लोगों को रात में बुलाकर अच्छे से निर्देश दिये जा रहे हैं। लालू प्रसाद के पुत्र और आरजेडी के युवराज तेजस्वी यादव के इस बयान पर बीजेपी ने पलटवार किया है। नीतीश सरकार के उप मुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने पूरे विपक्ष को लपेट लिया है।  

तेजस्वी यादव ने कहा किहमलोगों को पता है क्या-क्या निर्देश दिये जा रहे हैं। ये लोग डर चुके हैं कि बिहार से नतीजा इनके खिलाफ आने वाला है। तेजस्वी बुधवार को चुनाव प्रचार के लिए रवाना होने के पूर्व मीडिया से पटना एयरपोर्ट पर बात कर रहे थे। इसके पूर्व उन्होंने पवन सिंह को निष्कासित किये जाने को भाजपा का अंदरूनी मामला बताया।

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उन्होंने कहा कि हमको तो लग रहा है कि भाजपा की साजिश है, उपेंद्र कुशवाहा को हराने के लिए और दिखावटी कार्रवाई की जा रही है। वहीं, चिराग पासवान से जुड़े सवाल पर उन्हें हार की मुबारकबाद दी। फिर कहा कि अच्छे मार्जिन से वे चुनाव हार रहे हैं। कोई मैनेजमेंट नहीं, मतदान केंद्र पर कोई एजेंट नहीं था, भाजपा के साथ और लोग भी उन्हें हरा रहे हैं।

इधर उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने बुधवार को कहा है कि चुनाव के नतीजों की आहट से विपक्षी गठबंधन के नेताओं के दम फूलने लगे हैं। इसलिए विपक्ष के नेता अनाप शनाप बोल रहे हैं। उन्होंने कहा कि अब तक हुए पांच चरणों के चुनाव में जनता ने जाति, मजहब और क्षेत्र की सीमाओं को तोड़कर जिस तरह से मोदीजी की गारंटी को गले लगाया है, उसे देखकर इन्हें कोई रास्ता नहीं सूझ रहा है। लिहाजा ये लोग शब्दों की हिंसा से आगे बढ़कर अब शारीरिक हिंसा जैसे हथकंडे अपनाने पर उतर आए हैं। बुधवार को जारी बयान में उपमुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी चुनाव में कोई पार्टी या गठबंधन अपना रिपोर्टकार्ड, अपना एजेंडा और अपना विजन आगे रखकर जनता के बीच जाती है। लेकिन विपक्षी गठबंधन ने ऐसा कुछ नहीं किया। एक तो न ये ढंग से अपना गठबंधन बना पाए, न कोई साझा कार्यक्रम ही तय कर पाए।

और न ही एक घोषणापत्र बना पाए। गठबंधन के पांच सितारा होटलों में शानदार डिनर पार्टियों से इनकी चुनावी रणनीति की कवायद शुरू हुई। इसलिए इनका एजेंडा भी मटन की रेसिपी तक सिमट कर रह गया। घोषणापत्र की बात करें तो ह्यजितने चेहरे उतने बोलह्ण की तर्ज पर हर पार्टी का अलग-अलग घोषणापत्र इन्होंने जारी किया। उन्होंने कहा कि देश की जनता के साथ विपक्षी गठबंधन के नेताओं को भी यह भरोसा था कि आएंगे तो मोदी जी ही। इसलिए जब चुनाव में उतरे तो इन्हें समझ ही नहीं आया कि जनता से क्या कहें? कभी इन्हें संविधान खतरे में नजर आता, कभी लोकतंत्र संकट में दिखता है। जब इनके ये दांव नहीं चले तो विपक्षी दल समाज को धर्म और जाति के आधार पर बांटने में जुट गए हैं।