ट्रेंडिंग न्यूज़

अगला लेख

अगली खबर पढ़ने के लिए यहाँ टैप करें

Hindi News बिहारपीएम कुसुम योजना: बिहार के किसानों के लिए अच्छी खबर, सोलर प्लांट लगाने के लिए बैंक से मिलेगा लोन

पीएम कुसुम योजना: बिहार के किसानों के लिए अच्छी खबर, सोलर प्लांट लगाने के लिए बैंक से मिलेगा लोन

पीएम कुसुम योजना के तहत किसान अपनी जमीन पर सोलर प्लांट लगाकर कमाई कर सकते हैं। इसके लिए अब बैंक से आसानी से लोन भी मिल सकेगा।

पीएम कुसुम योजना: बिहार के किसानों के लिए अच्छी खबर, सोलर प्लांट लगाने के लिए बैंक से मिलेगा लोन
Jayesh Jetawatहिन्दुस्तान,पटनाSat, 22 Jun 2024 06:50 PM
ऐप पर पढ़ें

पीएम कुसुम योजना के तहत अपनी जमीन या खेत पर सोलर पावर प्लांट लगाने के इच्छुक बिहार के किसानों के लिए अच्छी खबर है। अब ऐसे किसानों को सोलर प्लांट लगाने के लिए बैंक से आसानी से लोन भी मिल जाएगा। सोलर ऊर्जा के क्षेत्र में उल्लेखनीय वृद्धि के लिए कई प्रमुख बैंकों ने किसानों को सोलर प्लांट लगाने के लिए ऋण सुविधा उपलब्ध कराने की सहमति दी है। 

बिहार स्टेट पावर होल्डिंग कंपनी लिमिटेड के अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक संजीव हंस के दिशानिर्देशों के अनुसार पटना स्थित विद्युत भवन में शनिवार को एक बैठक का आयोजन किया गया। इसमें स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, पंजाब नेशनल बैंक, केनरा बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, सेंट्रल बैंक, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ महाराष्ट्र और इंडियन ओवरसीज बैंक के प्रतिनिधि शामिल हुए। 

बैठक में साउथ बिहार पावर डिस्ट्रिब्यूशन एवं बिहार स्टेट पावर जेनरेशन कंपनी लिमिटेड के प्रबंध निदेशक महेंद्र कुमार और नार्थ बिहार पावर डिस्ट्रिब्यूशन कंपनी के प्रबंध निदेशक डॉ. आदित्य प्रकाश मौजूद रहे। सभी बैंकों के प्रतिनिधियों ने किसानों को पीएम कुसुम योजना के तहत सोलर प्लांट लगाने के लिए लोन सुविधा देने की हामी भरी है।

पीएम किसान योजना से सोलर प्लांट बढ़ाएगा किसानों की आमदनी, 10 साल में वसूल हो जाएगी लागत

क्या है पीएम कुसुम योजना?
इस योजना के तहत किसान या कोई कंपनी विद्युत उपकेंद्र के 5 किलोमीटर दायरे के अंदर सौर ऊर्जा का संयंत्र स्थापित कर सकते हैं। एक मेगावाट के सोलर प्लांट के लिए चार एकड़ जमीन की जरूरत होती है। इस प्लांट को बिजली विभाग की 11 केवी ट्रांसमिशन लाइन से जोड़ा जाएगा। बिहार की बिजली वितरण कंपनियां उस किसान से 25 सालों के लिए बिजली खरीदने का अनुबंध भी करेगी। 

यानी कि किसान इस योजना के तहत अपनी जमीन पर सोलर प्लांट लगाकर बिजली उत्पादित कर सकते हैं और उसे बेचकर कमाई भी कर सकते हैं। इस सौर ऊर्जा का संयंत्र लगाने में प्रति मेगावाट लगभग 5 करोड़ रुपये का खर्च आता है।  किसान अकेले या समूह में मिलकर इसमें निुवेश कर सकते हैं। इसके लिए अब बैंक से आसानी से लोन भी मिल जाएगा। वहीं, बिजली कंपनियां हर साल बिजली उत्पादन की एवज में 50 लाख रुपये प्रति मेगावाट की दर से देगी। ऐसे में किसान 10 साल में अपनी पूरी लागत निकाल सकते हैं और उसके अगले 15 साल तक जमकर कमाई कर सकते हैं।

Advertisement