ट्रेंडिंग न्यूज़

अगली खबर पढ़ने के लिए यहाँ टैप करें

हिंदी न्यूज़ बिहारPFI का मिशन 2047: भारत को इस्लामिक राष्ट्र बनाने की साजिश और पीएम मोदी पर निशाना; हुआ भांडाफोड़

PFI का मिशन 2047: भारत को इस्लामिक राष्ट्र बनाने की साजिश और पीएम मोदी पर निशाना; हुआ भांडाफोड़

बिहार के पटना से पीएफआई दफ्तर में छापेमारी के दौरान कई संदिग्ध दस्तावेज बरामद हुए हैं। इसमें पीएफआई के मिशन 2047 का भी खुलासा हुआ है। अगले 25 साल में भारत को इस्लामिक राष्ट्र बनाने की साजिश है।

PFI का मिशन 2047: भारत को इस्लामिक राष्ट्र बनाने की साजिश और पीएम मोदी पर निशाना; हुआ भांडाफोड़
Jayesh Jetawatलाइव हिन्दुस्तान,पटनाThu, 14 Jul 2022 10:55 AM

इस खबर को सुनें

0:00
/
ऐप पर पढ़ें

बिहार की राजधानी पटना में पीएफआई की आड़ में बड़े आतंकी ट्रेनिंग सेंटर का खुलासा हुआ है। पुलिस ने छापेमारी में दो संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से कई अहम दस्तावेज बरामद हुए हैं। इनमें पीएफआई की साल 2047 तक भारत को इस्लामिक राष्ट्र बनाने की साजिश का भी खुलासा हुआ है। इसके लिए मुस्लिम युवाओं को हथियार चलाने, धार्मिक उन्माद फैलाने और हिंसा भड़काने की ट्रेनिंग दी जा रही थी। 

पटना पुलिस ने बताया कि खुफिया एजेंसियों के इनपुट के आधार पर फुलवारीशरीफ इलाके के नया टोला में स्थित पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) के दफ्तर में 11 जुलाई को छापेमारी की गई। इस दौराना वहां से कई संदिग्ध दस्तावेज और आपत्तिजनक सामग्री बरामद हुई। इसमें पीएफआई के मिशन-2047 से जुड़ा एक गोपनीय दस्तावेज भी मिला है। इसमें भारत को अगले 25 सालों में इस्लामिक राष्ट्र बनाने की साजिश का जिक्र है।

पुलिस ने मौके से दो संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार किया है। इसमें से एक का नाम मोहम्मद जलालुद्दीन है और दूसरे का अतहर परवेज है। जलालुद्दीन झारखंड पुलिस में दारोगा रह चुका है और हाल ही में रिटायर हुआ था। वहीं, अतहर परवेज प्रतिबंधित आतंकी संगठन सिमी का सक्रिय सदस्य रह चुका है। उसका भाई बम ब्लास्ट के एक केस में जेल जा चुका है। अतहर खुद भी एक मामले में जमानत पर चल रहा है।

पटना में दक्षिण भारत के ट्रेनर दे रहे थे युवाओं को आतंकी बनने की ट्रेनिंग, हिंसा भड़काने के लिए भी उकसाया

कई हिंसक घटनाओं में आ चुका है पीएफआई का नाम

आतंकी संगठन सिमी के प्रतिबंधित होने के बाद इंडियन मुजाहिद्दीन का गठन किया गया था। 2013 में आतंकी यासीन भटकल की गिरफ्तारी से इंडियन मुजाहिद्दीन की कमर टूट गई थी। सूत्रों के मुताबिक इंडियन मुजाहिद्दीन के पतन के बाद देश के विभिन्न राज्यों में पीएफआई और उसकी सहयोगी संस्था सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया को मजबूत करने का काम किया जा रहा है। केरल की दो और कर्नाटक की एक संस्था को मिलाकर पीएफआई का गठन किया गया था। बीते कुछ महीनों में हुई कई सांप्रदायिक हिंसाओं में पीएफआई का नाम आ चुका है। इसकी जांच जारी है। पीएफआई को अभी तक देश में प्रतिबंधित नहीं किया गया है।

 

epaper