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हिंदी न्यूज़ बिहारपंचायत चुनावः JDU विधायक रत्नेश सादा को झटका, पत्नी और बेटे को मुखिया भी नहीं बनवा पाए

पंचायत चुनावः JDU विधायक रत्नेश सादा को झटका, पत्नी और बेटे को मुखिया भी नहीं बनवा पाए

भागलपुर हिन्दुस्तान टीमYogesh Yadav
Wed, 01 Dec 2021 09:30 PM
पंचायत चुनावः JDU विधायक रत्नेश सादा को झटका, पत्नी और बेटे को मुखिया भी नहीं बनवा पाए

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पंचायत चुनाव के नौवें चरण की मतगणना के दौरान बुधवार को कई चौंकानेवाले परिणाम आए। कई पंचायतों से विधायक के बेटे, पत्नी व भाई भी मुखिया व जिला परिषद का चुनाव हार गए हैं। इस परिणाम को लेकर क्षेत्र में जबरदस्त चर्चा है। वहीं, रिश्तेदारों की हार से विधायकों की साख पर भी सवाल उठने लगे हैं। 

सहरसा के सोनवर्षा राज से 11 साल से जदयू विधायक सह तटबंध के अन्दर कुन्दह पंचायत निवासी रत्नेश सादा के मुखिया प्रत्याशी पुत्र की करारी हार हुई है। विधायक पुत्र राजीव कुमार 645 मत लाकर तीसरे स्थान पर रहे। विधायक अपने बेटे के लिए पिछले 15 दिनों से गांव में रहकर खुद मतदाताओं से जनसंपर्क कर रहे थे। विधायक के जनसंपर्क पर अन्य प्रत्याशियों ने एतराज जताते हुए प्रशासन से शिकायत भी की थी। इसी पंचायत के डीलर पन्नालाल राम 851 मत प्राप्त कर पहली बार मुखिया चुने गए हैं। वहीं, निवर्तमान मुखिया राजेंद्र चौपाल 774 वोट लाकर दूसरे स्थान पर रहे।

इसी तरह मधेपुरा के बिहारीगंज से छह साल से जदयू विधायक निरंजन कुमार मेहता की पत्नी कुमुद कुमारी मुखिया का चुनाव हार गई हैं। निवर्तमान मुखिया कुमुद कुमारी उदाकिशुनगंज प्रखंड की मधुवन पंचायत से चुनाव लड़ी थीं। उन्हें पूजा कुमारी ने 534 मतों से शिकस्त दी। पूजा कुमारी को 1993 वोट मिले जबकि निवर्तमान मुखिया कुमुद कुमारी को मात्र 1459 वोट मिले।

खगड़िया जिले के अलौली प्रखंड अन्तर्गत जिला परिषद क्षेत्र संख्या एक से सदर कांग्रेस विधायक छत्रपति यादव के भाई लोकेश नंदन व राजद जिलाध्यक्ष कुमार रंजन पप्पू की पत्नी बड़े अंतर से चुनाव हार गई हैं। सदर विधायक के भाई 925 मत प्राप्त कर 11वें स्थान पर रहे। वहीं, राजद जिलाध्यक्ष की पत्नी 3883 मत प्राप्त कर दूसरे स्थान पर रहीं। इस सीट से 22 प्रत्याशी अपनी किस्मत आजमा रहे थे। विजेता रजनीकांत ने 12 हजार 681 मत प्राप्त किया। उन्होंने रिकार्ड 8798 मतों से चुनाव जीता। अलौली के राजद विधायक रामवृक्ष सदा की पत्नी सुशीला देवी जिला परिषद क्षेत्र संख्या दो से काफी पीछे चल रही है। मतगणना अभी जारी है।

22 साल की आकांक्षा बनी मुखिया

खगड़िया जिले के अलौली प्रखंड अंतर्गत मेघौना गांव पंचायत से 22 वर्षीया आकांक्षा बसु मुखिया चुनी गई हैं। वह दिवंगत पूर्व मुखिया जगदीश चंद्र बसु की पुत्री है। जगदीश की अपराधियों ने 1 मार्च 2019 को हत्या कर दी थी। आकांक्षा भौतिकी विज्ञान से स्नातक उत्तीर्ण है। दिल्ली में वह प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रही थी। पंचायत में मुखिया पद से कुल 18 प्रत्याशी मैदान में थे।

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