ट्रेंडिंग न्यूज़

Hindi News बिहारबिहार के 4 मजदूरों की सूरत में दर्दनाक मौत, सफाई के लिए सेप्टिक टैंक में उतरे थे, दम घुटने से गई जान

बिहार के 4 मजदूरों की सूरत में दर्दनाक मौत, सफाई के लिए सेप्टिक टैंक में उतरे थे, दम घुटने से गई जान

बिहार के 4 मजदूरों की गुजरात के सूरत जिले में दर्दनाक मौत हो गई। एक फैक्टरी में सेप्टिक टैंक की सफाई के लिए 2 मजदूर उतरे थे। इस दौरान दोनों बेहोश हो गए। बचाने गए 2 अन्य मजदूरों ने भी दम तोड़ दिया।

बिहार के 4 मजदूरों की सूरत में दर्दनाक मौत, सफाई के लिए सेप्टिक टैंक में उतरे थे, दम घुटने से गई जान
Sandeepएजेंसी,सूरत पटनाWed, 15 Nov 2023 10:17 AM
ऐप पर पढ़ें

गुजरात के सूरत शहर के के पलसाना इलाके में मंगलवार शाम को सेप्टिक टैंक में घुसने के बाद दम घुटने से बिहार के चार मजदूरों की मौत हो गई। यह हादसा पलसाणा-कटोदरा रोड स्थित एक फैक्टरी में हुई। एक अधिकारी ने बताया कि सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान दो मजदूर बेहोश हो गए और उन्हें बचाने की कोशिश में दो अन्य भी बेहोश हो गए।

पुलिस के मुताबिक चारों को टैंक से बाहर निकाला गया और अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। उन्होंने बताया कि मृतक बिहार के रहने वाले थे और उनकी पहचान की जा रही है। सफाई के लिए सेप्टिक टैंक में चारों मजदूर उतरे थे। इसी दौरान दौरान दम घुटने से चारों की मौत हो गई।  अस्पताल पहुंचने से पहले ही चारों की मौत हो गई। 

वहीं दूसरी तरफ उत्तराखंड के उत्तरकाशी में चारधाम परियोजना की सुरंग में फंसे 40 मजदूरों को बाहर निकालने का अभियान लंबा खिंचने की आशंका है। मजदूरों को निकालने में मलबा बाधा बन रहा है। बचाव अभियान में अभी 50 घंटे का समय और लग सकता है। मंगलवार को 12 घंटे मशक्कत के बाद जल निगम के इंजीनियरों ने ऑगर मशीन को फिट किया, लेकिन बार-बार मलबा आने से देर शाम तक ड्रिलिंग शुरू नहीं हो सकी। आपको बता दें इस सुरंग में बिहार और झारखंड के कई मजदूर फंसे हुए हैं। 

जिसमें रोहतास जिले के तिलौथू प्रखंड क्षेत्र के चंदनपुरा गांव का युवक सुशील कुमार विश्वकर्मा भी शामिल है। घटना की खबर सुशील के घर पहुंचते ही परिवार वालों का रो रोकर बुरा हाल है। माता पिता के अलावे पत्नी व स्थानीय लोग भी ईश्वर से सभी मजदूरों के साथ सुशील की सकुशल सुरंग से बाहर निकालने की दुआ मांग रहे हैं। कोई अच्छी खबर की इंतजार में सभी लोग सुशील के घर के दरवाजे बैठे हैं।

हिन्दुस्तान का वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें