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भागलपुर के जर्दालू आम की ऑनलाइन बंपर सेल; अबतक इतने टन की बुकिंग, किसानों के खिले चेहरे

भागलपुर का मशहूर जर्दालू आम अब ऑनलाइन मार्केटिंग में भी धूम मचा रहा है। तमाम राज्यों से अब तक डेढ़ टन से ज्यादा की बुकिंग हो चुकी है। जिससे किसानों के भी चेहरे खिले हुए हैं।

भागलपुर के जर्दालू आम की ऑनलाइन बंपर सेल; अबतक इतने टन की बुकिंग, किसानों के खिले चेहरे
Sandeepवरीय संवाददाता,भागलपुरSun, 02 Jun 2024 12:27 PM
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भागलपुर के जर्दालू आम की ऑनलाइन मार्केटिंग का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। कुछ नई ऑनलाइन मार्केटिंग साइट्स पर जर्दालू आम की उपलब्धता हो रही है, किसानों को इसका ऑर्डर मिल रहा है। सुल्तानगंज, कहलगांव, पीरपैंती के कई आम उत्पादकों को इसके माध्यम से आम का ऑर्डर मिल रहा है। इस बार देश के विभिन्न राज्यों में डिलीवरी के लिए करीब 1.5 टन आम की बुकिंग हुई है। मार्केटिंग की इस नई विधा से आम के किसान खुश हैं। 

कहलगांव के एक जर्दालू आम किसान कृष्णानंद सिंह ने इस बार मार्केटिंग विशेषज्ञ के साथ मिलकर एक साइट बनवायी है, जिसपर जर्दालू आम की बुकिंग हो सकती है। किसान ने बताया कि वह जैविक विधि से उत्पादित जर्दालू आम की बिक्री करते हैं और यही आम एक्सपोर्ट भी करते हैं। ऑनलाइन मार्केटिंग में भी अच्छा रेस्पांस है। उन्होंने बताया कि जैविक उत्पादन के लिए 2021 में बसोका के द्वारा जो गुणवत्ता का सर्टिफिकेट दिया गया है, खरीदार क्यूआर कोड के जरिये उसको भी दे सकेंगे। इसमें 2021 से लेकर अबतक का सर्टिफिकेट है जो यह बताता है कि यह आम जैविक उत्पाद है।

इस साल भी देश के अंदर डोमेस्टिक मार्केट के बड़े ब्रांड मॉल में जर्दालू का स्टॉल लगाने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए सुल्तानगंज के एक किसान प्रयास कर रहे हैं। पिछले साल दिल्ली में यह आम मॉल में रखा गया था और खासी बिक्री हुई थी। 

उप परियोजना निदेशक प्रभात कुमार सिंह ने बताया कि इस बार राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री सहित जिन विशिष्ट हस्तियों के लिए भागलपुर से जर्दालू आम भेजा जा रहा है उसकी खासियत पंफलेट के जरिये नहीं बल्कि क्यूआर कोड के जरिये बतायी जाएगी। हर बॉक्स पर क्यूआर कोड रहेगा और उसको स्कैन करते ही जर्दालू की पूरी विशेषता और गुणवत्ता के बारे में पूरी जानकारी मिली जाएगी। 

तीन साल पहले जर्दालू आम को सुलभ बनाने और हर चाहने वालों तक पहुंचाने के लिए सरकारी स्तर पर ऑनलाइन मार्केटिंग शुरू हुई थी। इसके लिए विभागीय स्तर पर पोर्टल के माध्यम से बुकिंग ली गई थी। इसके बाद बुकिंग के आधार पर आम की खरीद हुई और सभी बुकिंग के आधार पर डिलीवरी दी गई। लेकिन इस व्यवस्था को विभाग के स्तर से दोबारा शुरू नहीं किया गया। विभागीय अधिकारी बताते हैं कि मार्केटिंग टूल विभाग के पास उपलब्ध नहीं है, इसलिए इसमें बहुत दिक्कतें आयीं।