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एक पीएम कैंडिडेट तो धराशायी हो गए, अब नीतीश की बारी है; तीन राज्य में जीत के बाद बीजेपी का तंज

विजय सिन्हा ने कहा कि तीन राज्यों में हार का ठीकरा अब सीधे कांग्रेस पर फोड़कर जदयू अपने छिपे एजेंडों को व्यक्त कर रहा है। एक प्रधानमंत्री उम्मीदवार केसीआर तो धराशायी हो गए। अब जदयू की बारी है।

एक पीएम कैंडिडेट तो धराशायी हो गए, अब नीतीश की बारी है; तीन राज्य में जीत के बाद बीजेपी का तंज
Malay Ojhaहिन्दुस्तान,पटनाMon, 04 Dec 2023 06:39 PM
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तीन राज्यों (राजस्थान, मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़) में मिली शानदार जीत के बाद से बीजेपी खेमे में जबरजस्त खुशी की लहर है। वहीं इंडिया गठबंधन में खबलबी मच गई है। इस बीच भाजपा विधान मंडल दल के नेता विजय कुमार सिन्हा ने इशारों-इशारों में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को लेकर तंज कसा है। उन्होंने कहा कि तीन राज्यों में हार का ठीकरा अब सीधे कांग्रेस पर फोड़कर जदयू अपने छिपे एजेंडों को व्यक्त कर रहा है। एक प्रधानमंत्री उम्मीदवार केसीआर तो धराशायी हो गए। अब जदयू की बारी है। सोमवार को बयान जारी कर विजय सिन्हा ने कहा कि दिल्ली भाजपा मुख्यालय में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संबोधन ऐतिहासिक रहा। पीएम के संबोधन से यह स्पष्ट हो गया कि जनसेवा और राष्ट्र सेवा के बल पर ही जनता का आशीर्वाद प्राप्त होता है। 

उन्होंने कहा कि जनता ने तुष्टिकरण, धार्मिक उन्माद और जातिवाद की राजनीति को अस्वीकार कर दिया है। विपक्षी गठबंधन को समझने की जरूरत है। क्षेत्रीय दल जातिवादी सोच से उबर नहीं पा रहे हैं। राष्ट्रीय दल कांग्रेस भी जातिवाद को महिमा मंडित कर रही है। जबकि 21वीं सदी का भारत और 2023 के मतदाता के लिए विकास ही सबसे महत्वपूर्ण है।

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विजय सिन्हा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा घोषित चार जातियां महिला, युवा, किसान और गरीब परिवार को ध्यान में रखकर ही सभी सरकारों को योजना बनानी पड़ेगी। केंद्र सरकार और भाजपा शासित राज्य सरकार पूर्व से ही इसी आधार पर काम कर रही है। इस कारण ही भाजपा के पक्ष में जनादेश देश के सामने है। बिहार सरकार को जनहित और जनसेवा से कोई लेना-देना नहीं है।  

मिलकर लड़े तो अभी भी भाजपा को हराना मुमकिन: विजय चौधरी
वहीं बिहार सरकार में संसदीय कार्य मंत्री विजय कुमार चौधरी ने कहा है कि पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव के परिणान का स्पष्ट संदेश है कि इंडिया के घटक दलों के बीच समझदारी बढ़ानी होगी। कांग्रेस को बड़े दल होने के नाते अधिक उदार एवं सामंजनशील रूख अपनाना होगा। इन राज्यों में भी अगर शुरु से ही सभी दल एकजुटता दिखाते, तो निश्चित रुप से अलग नतीजों की संभावना बनती। निश्चित रूप से वह परिणाम नहीं होता जो अभी हुआ है।

विजय चौधरी ने कहा कि बात मोदी मैजिक की नहीं है। पीएम मोदी तो तेलंगाना भी गये थे, जहां भाजपा का प्रदर्शन पिछले दिनों हुए हैदराबाद नगर निकाय के चुनाव में उन इलाकों में पहले से खराब रहा। इसलिए अब समय है कि इंडिया के सभी नेतागण आगामी लोकसभा चुनाव की तैयारी में बिना किसी बिलंब के व्यवहारिक दृष्टिकोण अपनाते हुए तत्काल राज्यवार सीटों के बँटवारा का कार्य प्रारंभ करें। अगर सब मिलकर लड़े तो अभी भी भाजपा को हराना नामुमकिन नहीं है।

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