ट्रेंडिंग न्यूज़

अगला लेख

अगली खबर पढ़ने के लिए यहाँ टैप करें

Hindi News बिहारOMG! मृतक 1, मौत की तारीख 2; नौकरी के लिए बेटे का घिनौना खेल, बाप की दो डेथ सर्टिफिकेट बनवाई

OMG! मृतक 1, मौत की तारीख 2; नौकरी के लिए बेटे का घिनौना खेल, बाप की दो डेथ सर्टिफिकेट बनवाई

होमगार्ड जवान शिवशंकर राम की मौत सेवा काल के दौरान 2018 के अप्रैल महीने में हो गई थी। मौत का कारण ह्रदयाघात बताया गया था। अनुकंपा की नौकरी के लिए बेटे प्रभात कुमार ने उनका डेथ सर्टिफिकेट बनवाया।

OMG! मृतक 1, मौत की तारीख 2; नौकरी के लिए बेटे का घिनौना खेल, बाप की दो डेथ सर्टिफिकेट बनवाई
Sudhir Kumarहिन्दुस्तान,मुजफ्फरपुरThu, 20 Jun 2024 08:54 AM
ऐप पर पढ़ें

बिहार में जाली डेथ सर्टिफिकेट के खेल का खुलासा हुआ है। मामला मुजफ्फरपुर का होमगार्ड पिता की मौत के बाद अनुकंपा पर नौकरी पाने के लिए बेटे ने अपने बाप का दो दो मृत्यु प्रमाण पत्र बनवा लिया। जब नौकरी के लिए आवेदन दिया तो खुलासा हो गया।  दो-दो प्रमाण पत्र आवेदन के साथ दिए जाने पर बुधवार को मामला सामने आय।  जिला सांख्यिकी विभाग ने एक टीम बनाकर मामले की जांच शुरू कर दिया है। मामला  सकरा के अजीजपुर गांव से जुड़ा है। इस कांड ने सरकारी काम में बिचौलियागिरी को भी उजागर कर दिया है।

मिली जानकारी के अनुसार होमगार्ड जवान शिवशंकर राम की मौत सेवा काल के दौरान 2018 के अप्रैल महीने में हो गई थी। मौत का कारण ह्रदयाघात बताया गया था। इसके बाद उनके पुत्र सकरा प्रखंड के अजीजपुर उर्फ मड़वन गांव निवासी प्रभात कुमार ने अनुकंपा के आधार पर नौकरी के लिए जिला होमगार्ड कार्यालय में आवेदन दिया। आवेदन के साथ उसने कागजात के साथ मृत्यु प्रमाण पत्र सौंपा था, जो दो प्रतियों में था। 

दुबई और नेपाल निर्यात की जाएंगी बिहार की सब्जियां, नीतीश के मंत्री ने बताया सरकार का प्लान

आवेदन की जांच के दौरान होमगार्ड कार्यालय के अधिकारी उस समय आश्चर्यचकित रह गए, जब दोनों प्रमाणों पत्रों में मृत्यु की अलग-अलग तिथियां दर्ज मिलीं। पहले प्रमाण पत्र पर मृत्यु की तिथि 22 अप्रैल 2018 तो दूसरी पर 19 अप्रैल 2018 अंकित मिला, जिसके बाद इसकी जानकारी जिलाधिकारी कार्यालय को दी गई। इसके बाद पूरे मामले की जांच का आदेश दिया गया था।

वहीं प्रभात कुमार ने बताया कि प्रमाण पत्र बनवाने की हड़बड़ी में उन्होंने बिचौलिये का सहारा लिया था, जिसने 22 अप्रैल वाला प्रमाण बनवाकर दिया था। गलती पकड़ में आने पर शपथपत्र देकर सुधरवा कर 19 अप्रैल वाला प्रमाण पत्र बनवाया। इसी कारण यह स्थिति पैदा हुई। इस संबंध में जांच अधिकारी सह जिला सांख्यिकी पदाधिकारी निर्मल कुमार ने बताया कि मृत्यु प्रमाण पत्र में कुछ गलतियां थीं। इसकी जांच करने वे सकरा गए थे। प्रभात कुमार के अलावा मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करनेवाले विभाग से भी इसकी जानकारी ली गई। अब रिपोर्ट सौंपी जाएगी।