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खुशखबरी! बिहार पुलिस में महिलाओं की संख्या और बढ़ेगी

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बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि पुलिस में महिलाओं की संख्या 2006 में दो प्रतिशत से भी कम थी। आज उनकी संख्या 15 प्रतिशत से ज्यादा है। आनेवाले दिनों में इनकी संख्या और बढ़ेगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि महिलाओं को जितना आरक्षण दिया गया है उतनी संख्या में अगले पांच वर्षों में महिलाएं पुलिस में होंगी। 

मुख्यमंत्री शुक्रवार को बीएमपी-5 के मिथिलेश स्टेडिय में बिहार स्वाभिमान पुलिस बटालियन के पहले स्थापना दिवस समारोह में बोल रहे थे। उन्होंने महिला बटालियन द्वारा की गई परेड की जमकर तारीफ की। कहा कि अब बिहार में अनुसूचित जनजाति की महिलाओं की पुलिस बटालियन भी है। ऐसा करनेवाला बिहार देश का पहला राज्य है। देशभर में कहीं भी ऐसी बटालियन नहीं है। बिहार में एसटी महिला बटालियन में 675 पद थे, लेकिन 222 ही चयनित हो पाई हैं। इसकी एक वजह है कि बिहार में अनुसूचित जनजाति की संख्या कम है। उन्होंने कहा कि कई अन्य जातियों को अनुसूचित जनजाति में शामिल करने की अनुशंसा केंद्र सरकार को की गई है। मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि आनेवाले एक-दो साल में सारे पद भर जाएंगे।

पुलिस की खस्ताहाल सूरत को बदला गया
मुख्यमंत्री ने पुराने दिनों की भी याद दिलायी और कहा कि पुलिस की पहले क्या हालत थी। अपराधियों को पकड़ने में पुलिसवाले दस कदम दौड़ते ही हांफने लगते थे। थानों में एफआईआर के लिए कागज मांगा जाता था। अब सूरत बदल गई है। थानों के लिए भवन का निर्माण हुआ। गाड़ियां खरीदीं गईं और अत्याधुनिक हथियार दिए गए। वर्दी के लिए रुपए दिए जा रहे हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने बिहार स्वाभिमान पुलिस बटालियन के प्रतीक चिन्ह का अनावरण किया और एक सस्मारिका का विमोचन भी किया। साथ ही पूर्व के वर्षों  में राष्ट्रपति पुलिस वीरता पदक और सराहनीय सेवा पदक से सम्मानित पुलिस अफसरों और जवानों को पुरस्कृत किया।  
 

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  • Web Title:number of women in Bihar police will increase