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16 जनवरी, 2021|5:08|IST

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सिर्फ मेवालाल नहीं, नीतीश के 14 में से 6 मंत्रियों के खिलाफ दर्ज हैं गंभीर आपराधिक केस

nitish kumar and mewalal choudhary

बिहार की नई नवेली नीतीश कुमार सरकार में शिक्षा मंत्री बने डॉ मेवालाल चौधरी भ्रष्टाचार के आरोपों के कारण निशाने पर हैं। बिहार कृषि विश्वविद्यालय (बीएयू) के कुलपति रहते समय मेवालाल चौधरी पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे थे और उनपर एफआईआर भी दर्ज हुई थी। इसके बाद जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) से उन्हें निलंबित कर दिया गया था। हालांकि नीतीश कुमार की कैबिनेट में सिर्फ मेवालाल चौधरी ही दागी नहीं हैं।

एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) और इलेक्शन वॉच के अध्ययन के अनुसार, नीतीश कैबिनेट के 14 मंत्रियों में से आठ (57 प्रतिशत) के खिलाफ आपराधिक मामले हैं। वहीं छह (43 प्रतिशत) के खिलाफ गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। आपराधिक मामलों वाले 8 मंत्रियों में से बीजेपी के 4, जेडीयू के 2 और हम व वीआईपी के एक-एक शामिल हैं। हालांकि, चौधरी को मंत्रिमंडल में शामिल करते ही हंगामा शुरू हो गया। 2017 में चौधरी के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने के बाद बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने उनसे मिलने से भी इनकार कर दिया था।

मेवालाल चौधरी का नाम बीएयू भर्ती घोटाले में सामने आया था और राजभवन के आदेश से उनके खिलाफ 161 सहायक प्रोफेसर और कनिष्ठ वैज्ञानिकों की नियुक्ति के मामले में एक प्राथमिकी दर्ज की गई थी। बता दें कि 12.31 रुपए की घोषित संपत्ति के साथ चौधरी सबसे अमीर मंत्री हैं। वहीं, 14 मंत्रियों की औसत संपत्ति 3.93 करोड़ रुपए है।

मेवालाल चौधरी ने अपने शपथ पत्र में आईपीसी के तहत एक आपराधिक मामला और चार गंभीर मामले घोषित किए हैं। पशुपालन और मत्स्य पालन मंत्री मुकेश सहनी ने पांच आपराधिक मामलों और गंभीर प्रकृति के तीन मामलों की घोषणा की है। बीजेपी के जिबेश कुमार ने भी पांच आपराधिक मामलों और गंभीर प्रकृति के चार मामलों की घोषणा की है। वहीं पांच अन्य हैं जिनके खिलाफ अलग-अलग प्रकृति के आपराधिक मामले दर्ज हैं।

आरजेडी सांसद और पार्टी प्रवक्ता मनोज झा ने कहा कि शिक्षा मंत्री के रूप में मेवालाल चौधरी का चुनाव यह बताने के लिए काफी है कि मुख्यमंत्री की स्थिति कमजोर हो चुकी है और बिहार चुनाव नतीजों के बाद हार गया है। उन्होंने कहा कि 2017 में महागठबंधन से अलग होने वाले नीतीश कुमार अब भ्रष्टाचार के मुद्दे पर नैतिक बढ़त नहीं ले सकते हैं। यह सरकार के लिए विधानसभा में एक बड़ी शर्मिंदगी का विषय है।

इस मामले पर आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने ट्वीट कर कहा कि भ्रष्टाचार के मामले में एक फरार आरोपी को शिक्षा मंत्री बनाया गया है। हालांकि अपराध, भ्रष्टाचार और सांप्रदायिकता पर नीतीश कुमार का प्रवचन आगे भी जारी रहेगा।

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  • Web Title:not just mevalal choudhary 6 out of 14 ministers of nitish kumar cabinet have serious criminal cases against them