Hindi NewsBihar NewsNitish Kumar has silver chilam in hand smoke in his eye come to bihar assembly after drinking ganja bjp mla bhagirathi devi big allegation
सोन, फल्गू, किउल और चानन नदियों में कितना बालू आया, कितना निकला? नीतीश सरकार जांच में जुटी

सोन, फल्गू, किउल और चानन नदियों में कितना बालू आया, कितना निकला? नीतीश सरकार जांच में जुटी

संक्षेप:

पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय की गाइडलाइन के तहत नदियों का वैज्ञानिक अध्ययन होना अनिवार्य है। प्रवर्तन और निगरानी मार्गदर्शिका के तहत बालू खनन होना है, ऐसे में यह अध्ययन आवश्यक है।

Aug 14, 2022 02:44 pm ISTMalay Ojha हिन्दुस्तान, पटना
share Share
Follow Us on

सोन, फल्गू, किउल और चानन नदियों में बालू पुनर्भरण का अध्ययन होगा। राज्य सरकार ने सेंट्रल माइन प्लानिंग एंड डिजाइन इंस्टीट्यूट को इसकी जिम्मेवारी सौंपी है। संस्थान इस बात का अध्ययन करेगा कि इन नदियों में पिछले वर्षों में कितना बालू आया और कितना बालू निकाला गया है।

प्यार से लेकर प्रमोशन तक 2026 का पूरा हाल जानें ✨अभी पढ़ें

बता दें कि इन नदियों से हर साल सर्वाधिक बालू निकाल जाता है। ऐसे में इन नदियों का अध्ययन आवश्यक है। मानसून अवधि में इन नदियों में बालू पुनर्भरण होता है। ऐसे में मानसून अवधि के बाद बालू की मात्रा का आकलन वैज्ञानिक तरीके से करना आवश्यक है। ताकि, इसी आधार पर यहां से बालू निकालने की प्रक्रिया को भी अंतिम रूप दिया जा सके।

दरअसल, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय की गाइडलाइन के तहत नदियों का वैज्ञानिक अध्ययन होना अनिवार्य है। प्रवर्तन और निगरानी मार्गदर्शिका के तहत बालू खनन होना है, ऐसे में यह अध्ययन आवश्यक है। यही नहीं इसके तहत निर्धारित प्रक्रिया के तहत पुनर्भरण अध्ययन विशिष्ट मान्यता प्राप्त संस्थानों के माध्यम से ही कराया जा सकता है। लिहाजा सेंट्रल माइन प्लानिंग एंड डिजाइन इंस्टीट्यूट का चयन किया गया है। स्टडी रिपोर्ट आने के बाद खान एवं भूतत्व विभाग अपनी आगे की कार्ययोजना तैयार करेगा। यह तय होगा कि यहां से हर हाल कितना बालू निकाला जाए।