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बिहारनीतीश कैबिनेट का बड़ा फैसला, नहीं बढ़ेगा पंचायत प्रतिनिधियों का कार्यकाल, परामर्शी समिति चलाएगी गांव की सरकार

लाइव हिन्‍दुस्‍तान टीम ,पटनाPublished By: Ajay Singh
Tue, 01 Jun 2021 11:29 PM
नीतीश कैबिनेट का बड़ा फैसला, नहीं बढ़ेगा पंचायत प्रतिनिधियों का कार्यकाल, परामर्शी समिति चलाएगी गांव की सरकार

बिहार की ग्राम पंचायतों और ग्राम कचहरियों का काम 16 जून से सलाहकार (परामर्शी) समितियां संभालेंगी। इसके लिए पंचायती राज अधिनियम, 2006 में संशोधन किया जाएगा। वर्ष 2016 में गठित त्रि-स्तरीय पंचायती राज संस्थाएं और ग्राम कचहरी 16 जून से स्वत: भंग मानी जाएंगी। इस तरह 15 जून के बाद निर्वाचित प्रतिनिधियों का कार्यकाल समाप्त हो जाएगा। पंचायतों और कचहरियों का काम प्रभावित नहीं हो,  इसके लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जा रही है। 

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई राज्य कैबिनेट की बैठक में इसकी स्वीकृति दी गई। राज्यपाल की सहमति के बाद अध्यादेश लाकर पंचायती राज अधिनियम में संशोधन किया जाएगा। इसके बाद परामर्शी समूह के स्वरूप पर आदेश जारी होगा। इसमें यह तय किया जाएगा कि समिति में कौन-कौन रहेंगे। हर पंचायत, पंचायत समिति, जिला परिषद और ग्राम कचहरी के लिए समिति गठित होगी। 

मालूम हो कि पंचायत चुनाव समय पर नहीं होने के कारण यह नयी व्यवस्था लागू की जा रही है। अगला चुनाव होने तक यह व्यवस्था कायम रहेगी। शुरुआत में ईवीएम को लेकर और फिर बाद में कोरोना संक्रमण के मामले बढ़ने के कारण पंचायत चुनाव को स्थगित किया गया है। राज्य में 8386 ग्राम पंचायतें, 534 पंचायत समितियां और 38 जिला परिषद गठित हैं। 

किसानों के अनुदान के लिए 90 करोड़
मुख्यमंत्री तीव्र बीज विस्तार योजना, एकीकृत बीज ग्राम योजना, मिनीकिट योजना और बीज वितरण कार्यक्रम के तहत किसानों को वित्तीय वर्ष 2021-22 में अनुदान देने के लिए 90 करोड़ की स्वीकृति दी गई है। 

डागमारा पनबिजली परियोजना के लिए 700 करोड़ स्वीकृत 
सुपौल जिले के डागमारा में कोसी नदी पर 130 मेगावाट की पनबिजली परियोजना के लिए राज्य सरकार की ओर से 700 करोड़ अनुदान दिये जाने की स्वीकृति कैबिनेट ने दे दी है। अब शीघ्र इस प्रोजेक्ट का काम आगे बढ़ेगा। 2300 करोड़ की लागत की इस परियोजना का निर्माण एनएचपीसी करेगी। इसके लिए बिहार स्टेट हाइड्रोइलेक्ट्रिक पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (बीएचपीसी) तथा एनएचपीसी के बीच 40 वर्षों के लिए एकरारनामे की मंजूरी भी कैबिनेट ने दे दी है। 

कोरोना से अनाथ हुए बच्चों को 1500 महीना 
कोरोना से माता-पिता की मृत्यु से अनाथ हुए बच्चों को 1500 रुपये महीने उनके 18 वर्ष के होने तक दिया जाएगा। इसलिए बाल सहायता योजना की स्वीकृति कैबिनेट ने दे दी है। मालूम हो कि इसकी घोषणा मुख्यमंत्री ने 30 मई को की थी। वैसे बच्चे-बच्चियां जिनके माता पिता दोनों की मृत्यु हो गई, जिनमें कम से कम एक की मृत्यु कोरोना से हुई हो, उनको ‘बाल सहायता योजना’ से राशि दी जानी है। जिन अनाथ बच्चे-बच्चियों के अभिभावक नहीं हैं, उनकी देखरेख बालगृह में होगी। अनाथ बच्चियों का कस्तूरबा विद्यालय में दाखिला होगा।

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