
क्यों, जदयू को राष्ट्रीय दर्जा दिलाइएगा न, नीतीश ने ललन सिंह को दी बड़ी जिम्मेवारी; बिहार में पार्टी के 70 लाख सदस्य
राष्ट्रीय परिषद ने नीतीश कुमार को राष्ट्रीय कार्यकरिणी के गठन के लिए अधिकृत किया। नीतीश कुमार ने कहा कि पार्टी पहले सिर्फ बिहार में मान्यता प्राप्त पार्टी थी। अब अन्य दो राज्यों में मान्यता मिली है।
बिहार में पिछले 17 वर्षों से सरकार चला रहा जदयू राष्ट्रीय पार्टी बनने की मुहिम में गंभीरता से जुटेगा। जदयू मुख्यालय के कर्पूरी सभागार में हुई राष्ट्रीय परिषद की बैठक में पार्टी नेता तथा बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने नवनिर्वाचित अध्यक्ष ललन सिंह को इसका जिम्मा सौंपा। राष्ट्रीय परिषद के सभी सदस्यों तथा विभिन्न राज्यों के प्रदेश अध्यक्ष व प्रभारियों को इस मुहिम में शिद्दत से लगने का टास्क सौंपा। अनवरत सदस्यता अभियान चलाने को कहा। इससे पूर्व राष्ट्रीय निर्वाचन पदाधिकारी अनिल हेगड़े के प्रस्ताव पर राष्ट्रीय परिषद ने राजीव रंजन उर्फ ललन सिंह के राष्ट्रीय अध्यक्ष निर्वाचित होने पर अपनी मुहर लगाई। खुद नीतीश कुमार ने बुके देकर स्वागत किया तथा गले लगा बधाई दी।

मौके पर राष्ट्रीय परिषद ने नीतीश कुमार को राष्ट्रीय कार्यकरिणी के गठन के लिए अधिकृत किया। नीतीश कुमार ने राष्ट्रीय परिषद को संबोधित करते हुए कहा कि पार्टी पहले सिर्फ बिहार में मान्यता प्राप्त पार्टी थी। अन्य दो राज्यों में हमें मान्यता मिली है अब एक और राज्य में मान्यता मिलते ही हम राष्ट्रीय पार्टी हो जाएंगे। ललन सिंह का अभिनंदन करते हुए उन्होंने कहा कि आप पुराने साथी हैं, सबकी इज्जत और सम्मान कीजिए। एकदम मजबूती से काम कर इस बार जदयू को राष्ट्रीय पार्टी बना दीजिएगा, इसका पूरा भरोसा है और इसलिए आपको यह काम सौंपा गया है।
नीतीश कुमार ने बिहार में 70 लाख सदस्य बनने पर खुशी जताई। ललन सिंह से पूछा कि क्यों जदयू को राष्ट्रीय दर्जा दिलाइएगा न, अब यह आपकी जिम्मेवारी है। ललन सिंह ने खड़े होकर कहा कि हां, आनेवाले दिनों में जदयू राष्ट्रीय पार्टी के रूप में खड़ी नजर आएगी। नीतीश कुमार ने पार्टी नेताओं से कहा कि पुराने नेताओं का सम्मान कीजिए और नए लोगों को काम में लगाइए। पार्टी संगठन को और मजबूत करना है। यूपी में सदस्यता अभियान की कमजोर स्थिति पर नाराजगी जाहिर की तथा इसका जिम्मा केसी त्यागी को सौंपा।
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हिमाचल, एमसीडी की चर्चा
क्यों नहीं हो रही
नीतीश कुमार ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि महज मामूली अंतर से कुढ़नी में जीते लोग इतरा रहे हैं। हिमाचल हारे, दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) चुनाव में हारे, यूपी लोकसभा उपचुनाव हारे, इन सबपर कहां कुछ लिखा जा रहा है। केवल कुढ़नी और गुजरात की चर्चा हो रही है। उन्होंने जदयू नेताओं को सोशल मीडिया में सक्रिय होने का निर्देश दिया। कहा कि कुढ़नी की हार का गहन विश्लेषण करिए। हमलोगों को हर बूथ की जानकारी लेनी चाहिए। जो लोग लगाए गए थे, उनका फीडबैक लीजिए। लोकल यूनिट से डिटेल मंगवाइए। जिन्होंने हमें वोट नहीं दिया, उनसे बात करिए कि आखिर कहां कमी रह गयी। अपेक्षा के अनुरूप मत नहीं मिले तो कारण क्या है? कुढ़नी सीट लेने का भी मन ललन जी का था, कैंडिडेट भी इन्होंने ही चुना। बहुत कम वोट से हम हारे।
सहनी के पिता व उनको कौन राज्यसभा भेजा
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कुढ़नी विधानसभा के पूर्व विधायक अनिल सहनी की चर्चा भी की। कहा, बयान देखे। उनके पिता को और उन्हें राज्यसभा किसने भेजा? उनपर चार्ज थे इसलिए उनको रिपीट नहीं किये।
ललन सिंह अब जदयू के निर्वाचित राष्ट्रीय अध्यक्ष
नीतीश कुमार ने कहा कि 2019 में हम राष्ट्रीय अध्यक्ष बने। फिर किसी दूसरे को बनाए। बीच में क्या हुआ आप सबको पता है। उसके बाद ललन सिंह को जिम्मा दिए। वे अध्यक्ष पहले से ही थे, अब निर्वाचित अध्यक्ष हो गए हैं।





