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Hindi News बिहारमानव तस्करी को लेकर बिहार में NIA की रेड, गोपालगंज के होटल कारोबारी को दबोचा

मानव तस्करी को लेकर बिहार में NIA की रेड, गोपालगंज के होटल कारोबारी को दबोचा

गोपालगंज में एनआईए व पुलिस टीम ने संयुक्त रूप से छापेमारी कर मानव तस्करी के आरोप में एक होटल संचालक को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार प्रह्लाद सिंह एमके होटल के साथ इंटरनेशनल ट्रेनिंग सेंटर का मालिक है।

मानव तस्करी को लेकर बिहार में NIA की रेड,  गोपालगंज के होटल कारोबारी को दबोचा
Malay Ojhaहिन्दुस्तान,पटनाTue, 28 May 2024 07:40 PM
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साइबर धोखाधड़ी और मानव तस्करी से जुड़े नेटवर्क के खिलाफ एनआईए (राष्ट्रीय जांच एजेंसी) ने सोमवार को देशव्यापी छापेमारी अभियान चलाया। इस दौरान अलग-अलग स्थानों से 5 संदिग्धों को गिरफ्त में लिया गया, जिसमें बिहार से गोपालगंज का प्रह्लाद सिंह भी शामिल है। यह पेशे से होटल कारोबारी बताया जाता है। परंतु मानव तस्करी के धंधे में इसकी संलिप्तता पाई गई है। यह कार्रवाई सात राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में एक साथ की गई, जिसमें महाराष्ट्र, यूपी, बिहार, गुजरात, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और चंडीगढ़ शामिल हैं। इनके 15 से अधिक स्थानों पर छापेमारी की गई। इस दौरान बडोदरा से मनीष हिंगू, दक्षिण दिल्ली से नबिया आलम रे, गोरुग्राम से बलवंत कटारिया और चंडीगढ़ से सरताज सिंह को गिरफ्तार किया गया है। छापेमारी के दौरान सभी स्थानों से बड़ी संख्या में डिजिटल के अलावा पासपोर्ट, बैंक एकाउंट, क्रेडिट एवं डेबिट कार्ड, रजिस्टर, विदेशों के फर्जी रोजगार पत्र समेत अन्य कई आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद किए गए हैं।

एनआईए ने सभी स्थानों पर यह कार्रवाई राज्य पुलिस और केंद्रीय खुफिया एजेंसी के साथ समन्वय स्थापित करके की है। इस मामले को लेकर अलग-अलग राज्यों में 8 एफआईआर की गई है। इसमें अनेकों को नामजद अभियुक्त बनाया गया है। केंद्रीय जांच एजेंसी की अब तक की तफ्तीश में यह पता चला कि सभी आरोपी तस्करी के एक संगठित गिरोह से जुड़े हुए थे। ये लोग विदेशों में युवाओं को रोजगार दिलाने के झूठे वादे और कई लुभावने सपने दिखाकर बाहर भेजते थे। इसके बाद इनके रैकेट में फंसे युवाओं से लाओस, कंबोडिया, गोल्डन ट्राएंगल के एसईजेड (स्पेशल इकोनॉमिक जोन) में बने फर्जी कॉल सेंटरों में काम करने के लिए मजबूर किया जाता था। यहां से साइबर फ्रॉड, क्रेडिट कार्ड धोखाधड़ी समेत अन्य कई तरह की अनैतिक गतिविधियां संचालित होती थी। इन कॉल सेंटरों के मालिक विदेशी नागरिक ही हैं। फर्जी एप्लिकेशन, हनी ट्रैपिंग समेत अन्य गोरखधंधे का संचालन भी यहां से होता था। क्रिप्टो करेंसी में काली कमाई का निवेश बड़े स्तर पर किया जाता था। 

जांच में यह भी पता चला है कि अंतरराष्ट्रीय सीमा को अवैध तरीके से पार कराने के लिए इनके एजेंट सभी स्थानों पर मौजूद रहते थे। यह अवैध संगठन सुनियोजित तरीके से चलता था। इनके एजेंट गोपालगंज के अलावा अन्य दूसरे राज्यों में अलग-अलग स्थानों पर बेहद सक्रिय थे। इस तरह का मामला सबसे मुंबई पुलिस की जांच में इसी वर्ष अप्रैल में सामने आया था। इसके बाद एनआईए ने पूरे मामले की जांच के लिए 13 मई 2024 को इसे अपने अंतर्गत ले लिया। इसके बाद व्यापक स्तर पर कार्रवाई शुरू की गई है। इस मामले में अभी कई बड़े खुलासे होने बाकी हैं। एनआईए की अभी जांच जारी है।