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झारखंड कोयला खदान हमला: बिहार में एनआईए की रेड, पूछताछ के बाद शंकर यादव अरेस्ट; 1.31 करोड़ कैश बरामद

झारखंड के तेतरियाखाड़ कोयला खदान में 2020 में अमन साव गिरोह द्वारा किए गए हमले के मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने गुरुवार को बिहार में कई स्थानों पर छापेमारी की।

झारखंड कोयला खदान हमला: बिहार में एनआईए की रेड, पूछताछ के बाद शंकर यादव अरेस्ट; 1.31 करोड़ कैश बरामद
Malay Ojhaहिन्दुस्तान,पटनाThu, 08 Feb 2024 09:45 PM
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एनआईए की विशेष टीम ने झारखंड में 2020 के दौरान तेतरियाखांड कोयला खदान में हुए हमला मामले के अभियुक्तों के ठिकानों पर व्यापक छापेमारी की। सूबे के भागलपुर एवं पूर्णिया में दो-दो तथा मधेपुरा में एक ठिकाने पर एनआईए की टीम ने गुरुवार की सुबह दबीश दी और सघन जांच की। इस क्रम में भागलपुर के हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी स्थित प्रॉपर्टी डीलर शंकर यादव के घर और पास मौजूद उनके कार्यालय को 12 घंटे से अधिक समय तक खंगाला। शंकर यादव से लंबी पूछताछ के बाद देर शाम को एनआईए ने गिरफ्तार कर लिया और अपने साथ ले गई। इस दौरान शंकर यादव के घर से 1 करोड़ 32 लाख रुपये कैश के अलावा बड़ी संख्या में जेवरात, 5 मोबाइल फोन, 1 हार्ड डिस्क, 1 राइफल एवं इसकी एक मैगजीन, 7.65 एमएम की एक पिस्टल एवं इसके दो मैगजीन और 63 कारतूस बरामद किए गए हैं। 

एनआईए ने अब तक दायर की 3 चार्जशीट
सभी स्थानों पर छापेमारी के दौरान बड़ी संख्या में अन्य कई तरह के संवेदनशील दस्तावेज बरामद हुए हैं। फिलहाल इन सभी की जांच चल रही है। झारखंड के बालूमठ थाना में दिसंबर 2020 में यह मामला दर्ज किया गया था। एनआईए ने इस तेतरियाखांड खादान मामले को झारखंड पुलिस से मार्च 2021 में अपने पास लेकर जांच शुरू की थी। एनआईए की तरफ से अब तक 3 चार्जशीट दायर की गई है, जिसमें 24 अभियुक्त बनाए गए थे। इसमें झारखंड का गैंगस्टर अमन साहू, शंकर यादव, सुजीत सिन्हा समेत अन्य नामजद अभियुक्त बनाए गए हैं।

यह है पूरा मामला
जांच में यह बात सामने आई कि झारखंड में अमन साहू के गैंग ने कई संवेदनशील आपराधिक घटनाओं को अंजाम दिया था। इसमें डीएसपी पर फायरिंग करना और कई व्यवसायियों एवं ठेकेदारों से रंगदारी वसूलना शामिल है। इस गैंग के गहरे तालूकात नक्सलियों से भी थे। इन्होंने झारखंड के बाहर बिहार समेत अन्य राज्यों में भी अपने कई गैंग बना लिए थे। इसमें शंकर यादव मुख्य था। शंकर इस इलाके में अमन साहू के नाम पर रंगदारी वसूलता था और उसके पास पहुंचाता था। कई व्यवसायियों, बिल्डरों और ठेकेदारों से लेवी वसूली में उसकी भूमिका खास थी। समझा जा रहा है कि उसके घर से बरामद 1.30 करोड़ रुपये कैश इसी लेवी वसूली का हिस्सा है। इस गैंग के अन्य कुख्यात आरोपियों में प्रमोद यादव और प्रदीप गंजू शामिल हैं। प्रदीप मधेपुरा का रहने वाला है। प्रदीप पर राज्य पुलिस ने 3 लाख रुपये का इनाम भी घोषित कर रखा है। प्रमोद यादव ही प्रदीप को शरण देता था। बाद में इनकी गिरफ्तारी की गई।

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