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बिहार की राजनीति में नए चाचा-भतीजा, देर रात की मुलाकात में खुला रिश्ते का राज; जानें कौन है अंकल?

गुरुवार की देर रात केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय अचानक जीतन राम मांझी के आवास पर पहुंच गए। मांझी ने राय का गर्म जोशी से स्वागत किया। दोनों के बीच 30 मिनट तक बंद कमरे में बात हुई।

बिहार की राजनीति  में नए चाचा-भतीजा, देर रात की मुलाकात में खुला रिश्ते का राज; जानें कौन है अंकल?
Sudhir Kumarलाइव हिंदुस्तान,पटनाFri, 26 Jan 2024 10:43 AM
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बिहार की राजनीति में चाचा भतीजे  का रिश्ता लोकप्रिय हो रहा है। बल्कि यूं कहें कि बिहार की सरकार चाचा भतीजे के रिश्ते पर ही चल रही है। यह अलग बात है कि इन दोनों के बीच क्रेडिट लेने की होड़ और कुर्सी पर कब्जे की कशमकश ने बिहार का सियासी तापमान चरम पर पहुंचा दिया है। बताने की जरूरत नहीं है कि चाचा नीतीश कुमार हैं और भतीजा तेजस्वी यादव। एक अन्य चाचा भतीजा की जोड़ी से हाजीपुर का लोकसभा चुनाव दिलचस्प होने वाला है। यहां चाचा पशुपति कुमार पारस हैं तो भतीजा रामविलास पासवान के पुत्र चिराग पासवान इस। बीच बिहार से ही एक नए चाचा-भतीजा की जोड़ी का प्रादुर्भाव हुआ है। बंद कमरे में देर रात की मुलाकात में इस करीबी रिश्ते का खुलासा हुआ।

आप जानना चाहेंगे कि नए चाचा भतीजा की नई जोड़ी आखिर है कौन। तो हम आपको बताते हैं कि राजनीति के नए चाचा हैं बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी और उनके भतीजे हैं केंद्रीय गृह राज्य मंत्री और भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष नित्यानंद राय। राज्य की सियासत में आए भूचाल के बीच गुरुवार की देर रात दोनों की मुलाकात हुई। मीडिया ने सवाल पूछा तो कहा गया यह रिश्तेदारी की भेंट वार्ता है, इसमें राजनीति मत तलाशिए।

दरअसल गुरुवार की देर रात केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय अचानक हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के सुप्रीमो जीतन राम मांझी के आवास पर पहुंच गए। मांझी ने राय का गर्म जोशी से स्वागत किया। दोनों एक बंद कमरे में बैठ गए जहां आधे घंटे तक बातचीत होती रही। मीडिया को पता चला तो पूरी टीम पहुंच गई। सर्द रात में इंतजार के बाद नित्यानंद राय बाहर निकले। जब उनसे मीडिया कर्मियों ने इस मुलाकात पर सवाल पूछा तो बड़ी आसानी से कह दिया-आप लोग पहले से जानते हैं कि जीतन राम मांझी हमारे चाचा हैं और मैं उनका भतीजा। हम चाचा-भतीजा अक्सर मिलते रहते हैं। अब जब रिश्तेदारी में मुलाकात हुई तो इसका हमेशा कोई राजनीतिक मतलब थोड़े ही होता है। जरूरी नहीं है कि हर मुलाकात में राजनीतिक मुद्दे पर भी चर्चा हो। लेकिन जब रात में चाचा के घर आकर मुलाकात की बात पूछी गई तो नित्यानंद राय जवाब देना मुनासिब नहीं समझे। अपनी कार में बैठ गए और सवालों को दरकिनार करते हुए निकल लिए।

चाचा भतीजा की इस देर रात भेंट वार्ता में हम पार्टी के प्रवक्ता दानिश रिजवान मौजूद थे। कुछ देर बाद वह अभी बाहर आए। सवाल वही था। इस मुलाकात के मायने क्या। दानिश रिजवान ने भी बड़ा डिप्लोमेटिक उत्तर दि। उन्होंने कहा कि जीतन राम मांझी राजनीति के धुरंधर खिलाड़ी हैं। हवा को देखकर वह रुख भांप लेते हैं कि राजनीति किस दिशा में जाने वाली है और क्या कुछ होना है।  उन्होंने एक हफ्ता पहले ही कह दिया था कि बिहार का राजनीतिक बयार बदलाव का संकेत दे रहा है। एक बड़ा खेल हो सकता है। रिजवान ने कंफर्म किया कि बिहार में जो राजनीतिक हालात हैं उसी को लेकर बातचीत हुई है। अब आगे क्या होगा यह मुझे नहीं पता लेकिन, जो होगा वह बिहार के लिए अच्छा होगा।
 

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