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नीट पेपर लीक में कई गिरोह, मास्टरमाइंड गिरफ्त से दूर; बिहार से महाराष्ट्र पहुंची जांच की आंच

नीट यूजी परीक्षा 2024 में धांधली के मामले में सामने आया है कि पेपर लीक के कई गिरोह सक्रिय थे। इनके मास्टरमाइंड गिरफ्तर से दूर हैं। इन्होंने महाराष्ट्र के विभिन्न शहरों और बेंगलुरु में बैठकर सेटिंग की।

नीट पेपर लीक में कई गिरोह, मास्टरमाइंड गिरफ्त से दूर; बिहार से महाराष्ट्र पहुंची जांच की आंच
Jayesh Jetawatहिन्दुस्तान,पटनाWed, 19 Jun 2024 08:04 AM
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नीट पेपर लीक मामले की जांच में सेटरों के कई गिरोह की सक्रियता सामने आई है। इसमें सिकंदर प्रसाद यादवेंदु से लेकर आयुष कुमार, अखिलेश कुमार, बिट्टु कुमार, अमित आनंद, डॉ. शिव कुमार और उसके पिता समेत 12 अन्य लोग बिहार की आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) के जांच के दायरे में हैं। इन सेटरों ने संपर्क साधकर अलग-अलग अभ्यर्थियों से पैसे लेकर प्रश्न-पत्र दिए थे। इन्होंने संयुक्त रूप से पटना के रामकृष्णा नगर, खेमनीचक में मौजूद लर्नड प्ले स्कूल और लर्न ब्यॉज हॉस्टल को प्रश्न-पत्र रटवाने का ठिकाना बनवाया था। यहीं 35 से 40 अभ्यर्थियों को एकत्र किया गया था। 

यादवेंदु अपने बेटे के अलावा संबंधी सह अभ्यर्थी अनुराग यादव और कुछ अन्य परिचित के बच्चे को प्रश्न-पत्र रटवाने के लिए यहां लेकर आया था। सिकंदर के यहां 3 से 4 अभ्यर्थी थे। बताया जाता है कि उसके अभ्यर्थियों की फेहरिस्त में कुछ आलाधिकारियों के बच्चे भी शामिल हैं। हालांकि इसके बारे में स्पष्ट रूप से अब तक कोई खुलासा नहीं हुआ है। ईओयू की एसआईटी के स्तर से आगे की जांच में सेटरों की इन परतों के ऊपर इन्हें प्रश्न-पत्र सप्लाई करने वाले दो मुख्य आरोपियों के बारे में भी जानकारी मिली है। इसमें वैशाली के रहने वाले दो प्रमुख सेटर अतुल वत्स्य और अंशुल सिंह शामिल हैं। 

ये दोनों फिलहाल जांच एजेंसी की पकड़ से बाहर हैं। विभागीय सूत्र बताते हैं कि ये दोनों बिहार के बाहर महाराष्ट्र में कहीं रहते हैं। इनकी गिरफ्तारी के बाद पूछताछ से यह पूरी तरह से स्पष्ट हो जाएगा कि प्रश्न-पत्र कहां से लीक हुआ और इसे बिहार में किन-किन लोगों तक पहुंचाया गया था। इन दोनों मुख्य सेटरों के गिरफ्त में आने के बाद बिहार के बाहर मौजूद इनके सभी संपर्क सूत्र का खुलासा हो जाएगा। 

परीक्षा से एक रात पहले व्हाट्सएप से ही पटना आया था नीट का पेपर, हॉस्टल संचालक से होगी पूछताछ

सूत्र बताते हैं कि व्हाट्सएप के माध्यम से बिहार में प्रश्न-पत्र सप्लाई करने में इन दोनों की भूमिका बेहद अहम रही है। कुछ सेटरों का ग्रुप महाराष्ट्र के कुछ शहरों के अलावा बेंगलुरु में बैठकर पैसा लेकर सेटिंग करता है। इनकी जद तक भी पहुंचने की तैयारी की जा रही है।

अब तक इनकी हो चुकी है गिरफ्तारी 
लर्नेड प्ले स्कूल में छापेमारी के दौरान सिकंदर समेत 13 आरोपितों को गिरफ्तार किया था। इसमें पटना जिला के दानापुर थाना के वार्ड नं-18 का निवासी आयुष कुमार, दानापुर के वार्ड नं-15 का रहने वाला अखिलेश कुमार, रोहतास के गढ़नोखा थाना के बड़कागांव का बिट्टु कुमार, मुंगेर के कोतवाली थाना के मंगल बाजार निवासी अमित आनंद, पटना के राजीव नगर, नेपाली नगर का आशुतोष कुमार एवं रौशन कुमार (मूल निवासी नालंदा के एकंगरसराय के हरिपुर का), हसनपुर का अनुराग यादव, गया के बाराचट्टी थाना के हरैया का शिवनंदन कुमार, रांची के काको ब्लॉक के गेखूल मार्ग का अभिषेक कुमार एवं अवदेश कुमार, पटना जिला के गोपालपुर थाना के कुछआरा मोड़ प्रतिभा कॉलोनी का नीतीश कुमार और समस्तीपुर के हसनपुर की रीना कुमारी। इसमें संजीव कुमार अपने बेटा अनुराग यादव की सेटिंग कराने के लिए प्रश्न-पत्र रटवाने के लिए उसे लेकर अपनी पत्नी रीना कुमारी के साथ यहां आया था।

ईओयू के पास पूछताछ के लिए नहीं आए कोई अभ्यर्थी
ईओयू ने पूछताछ के लिए मंगलवार को 9 अभ्यर्थियों को बुलाया था, लेकिन कोई भी उपस्थित नहीं हुए। हालांकि 18 और 19 जून दो दिन का समय पूछताछ के लिए निर्धारित किया गया है। इसे देखते हुए यह संभावना व्यक्त की जा रही है कि 19 जून को अभ्यर्थी पूछताछ के लिए आ सकते हैं। अगर ईओयू के निर्धारित तारीखों पर अभ्यर्थी उपस्थित नहीं होते हैं, तो इनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। उन्हें कोर्ट के स्तर से नोटिस करके बुलाया जा सकता है। गौरतलब है कि ये वही नौ अभ्यर्थी हैं, जिनकी जानकारी ई-मेल के जरिए एनटीए (नेशनल टेस्टिंग एजेंसी) ने ईओयू को भेजी थी। हालांकि, ईओयू की जांच का दायरा बढ़ता जा रहा है। कई और इलाकों में इस मामले को लेकर छापेमारी की जा रही है। हालांकि इस बात अभी कोई खुलासा नहीं हुआ है।
 

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