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बिहार नहीं, यूपी-हरियाणा बॉर्डर से सबसे पहले लीक हुआ था नीट का पेपर; रवि अत्री की क्या भूमिका?

नीट पेपर लीक की जांच में नए खुलासे के मुताबिक 5 मई को परीक्षा से पहले प्रश्न पत्र बिहार से नहीं बल्कि यूपी और हरियाणा की सीमा से आउट हुआ था। इसमें यूपी के सरगना रवि अत्री की भूमिका सामने आई है।

बिहार नहीं, यूपी-हरियाणा बॉर्डर से सबसे पहले लीक हुआ था नीट का पेपर; रवि अत्री की क्या भूमिका?
Jayesh Jetawatहिन्दुस्तान,पटनाSat, 22 Jun 2024 08:03 PM
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नीट पेपर लीक मामले में नई जानकारी सामने आई हैय़। कहा जा रहा है कि नीट का पेपर बिहार नहीं बल्कि सबसे पहले यूपी और हरियाणा के बॉर्डर के पास स्थित किसी एग्जाम सेंटर से लीक किया गया था। इसके बाद इसे बिहार समेत अन्य जगहों पर प्रसारित किया गया। नीट पेपर लीक कांड में उत्तर प्रदेश के मेरठ की जेल में बंद रवि अत्री की भूमिका प्रमुख रूप से सामने आ रही है। बिहार की आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) के सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक सॉल्वर एवं सेटर अतुल वत्स्य और अंशुल सिंह के तार भी यूपी के माफिया गिरोह रवि अत्री से जुड़ रहे हैं। उसने जेल के अंदर से ही नीट पेपर लीक का पूरा तानाबना बुना।

मेडिकल एंट्रेंस के लिए देश भर में 5 मई को नीट यूजी परीक्षा का आयोजन किया गया था। इससे एक दिन पहले 4 मई की रात को बिहार के पटना जिले के खेमनीचक इलाके में स्थित लर्नेड प्ले स्कूल में 35-40 अभ्यर्थियों को नीट का पेपर और उत्तर रटवाया जा रहा था। पुलिस ने जब यहां छापेमारी की तो 16 लोगों को गिरफ्तार किया था। साथ ही मौके से कई कागजातों के साथ प्रश्न-पत्र के जले हुए टुकड़े भी मिले। इसी से पता चला कि नीट का पेपर लीक हुआ है। बिहार ईओयू ने जले हुए प्रश्न-पत्र के अवशेष पर दर्ज अधूरे कोड के आधार पर यह पता लगाने की कोशिश की कि यह लीक कहां से हुआ। 

ईओयू की जांच अब बिहार से बाहर झारखंड और यूपी एवं हरियाणा तक पहुंच गई है। झारखंड के देवघर में ईओयू ने छापेमारी कर शुक्रवार रात को 6 लोगों को गिरफ्तार किया। इनमें बालदेव कुमार उर्फ सिंटू उर्फ चिंटू, पंकु कुमार, परमजीत सिंह उर्फ बिट्टू, काजू उर्फ प्रशांत कुमार, अजीत कुमार, राजीव कुमार उर्फ कारू शामिल हैं। इनमें से 5 बिहार के नालंदा जिले के रहने वाले हैं। ईओयू इन्हें पटना लाकर किसी गुप्त स्थान पर पूछताछ कर रही है।

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नीट पेपर लीक का मास्टरमाइंड कौन?
नीट पेपर लीक की जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है, इसके मास्टरमाइंड भी बदल रहे हैं। पहले पटना से गिरफ्तार पथ निर्माण विभाग के जूनियर इंजीनियर सिकंदर यदुवंशी को इसका सरगना माना जा रहा था। बाद में और खुलासे हुए तो नालंदा जिले के निवासी संजीव मुखिया को सरगना माना गया। वह अभी तक फरार चल रहा है। मगर अब यूपी की जेल में बंद रवि अत्री को पूरे पेपर लीक कांड का मुख्य सरगना बताया जा रहा है। हालांकि, अभी तक ईओयू ने आधिकारिक रूप से उसकी भूमिका स्पष्ट नहीं की है।

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कौन है रवि अत्री?
रवि अत्री एक शातिर अपराधी है, जिसका कई परीक्षाओं की धांधली में नाम आ चुका है। यूपी पुलिस सिपाही भर्ती के पेपर लीक कांड में वह मेरठ की जेल में बंद है। रवि मूलरूप से ग्रेटर नोएडा के लिम्का गांव का रहने वाला है। 2007 में वह कोटा में मेडिकल एंट्रेंस की तैयारी करने गया था, वहीं पर वो पेपर लीक गिरोह के संपर्क में आ गया। इसके बाद वह पढ़ाई बीच में छोड़कर परीक्षाओं में धांधली करने लग गया। बाद में उसने हरियाणा का मेडिकल एंट्रेंस टेस्ट पास किया और रोहतक पीजीआई में एमबीबीएस कोर्स में एडमिशन लिया। मगर वहां भी उसने पढ़ाई पूरी नहीं की।