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बिहार: पंचायत चुनाव में नक्सली दे रहे दस्तक, मुंगेर में मुठभेड़ में चली 50 राउन्ड गोलियां

लाइव हिन्दुस्तान,मुंगेरPublished By: Sudhir Kumar
Tue, 21 Sep 2021 10:31 AM
बिहार: पंचायत चुनाव में नक्सली दे रहे दस्तक, मुंगेर में मुठभेड़ में चली 50 राउन्ड गोलियां

बिहार के मुंगेर से पुलिस और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ की खबर आ रही है। दोनों ओर से 50 राउंड से ज्यादा फायरिंग की बात बताई जा रही है। हालांकि इस मुठभेड़ में किसी के हताहत होने की सूचना अभी तक नहीं है। घटना धरहरा प्रखंड के सखौल की है।एसपी जगुनाथ रेड्डी जलारेड्डी ने इसकी पुष्टि की है। इसमें नक्सली परवेश दा की टीम का हाथ बताया जा रहा है।

पंचायत चुनाव को प्रभावित करना था नक्सलियों का मकसद

मुंगेर पुलिस को गुप्त सूचना मिली की पंचायत चुनाव में अपना प्रभाव दिखाने के लिए नक्सलियों का जत्था सखौल  के समीप जंगली पहाड़ी पर जुटा हुआ है। नक्सलियों की संख्या लगभग 35 बताई गई। एसटीएफ और जिला पुलिस की कंबाइंड टीम को इसका सत्यापन करने के लिए भेजा गया। रविवार की देर शाम यह संयुक्त टीम जैसे ही इलाके में पहुंची कि नक्सलियों ने फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस जवाबी कार्रवाई के लिए तैयार थी। एसटीएफ और जिला पुलिस की टीम ने भी फायर खोल दिया।  ऑपरेशन में पुलिस टीम को काफी दिक्कत का सामना करना पड़ा क्योंकि नक्सली दास्तां पहाड़ी के ऊपर था और पुलिस को नीचे से उनका जवाब देना पड़ा। पुलिस करवाई को देखते हुए अंधेरे का लाभ उठाकर नक्सली फरार हो गए। इससे पहले नक्सलियों ने 30 से 40 चक्र फायरिंग की। जवाब में पुलिस ने भी 15-20 चक्र गोलियां चलाई। इलाके में सर्च ऑपरेशन अभी जारी है।

थाली पीट कर नक्सलियों ने मारक दस्ता को दिया था सिंगनल 

जानकारी के अनुसार जब पुलिस सखौल कोल के समीप पहुंचा। तो थाली पीटने की आवाज हुई। पुलिस टीम ने समझा कि आस-पास के गांवों में आदिवासी समुदाय के लोग करमा-धरमा पर्व मना रहे है। इसी कारण भोज उपरांत थाली पीटा जा रहा है। लेकिन थाली पीटने के साथ ही नक्सलियों ने ताबड़तोड़ फायरिंग शुरु कर दी। जिसके बाद पुलिस को अंदेशा हुआ कि थाली पीट कर पुलिस आने का सिंगनल नक्सलियों के मारक दस्ता को दिया गया। जिसके बाद जबाबी कार्रवाई में पुलिस को भी फायरिंग करनी पड़ी।

परवेश दा सहित कई मुख्य नक्सली नेताओं का था जमाबड़ा  

जानकारी के अनुसार शीर्ष नक्सली नेता नारायण कोड़ा, बालेश्वर कोड़ा, सुरेश कोड़ा के ग्रुप में अमुमन 08 से 11 सदस्य होते है। जबकि परवेश दा के ग्रुप में 25 से 30 की संख्या में मारक दस्ता की टीम रहती है। जिस टीम से मुठभेड़ हुआ था वह परवेश दा का था। जबकि पास ही नारायण कोड़ा, सुरेश कोड़ा एवं बालेश्वर कोड़ा अपनी टीम के साथ डेरा डाले हुए थे। जो पुलिसिया कार्रवाई के बाद अंडर ग्राउंड हो गये।

अपहरण अथवा बड़ी घटना को अंजाम देने की थी योजना 

जानकारी के अनुसार पंचायत चुनाव में अपनी उपस्थिति दर्ज कराने के लिए इन दिनों मुंगेर, लखीसराय एवं जमुई के पहाड़ी जंगल में नक्सलियों का ग्रुप डेरा डाले हुए है। इनका ग्रुप पहाड़ से नीचे उतर कर लगातार रैकी भी कर रहा है। नक्सलियों की योजना थी कि किसी बड़ी घटना को अंजाम देकर पंचायत चुनाव में अपनी उपस्थिति दर्ज कराये। जबकि कुछ चिह्नित मुखिया एवं अन्य पंचायत प्रतिनिधियों के अपहरण की भी योजना थी। क्योंकि नक्सलियों ने कुछ दिन पूर्व कुछ मुखिया से रंगदारी का भी डिमांड किया था।

कहते हैं पुलिस अधीक्षक  

एसपी जगुनाथरेड्डी जलारेड्डी ने बताया कि रविवार की देर शाम सखौल कोल में पुलिस-नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुआ था। दोनों ओर से गोलियां भी चली। अंधेरे का फायदा उठाते हुए नक्सली घने जंगल के रास्ते भाग निकले। एसटीएफ व पुलिस टीम ने पीछा भी किया। लेकिन रात हो जाने के कारण पुलिस टीम वापस लौट आई। इस मुठभेड़ में किसी तरह की कोई हताहत नहीं हुई है।

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