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NEET पेपर लीक के मास्टरमाइंड से जुड़ा तेजस्वी के पीए का नाम; JDU ने पूछा- प्रीतम पर चुप्पी क्यों?

नीट पेपर लीक के मास्टरमाइंड से तेजस्वी के पीए का नाम जुड़ने पर सियासत तेज हो गई है। जेडीयू के एमएलसी नीरज कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूछा कि तेजस्वी इस मामले पर चुप क्यों हैं। प्रीतम से प्रीत क्यों?

NEET पेपर लीक के मास्टरमाइंड से जुड़ा तेजस्वी के पीए का नाम; JDU ने पूछा- प्रीतम पर चुप्पी क्यों?
jdu mlc neeraj kumar
Sandeepलाइव हिन्दुस्तान,पटनाThu, 20 Jun 2024 03:57 PM
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नीट पेपर लीक मामले में नेता प्रतिपक्ष और पूर्व डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव के पीए प्रीतम कुमार का नाम आने से सियासत तेज हो गई है। इस मामले में प्रीतम के परिवार से ताल्लुक रखने वाले सिकंदर यदवंदु की गिरफ्तारी हुई है। जिसके बाद जेडीयू ने तेजस्वी यादव पर हमला बोला है। और उनकी चुप्पी को लेकर सवाल खड़े किए हैं। 

जेडीयू एमएलसी और प्रवक्ता नीरज कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि तेजस्वी यादव को प्रीतम से प्रीत क्यों? कभी मनी चाहिए कभी प्रीतम चाहिए। कुमार ने कहा कि हमारा सवाल ये है कि नीट पेपर लीक मामले में जो गिरफ्तारी सिकंदर यादवेंदु की हुई है। वो कनीय अभियंता था। जिसकी सेवा जल संसाधन विभाग को जांच के बाद वापस कर दी गई थी।

लेकिन जब सैंया भए कोतवाल तो डर काहे का। जैसे ही तेजस्वी यादव मंत्री बने। वैसे ही दोबारा वो नगर विकास विभाग के दानापुर मसौढ़ी बिहटा के प्रभार में आ गया। पटना मेट्रो, बुडको के ये रसूखदार बन गए। और इस विभाग के सिकंदर बन गए। और अब ये नीट के मामले में परड़ाए गए हैं। और इनके परिजन भी पकड़े गए हैं। 

जिन तेजस्वी यादव की हर सवाल पर जुबान खुलती है। लेकिन नीट के मामले पर आपकी खामोशी का राज, क्या प्रीतम के परिजन इसमें शामिल हैं। इसके चलते आप नहीं बोल पा रहे। आखिर क्या मजबूरी है। जुबान खोलिए। नीरज ने कहा नीट पेपर मामले की जांच बिहार की आर्थिक अपराध शाखा कर रही है। वो भी स्वत: कर रही है। किसी ने इसकी अनुशंसा भी नहीं की थी। आखिर इस मामले पर तेजस्वी यादव चुप्पी क्यों साधे हैं। 

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आपक बता दें नीट पेपर लीक मामले में गिरफ्तार हुए सिकंदर प्रसाद यादवेंदु समेत 13 मुख्य आरोपितों से पूछताछ में यह भी स्पष्ट हुआ है कि पैसे सीधे या किसी एक व्यक्ति के माध्यम से मुख्य सेटर तक नहीं पहुंचे। बल्कि कई चैनलों के माध्यम से गए हैं, जिसमें रास्ते में हर किसी ने अपना-अपना कमीशन काटकर राशि मुख्य सेटर तक पहुंचाई गई है।

अब तक की जांच में ठोस सबूत के तौर पर रामकृष्णा नगर वाले निजी स्कूल में रटवाए जा रहे करीब 40 छात्रों के बारे में ही सटीक जानकारी मिली है। यहां प्रत्येक छात्रों से औसतन 35 लाख रुपये के आसपास वसूली गई है। कुछ छात्रों ने ही पूरी राशि का भुगतान नहीं किया था। इस आधार पर 14 करोड़ की डिलिंग सिर्फ इसी स्थान पर हुई है।

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इस मामले में ईओयू 2 अभ्यर्थियों से भी पूछताछ कर चुकी है। हालांकि पूछताछ में 7 छात्र हाजिर नहीं हुए थे। एनटीए ने ईओयू को 9 संदिग्ध छात्रों की लिस्ट दी थी। जिसमें दो छात्रों से पूछताछ हुई है।