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28 फरवरी, 2020|8:09|IST

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मुजफ्फरपुर बालिका गृह में घिनौने कृत्यों से पर्दा हटते ही बिहार की राजनीतिक गलियारे में मच गया था बवंडर

ngo owner brajesh thakur

मुजफ्फरपुर बालिका गृह में हो रहे घिनौने कृत्यों पर से पर्दा हटते ही सूबे की सियासत में तूफान खड़ा हो गया था। मुख्य आरोपी ब्रजेश के चेहरे पर फेंकी गई स्याही के छींटे कई सफेदपोशों पर पड़ती दिख रही थी। विधानसभा से लेकर लोकसभा तक में विपक्षी पार्टी हमलावर हो रहे थे। तत्कालीन समाज कल्याण मंत्री मंजू वर्मा को अपना पद छोड़ना पड़ा था।

विपक्ष में बैठे नेता भी आरोपों के तीर से नहीं बच पाए। माना जाता है कि पटना के बॉबी कांड के बाद सूबे का दूसरा ऐसा बड़ा कांड था जिसकी इतनी तपिश राजनीतिक गलियारों में महसूस की गई। मुख्य आरोपी ब्रजेश ठाकुर का रसूख भी बहुदलीय था। ‘पत्रकारिता’ और ‘समाज सेवा’ के कॉकटेल से वह कभी भी, कहीं भी इंट्री पा लेता था। इसलिए भी घटना के खुलासे के बाद हर पार्टी अपने हमाम में खुद का देखकर परेशान थी।

तेजस्वी ने लगाया था मंत्री सुरेश शर्मा पर आरोप  
विधानसभा के अंदर से लेकर बाहर तक राजद नेता तेजस्वी यादव ने कई बार नगर विकास मंत्री सुरेश शर्मा पर ब्रजेश के करीबी होने और उसे बचाने का आरोप लगाया। दोनेां ओर से जमकर आरोप-प्रत्यारोप चले। बाद में मंत्री सुरेश शर्मा ने तेजस्वी यादव पर मुजफ्फरपुर कोर्ट में मानहानि का केस दर्ज करवाया। केस अभी भी चल रहा है।

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  • Web Title:Muzaffarpur Shelter Home rape Case Brajesh Thakur Delhi Saket Court