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28 फरवरी, 2020|8:24|IST

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मुजफ्फरपुर बालिका गृह कांड: चार साल में ब्रजेश की संस्था को मिला डेढ़ करोड़ अनुदान

muzaffarpur rape case

ब्रजेश ठाकुर की संपत्ति के बारे में प्रवर्तन निदेशालय को अबतक पूरी तरह जानकारी नहीं मिल सकी है। निदेशालय की जांच में जो बात सामने आयी है, उसके मुताबिक ब्रजेश ने अपने संबंधियों व संस्था के नाम से अकूत संपत्ति बनायी, जिसकी जांच जारी है। जांच में पता चला कि ब्रजेश सेवा संकल्प समिति के माध्यम से आठ आश्रय गृह चला रहा था, इनमें बालिका गृह के अलावा खुला आश्रय, सहारा वृद्धाश्रम, अल्पावास गृह व महिला हेल्पलाइन शामिल थीं।

इन संस्थाओं के नाम पर ब्रजेश को चार साल में ही डेढ़ करोड़ की राशि का भुगतान किया गया था। जिला कल्याण पदाधिकारी ने प्रवर्तन निदेशालय को रिपोर्ट सौंप दी है, लेकिन इसमें भी ब्रजेश की कुल कमाई का हिसाब शामिल नहीं है। डेढ़ करोड़ की राशि तो कागजी तौर पर उसे बतौर अनुदान चार साल में ही दिया गया था।

पटना, मधुबनी व मोकामा शिफ्ट की गई थीं 46 बच्चियां

समाज कल्याण विभाग के निदेशक के निर्देश पर 31 मई को साहू रोड स्थित सेवा संकल्प और विकास समिति के खिलाफ महिला थाने में एफआईआर करायी थी। इससे पूर्व तब के सहायक निदेशक व बाल संरक्षण पदाधिकारी ने कड़ी सुरक्षा में 46 बच्चियों को पटना, मधुबनी व मोकामा शिफ्ट कर दिया था। एफआईआर होने के बाद तत्कालीन एसएसपी हरप्रीत कौर ने केस की आईओ के अलावा जांच में नगर डीएसपी और सिटी एसपी समेत कई इंस्पेक्टर को लगाया। खुद भी बालिका गृह की जांच की। इस दौरान पुलिस को टिस की रिपोर्ट के आलोक में कई अहम सबूत मिले। इसके आधार पर एसएसपी के आदेश पर सेवा संकल्प व विकास समिति के संरक्षक ब्रजेश ठाकुर व सात अन्य महिला कर्मियों को हिरासत में लिया गया।

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  • Web Title:Muzaffarpur Shelter Home rape Case Brajesh organization received 1 5 crore grant in four years