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हिंदी न्यूज़ बिहारमुजफ्फरपुर: अस्पताल ने मरीजों की आंख से जानबूझकर किया खिलवाड़, जांच रिपोर्ट में हुए चौंकाने वाले खुलासे

मुजफ्फरपुर: अस्पताल ने मरीजों की आंख से जानबूझकर किया खिलवाड़, जांच रिपोर्ट में हुए चौंकाने वाले खुलासे

हिन्दुस्तान ब्यूरो,पटनाSneha Baluni
Sat, 04 Dec 2021 08:28 AM
मुजफ्फरपुर: अस्पताल ने मरीजों की आंख से जानबूझकर किया खिलवाड़, जांच रिपोर्ट में हुए चौंकाने वाले खुलासे

मुजफ्फरपुर के निजी क्षेत्र के आई अस्पताल में मोतियाबिंद के ऑपरेशन के दौरान अस्पताल द्वारा आंख के ऑपरेशन को लेकर निर्धारित मानकों का पालन नहीं किया गया। निर्धारित मानकों की अनदेखी का नतीजा यह हुआ कि संक्रमण के कारण कई लोगों की आंखों की रोशनी चली गई और कई की आंखें निकालनी पड़ी। शुक्रवार को स्वास्थ्य विभाग द्वारा गठित जांच टीम मुजफ्फरपुर से पटना लौट गई और अपनी प्रारंभिक जांच रिपोर्ट विभाग के अपर मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत को सौंप दी।

विस्तृत जांच रिपोर्ट माइक्रोबायोलॉजी लैब में जांच के लिए भेजे गए ऑपरेशन थिएटर से एकत्र किए गए सैंपल और उपकरणों से लिए गए सैंपल की रिपोर्ट मिलने के बाद सौंपी जाएगी। विभाग की ओर से गठित इस जांच टीम का नेतृत्व नेत्र रोग के राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ हरिश्चंद्र ओझा ने किया। इस टीम में पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल के सहायक प्राध्यापक डॉ. सुनील कुमार परमार और तकनीकी सहायक राजेंद्र प्रसाद शामिल थे।

स्वास्थ्य विभाग के आधिकारिक सूत्रों के अनुसार जांच टीम ने अपनी रिपोर्ट के साथ ही मुजफ्फरपुर के असैनिक अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी के नेतृत्व में स्थानीयस्तर पर गठित चार सदस्यीय जांच टीम की रिपोर्ट भी संलग्न कर सौंपी है। जांच टीम की रिपोर्ट के अनुसार आई अस्पताल में मरीजों के लिए बेड काफी सटे हुए लगाए गए थे, ऑपरेशन थियेटर में टेबलों की संख्या भी मानक से अधिक थी।

रिपोर्ट में पीड़ितों से बातचीत में मिली जानकारी का भी उल्लेख किया गया है। रिपोर्ट में एक दिन में ही आंख के मोतियाबिंद के 65 ऑपरेशन किये जाने, ऑपरेशन के बाद मरीजों की आंखों मे जलन और पानी आने की समस्या, मवाद भर जाने और फिर 15 मरीजों की एक-एक आंख के निकाले जाने का भी उल्लेख किया गया है। मोतियाबिंद के ऑपरेशन कराने वाले सभी मरीजों की सूची भी सौंपी गई है।

अस्पताल को फिलहाल बंद रखने की अनुशंसा

जांच टीम ने अपनी रिपोर्ट में फिलहाल आई अस्पताल को बंद रखने की अनुशंसा की गई है। इसके साथ ही, जिला प्रशासन द्वारा आई अस्पताल के चिकित्सक और कर्मियों के खिलाफ स्थानीय थाना में दर्ज कराई गई प्राथमिकी की भी जानकारी दी गई है।

आईजीआईएमएस में इलाज की निःशुल्क व्यवस्था के निर्देश

जानकारी के अनुसार मुजफ्फरपुर से सभी आंखों के ऑपरेशन कराने के बाद पीड़ित मरीजों को आईजीआईएमएस, पटना में लाकर निःशुल्क इलाज करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके आधार पर एसकेएमसीएच, मुजफ्फरपुर से मरीजों को लाये जाने की कार्रवाई शुरू कर दी गई।

मुजफ्फरपुर से नौ मरीज आए आईजीआईएमएस, इलाज शुरू

मुजफ्फरपुर आई हॉस्पिटल की लापरवाही के शिकार हुए मरीजों का इलाज पटना के आईजीआईएमएस में शुरू हो गया है। अस्पताल में इन मरीजों के लिए बीस बेड का अलग वार्ड बनाया गया है। विशेषज्ञ डॉक्टरों का पैनल इन मरीजों के उपचार में जुट गया है। शुक्रवार शाम पैनल के डॉक्टरों की बैठक हुई। जिसमें सभी मरीजों की मेडिकल हिस्ट्री/केस का अध्ययन किया गया। मुजफ्फरपुर से आने के बाद इन मरीजों की पहले कोरोना जांच की गई, जिसमें सभी निगेटिव पाए गए हैं।

आईजीआईएमएस के निदेशक प्रो. एनआर विश्वास ने बताया कि नौ मरीजों को मुजफ्फरपुर से यहां लाया गया है, जिनका उपचार चल रहा है। आंख क्यों खराब हुई, इसका भी परीक्षण किया जा रहा है। खराब आंख को कैसे ठीक किया जाए, इस पर विशेषज्ञ मंथन कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि 20 बेड इन मरीजों के लिए सुरक्षित रखा गया है। कुछ और मरीजों के मुजफ्फरपुर से आने की संभावना है। जैसे ही मरीजों को वहां से आने की सूचना मिलेगी, यहां उनके उपचार की सभी सुविधाएं उपलब्ध करा दी जाएंगी।

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