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1 मार्च, 2021|3:53|IST

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बिहार के इस शहर में अवैध होर्डिंग पर चलेगा नगर निगम का हथौड़ा

भागलपुर के प्रमुख चौक-चौराहों से लेकर सड़कों तक, जिधर नजर जाती है, उधर होर्डिंग्स ही दिखता है। स्टेशन चौक, घंटाघर चौक, पुलिस लाइन रोड, तिलकामांझी, आदमपुर सहित प्रमुख इलाकों में अब होर्डिंग्स लगाने की जगह भी नहीं बची है। अलबत्ता होर्डिंग की लंबी फेहरिस्त अब जेल रोड पर भी दिखने लगी है। कदम-कदम पर लोगों की नजरें खींचने वाली इस होर्डिंग्स की संख्या हजारों है। लेकिन नगर निगम के रजिस्टर में दर्ज होर्डिंग्स की संख्या बहुत कम है। बहरहाल यह सिर्फ संख्या कम और अधिक होने की बात नही बल्कि निगम के लाखों रुपए राजस्व नुकसान का भी मामला है। इसलिए शहर में लगे अवैध होर्डिंग के खिलाफ नगर निगम का अभियान चलेगा।

शुक्रवार को मेयर सीमा साहा ने सिटी मैनेजर और होर्डिंग शाखा के प्रभारी मो. रेहान से इस बारे में जानकारी ली। उन्होंने कहा है शनिवार को होर्डिंग मामलों की विशेष समीक्षा की जाएगी। शहर में कितने होर्डिंग लगे हैं और उससे कितना राजस्व मिल रहा है। इसकी जानकारी ली जाएगी। संबंधित शाखा को इसकी तैयारी करने को कहा गया है। निर्णय लिया गया है एक सप्ताह के अंदर इसपर अभियान चलाया जाएगा। शहर की विभिन्न सड़कों से गुजरते हुए नगर निगम के अधिकारियों की नजर इन होर्डिंग्स पर भी जाती है लेकिन सबकुछ जानकर भी वे कभी इस अनियमितता पर कोई एक्शन नहीं लेते हैं जो निगम की कार्यप्रणाली पर बड़ा सवाल खड़ा करता है।

आकलन के अनुसार सिर्फ स्टेशन चौक से लेकर घंटाघर चौक तक में 250 से अधिक होर्डिंग लगे हैं। इसके अलावा शहर के अन्य हिस्सों में भी अच्छी खासी संख्या है। सूत्रों का कहना है कि कई एजेंसियां तो ऐसी हैं जिन्होंने निगम को 10 होर्डिंग्स की सूची दी है पर उसने इससे तीन गुना होर्डिग लगा रखा है। घपला सिर्फ होर्डिंग्स की संख्या में ही नहीं है बल्कि उसके साइज में भी है। निगम कार्यालय को 8 फीट लंबे और 8 फीट चौड़े होर्डिंग की सूची दी जाती है पर लगने वाले होर्डिंग की साइज डेढ़गुनी या दोगुनी कर दी जाती है।

होर्डिंग लगाने में मानदंडों का नहीं होता है पालन
नगर निगम के मानदंड के अनुसार कोई भी होर्डिंग सड़क किनारे ही नहीं बल्कि रोड फ्लैंक के किनारे लगाना है। ताकि लोगों को पैदल चलने में भी असुविधा नहीं हो। लेकिन शहर में कई जगहों पर होर्डिंग सड़क के ठीक किनारे लगा दिया गया है। उदाहरण के तौर पर कचहरी चौक, घूरनपीर बाबा चौक, एसएम कालेज रोड आदि कुछ स्थल हैं। घूरनपीर बाबा चौक के पास तो सड़क के चौड़ीकरण में ऐसे कई होर्डिंग स्टैंड को उखाड़ना पड़ा। अबतक अवैध होर्डिंग लगाने वालों पर नगर निगम द्वारा कोई सख्ती नहीं बरती गई है।

होर्डिंग लगाने के मानदंड
- कोई भी होर्डिंग बिना निगम के अनुमति के नहीं लगाए जा सकते हैं
- सड़क के फ्लैंक (पगडंडी) के बाद लगाना है
- ऐसी जगहों पर होर्डिंग नहीं लगना है जिससे आवागमन में दिक्कत हो
- किसी ऐतिहासिक भवन या स्मारक के पास होर्डिंग नहीं लगाना है
- निगम द्वारा निर्धारित आकार का ही होर्डिंग लगाना है
- ऐसी जगहों पर होर्डिंग नहीं लगना है जिससे शहर का सौंदर्यीकरण प्रभावित हो

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  • Web Title:municipal corporation will remove illegal hoarding in bhagalpur city of bihar