ट्रेंडिंग न्यूज़

अगला लेख

अगली खबर पढ़ने के लिए यहाँ टैप करें

Hindi News बिहारMLC By Election: जेडीयू ने भगवान सिंह को बनाया कैंडिडेट, रामबली की सदस्यता रद्द होने खाली हुई थी सीट

MLC By Election: जेडीयू ने भगवान सिंह को बनाया कैंडिडेट, रामबली की सदस्यता रद्द होने खाली हुई थी सीट

बिहार विधान परिषद उपचुनाव के लिए जेडीयू ने भगवान सिंह कुशवाहा को प्रत्याशी बनाया है। राजद के पूर्व एमएलसी रामबली चंद्रवंशी की पार्टी विरोधी गतिविधियों के चलते सदस्यता रद्द कर दी गई थी।

MLC By Election: जेडीयू ने भगवान सिंह को बनाया कैंडिडेट, रामबली की सदस्यता रद्द होने खाली हुई थी सीट
Sandeepलाइव हिन्दुस्तान,पटनाMon, 24 Jun 2024 10:58 PM
ऐप पर पढ़ें

बिहार विधान परिषद की खाली हुई एक सीट के लिए नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू ने अपने प्रत्याशी की घोषणा कर दी है। जदयू ने पूर्व मंत्री भगवान सिंह कुशवाहा को अपना उम्मीदवार बनाया है। दो जुलाई को  भगवान कुशवाहा नामांकन दाखिल करेंगे। राजद विधान परिषद सदस्य रामबली चंद्रवंशी की सदस्यता रद्द होने के बाद यह सीट खाली हुई थी।

आपको बता दें बिहार के पूर्व मंत्री और जगदीशपुर से चार बार विधायक रहे भगवान सिंह कुशवाहा ने साल 1990 में  भाकपा (माले) की टिकट पर चुनाव जीता था। इसके बाद वर्ष 2006 में उन्होंने इस सीट से जदयू की टिकट पर चुनाव लड़ा और उन्हें जीत हासिल हुई थी।  2020 के विधानसभा चुनाव में जनता दल यूनाइटेड से टिकट नहीं मिलने से नाराज भगवान सिंह कुशवाहा ने बगावत कर दी थी। और लोक जनशक्ति पार्टी के सिंबल पर जगदीशपुर से चुनाव लड़े थे। और फिर 2021 में फिर से जेडीयू में उनकी वापसी हुई थी।

वहीं लालू यादव की पार्टी आरजेडी भी नए चेहरे पर मंथन कर रही है। अगले साल होने वाले बिहार विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते प्रत्याशी का चयन करेगी। आरजेडी ने अपनी ही पार्टी के पूर्व एमएलसी रामबली चंद्रवंशी को पार्टी के खिलाफ गतिविधियों और बेतुके बयानों के चलते पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया था। 

रामबली चंद्रवंशी जातीय जनगणना को लेकर लगातार लालू यादव और तेजस्वी के खिलाफ बयान दे रहे थे।  राजद विधान पार्षद और पार्टी के तत्कालीन उप-मुख्य सचेतक सुनील सिंह ने 2 नवंबर 2023 को याचिका दायर की थी। इसे स्वीकार करते हुए पूरे मामले की सुनवाई परिषद के सभापति ने शुरू की थी। फिर विधान परिषद के सभापति के सामने पत्र दिया। तत्कालीन सभापति देवेशचंद्र ठाकुर ने  उनकी सदस्यता समाप्त करने के फैसले पर मुहर लगा दी थी। इसके बाद विधान परिषद के स्तर से इसकी अधिसूचना जारी कर दी गई है। 

16 जनवरी 2024 को इस मामले की अंतिम सुनवाई हुई थी। रामबली सिंह ने अपना पक्ष भी सभापति के समक्ष रखा था। उनके खिलाफ यह कार्रवाई संविधान के अनुच्छेद 191 (2) और संविधान की 10वीं अनुसूची के अलावा बिहार विधान परिषद दल विरोधी नियम के प्रावधानों के अंतर्गत की गई थी

Advertisement