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27 सितम्बर, 2020|4:22|IST

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नेपाल बॉर्डर पर बाजार बेजार, दुकानें खुलीं पर ग्राहक नदारद

बिहार में लॉकडाउन में ढील के बाद भारत-नेपाल सीमा पर स्थित इनरवा, रक्सौल, सुरसंड-भिट्ठामोड़, सोनबरसा, लदनिया एवं जयनगर के बाजारों में दुकानें खुल गई हैं, लेकिन ग्राहक नदारद हैं। लॉकडाउन से पहले इन बाजारों में सुबह से रात तक नेपाली ग्राहकों का तांता लगा रहता था। भारत-नेपाल बॉर्डर अब भी सील है। नेपाल में भयंकर महंगाई और जरूरत के सामान की किल्लत के बावजूद सीमावर्ती जिलों के लोग सस्ती खरीदारी के लिए बिहार के बाजारों तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। बाजार में कारोबार चौपट है। व्यावसायिक संगठनों और व्यापारियों का दर्द यह है कि उनकी पीड़ा पर कहीं चर्चा नहीं हो रही है।  
बीरगंज के अनाज व्यवसायी दुर्गेश बताते हैं कि दिन भर दुकानें खुली रहने के बावजूद बिक्री नहीं हो रही है। मकान मालिक को भाड़ा नहीं दे पा रहे हैं। पहले जो उधार माल भेजा गया था, उसकी वसूली के लिए व्यवसायी नेपाल में प्रवेश नहीं कर पा रहे हैं। जयनगर कैट के अध्यक्ष प्रितम बेरोलिया कहते हैं कि व्यावसायिक गतिविधियां शून्य हैं। निर्यात करने वाले बड़े व्यापारियों की लॉटरी खुल गई है। अब छोटे और मध्यम दर्जे के व्यापारी पलायन करेंगे। जयनगर चैंबर ऑफ कॉमर्स के महासचिव अनिल कुमार बेरोलिया कहते हैं कि नेपाल बॉर्डर सील होने से व्यवसायी संकट झेल रहे हैं। इसके बावजूद मुझे ऐसा नहीं लगता है कि सरकार या किसी पार्टी के खिलाफ माहौल है। मिथिलांचल चैंबर ऑफ कॉमर्स के महासचिव शंभु गुप्ता कहते हैं कि बॉर्डर पर व्यवसाय 25 प्रतिशत पर आ गया है।  नेपाल से रिश्ते में कड़वाहट में चीन की भूमिका है। केंद्र सरकार सख्त है, परन्तु अभी और अहम फैसले लेने होंगे। भारतीय बाजार नेपाल की लाइफ लाइन हैं। ये बाजार अनाज, कपड़ा, दवा एवं अन्य भारतीय सामान की बड़ी मंडी हैं, मगर अब बेजार हैं।  

उत्तर बिहार में बॉर्डर के प्रमुख बाजार
 रक्सौल(पूर्वी चंपारण)
इनरवा, सिकटा (पश्चिम चंपारण)  
सुरसंड भिट‌्ठामोड़ (सीतामढ़ी):
सोनबरसा (सीतामढ़ी)
जयनगर(मधुबनी): 

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  • Web Title:Market on Nepal border unoccupied shops open but customer absent