
बिहार सरकार में फिर से मंगल पांडे को जिम्मेदारी, उनके नाम है यह खिताब
बिहार में भारतीय जनता पार्टी के कद्दावर नेता मंडल पांडे को एक बार फिर मंत्री बनाया गया है। इससे पहले भी वह नीतीश सरकार में मंत्री थे। उन्हें स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी दी गई थी। सिवान...
बिहार में भारतीय जनता पार्टी के कद्दावर नेता मंडल पांडे को एक बार फिर मंत्री बनाया गया है। इससे पहले भी वह नीतीश सरकार में मंत्री थे। उन्हें स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी दी गई थी।
सिवान जिले के भृगु बलिया गांव से संबंध रखने वाले मंगल पांडेय उस वक्त भाजपा में शामिल हुए जब पार्टी बिहार में राजनीतिक जड़े जमाने की कोशिश कर रही थी। उस वक्त उन्होंने आखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ज्वाइन की और फिर आरएसएस से जुड़े। मंगल पांडे 1989 में बीजेपी में शामिल हुए। 2005 में वह राज्य भाजपा के महासचिव बने तो 2012 में वे बिहार विधान परिषद के सदस्य बने।
2013 में जब बिहार भाजपा अध्यक्ष के रूप में अचानक मंगल पांडे का नाम सामने आया तो ना सिर्फ भाजपा नेताओं बल्कि विपक्षी पार्टियों के लिए भी हैरानी की बात थी। जबकि इसे साफ तौर पर दूसरे टर्म से नकारे गए वयोवृद्ध नेता सीपी ठाकुर के गुट की हार और सुशील मोदी की जीत के रूप में देखा गया। युवा नेता के तौर पर तेजी से अपनी पहचान बनाने वाले मंगल पांडे सबसे कम उम्र में बिहार बीजेपी के अध्यक्ष बने थे।
2014 के लोकसभा चुनावों में पीएम पद के लिए नरेंद्र मोदी को आगे किए जाने से नाराज नीतीश कुमार की अगुवाई वाली जेडीयू एनडीए से अलग हो गई तो भाजपा ने विधानसभा चुनावों में एनडीए के सहयोगी दलों एलजेपी, हम और आरएलएसपी के साथ मैदान में उतरने का फैसला कर दिया। भाजपा के तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह द्वारा तय किए गए 'मिशन 185' की जिम्मेदारी उनको सौंपी थी। इसमें वह सफल नहीं हो सके, लेकिन कड़ी टक्कर देने का दम जरूर दिखाया। एनडीए को जेडीयू, कांग्रेस और आरजेडी गठबंधन की वजह से हार का सामना करना पड़ा था।
बिहार के नेता से BJP का बड़ा चेहरा बने मंगल पांडे
उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी के करीबी होने के साथ राष्ट्रीय स्तर पर मंगल पांडे की पहचान एक सशक्त संगठनकर्ता की भी है। भाजपा अध्यक्ष रहते हुए उन्होंने बिहार में पार्टी में दम भरा तो साझा सरकार में वह मंत्री बन गए। उनके चुनाव प्रभारी रहते हुए भाजपा को झारखंड और हिमाचल प्रदेश में तगड़ी जीत मिली।





